हुसैनाबाद में आचार संहिता की अनदेखी, बैनर पोस्टरों से पटी दीवारें और प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

हुसैनाबाद में आचार संहिता की अनदेखी, बैनर पोस्टरों से पटी दीवारें और प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

author Yashwant Kumar
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#हुसैनाबाद #आचारसंहिताउल्लंघन : नगर निकाय चुनाव के बीच सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम प्रचार सामग्री से बढ़ी प्रशासनिक निष्क्रियता की चर्चा।

हुसैनाबाद नगर निकाय चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। सार्वजनिक स्थलों और निजी दीवारों पर बैनर-पोस्टर लगाए जाने से चुनावी तंत्र की सक्रियता पर सवाल उठे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बाद भी कार्रवाई सीमित दिखी। अनुमंडल प्रशासन ने सघन जांच अभियान चलाने की बात कही है।

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  • सार्वजनिक स्थलों पर बैनर-पोस्टर लगाए जाने के आरोप।
  • रेलवे ओवर ब्रिज और निजी दीवारों पर प्रचार सामग्री चिपकाई गई।
  • यूट्यूब एंकर पर दर्ज हुआ आचार संहिता उल्लंघन का मामला।
  • अजय भारती और पवन चौधरी के पोस्टर पर विवाद।
  • एसडीओ गौरांग महतो ने सघन निरीक्षण का आश्वासन दिया।

हुसैनाबाद, पलामू में नगर निकाय चुनाव को लेकर लागू आदर्श आचार संहिता के सख्त अनुपालन के दावे अब सवालों के घेरे में हैं। क्षेत्र में कई स्थानों पर प्रत्याशियों द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों एवं निजी मकानों की दीवारों पर बैनर-पोस्टर लगाए जाने के मामले सामने आए हैं। मुख्य सड़कों, निजी भवनों और यहां तक कि रेलवे ओवर ब्रिज की दीवारों पर भी चुनाव प्रचार सामग्री देखी गई, जबकि नियमानुसार सार्वजनिक संपत्तियों पर इस प्रकार का प्रचार प्रतिबंधित है।

इन घटनाओं के बाद स्थानीय स्तर पर चुनावी तंत्र की सक्रियता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

सार्वजनिक संपत्तियों पर प्रचार सामग्री का मामला

नगर पंचायत क्षेत्र में विभिन्न प्रत्याशियों के बैनर और पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर लगे पाए गए। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में रेलवे ओवर ब्रिज पर लगाए गए बैनर को लेकर विशेष चर्चा हुई। बताया गया कि यह बैनर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी अजय भारती से संबंधित था। मामला सामने आने के बाद बैनर हटा लिया गया, लेकिन यह प्रश्न बना रहा कि क्या यह उल्लंघन अधिकारियों की नजर में पहले नहीं आया।

इसी तरह नगर पंचायत क्षेत्र में सुरेंद्र प्रसाद की पत्नी श्रीमती मीरा देवी के बाउंड्री वॉल पर बिना सहमति के अध्यक्ष प्रत्याशी अजय भारती एवं पवन चौधरी के चुनावी पोस्टर लगाए जाने की शिकायत भी सामने आई।

मीडिया पर कार्रवाई, प्रत्याशियों पर सवाल

हाल ही में एक यूट्यूब चैनल के एंकर सह संचालक पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया। इस कार्रवाई के बाद यह चर्चा शुरू हुई कि क्या चुनावी निगरानी का केंद्र केवल मीडिया और सोशल मीडिया गतिविधियां बन गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर खुलेआम हो रहे प्रचार उल्लंघनों पर अपेक्षित तत्परता नहीं दिख रही।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार सामग्री स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, तो इसकी निगरानी और हटाने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक इकाइयों की है।

प्रशासन का पक्ष

इस संबंध में हुसैनाबाद के निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडलाधिकारी गौरांग महतो ने कहा:

“फिलहाल दो अधिकारी निर्वाचन कार्य हेतु क्षेत्र से बाहर हैं। बुधवार से नगर पंचायत क्षेत्र में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला संज्ञान में आने पर संबंधित प्रत्याशियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक बैनर का मामला सामने आया था, जिसे संबंधित प्रत्याशी द्वारा तुरंत हटा लिया गया।

निष्पक्षता और पारदर्शिता की चुनौती

नगर निकाय चुनाव में आदर्श आचार संहिता का उद्देश्य सभी प्रत्याशियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा करना है। यदि नियमों का समान रूप से पालन नहीं कराया जाता, तो इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग सकते हैं।

चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासन, प्रत्याशी और मतदाता—सभी की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है। नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का आधार है।

न्यूज़ देखो: नियम सबके लिए समान हों

आचार संहिता केवल कागजी प्रावधान नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव की रीढ़ है। यदि उल्लंघन के मामलों में चयनात्मक सख्ती दिखे, तो लोकतांत्रिक विश्वास कमजोर होता है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह बिना भेदभाव नियमों को लागू करे और हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करे। अब देखना होगा कि सघन निरीक्षण अभियान कितनी पारदर्शिता के साथ लागू होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

लोकतंत्र का सम्मान नियम पालन से

चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है, लेकिन यह अनुशासन और जिम्मेदारी भी मांगता है।
प्रत्याशी नियमों का पालन करें, प्रशासन निष्पक्ष रहे और मतदाता सजग बनें।
सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

यदि आप अपने क्षेत्र में आचार संहिता उल्लंघन देखते हैं, तो उसे जिम्मेदारी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।
सजग नागरिक बनें, जागरूक रहें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और पारदर्शी चुनाव के लिए आवाज उठाएं।

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Written by

हुसैनाबाद, पलामू

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