ठंड का कहर: गोपीकांदर में दो गंभीर मरीज रेफर, झामुमो ने कंबल वितरण कर दी राहत

ठंड का कहर: गोपीकांदर में दो गंभीर मरीज रेफर, झामुमो ने कंबल वितरण कर दी राहत

author Saroj Verma
1 Views Download E-Paper (0)
#दुमका #शीतलहर_प्रभाव : गोपीकांदर में स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा दबाव, जरूरतमंदों को मिली सामाजिक सहायता।

दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड में बढ़ती ठंड का सीधा असर स्वास्थ्य और जनजीवन पर दिखने लगा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीकांदर में दो गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दुमका रेफर किया गया। वहीं शीतलहर को देखते हुए झामुमो कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कर राहत पहुंचाई। यह स्थिति ठंड के मौसम में स्वास्थ्य सतर्कता और सामाजिक सहयोग की अहमियत को दर्शाती है।

Join WhatsApp
  • गोपीकांदर सीएचसी में दो गंभीर मरीज भर्ती।
  • 70 वर्षीय सुशील मरांडी बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचे।
  • 48 वर्षीय मंगल मुर्मू को पेट की पथरी और तेज दर्द की शिकायत।
  • दोनों मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद दुमका रेफर किया गया।
  • झामुमो कार्यकर्ताओं ने ठंड को देखते हुए कंबल वितरण किया।
  • सुरजुडीह पंचायत के बड़ापाथर गांव में जरूरतमंदों को राहत।

दुमका जिले में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका असर आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी स्पष्ट रूप से नजर आने लगा है। गोपीकांदर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को दो गंभीर मरीजों को भर्ती कराया गया, जिनकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल दुमका रेफर कर दिया। वहीं दूसरी ओर, बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण कर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।

गोपीकांदर सीएचसी में भर्ती हुए गंभीर मरीज

शनिवार को गोपीकांदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दो अलग-अलग मामलों में गंभीर मरीजों को लाया गया। पहला मामला 70 वर्षीय सुशील मरांडी का है, जिन्हें परिजनों द्वारा बेहोशी की हालत में सीएचसी लाया गया। अस्पताल पहुंचने के समय मरीज की स्थिति चिंताजनक थी। चिकित्सकों के अनुसार मरीज की सांस चल रही थी, लेकिन वह होश में नहीं थे।

ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया और स्थिति का आकलन करने के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें दुमका सदर अस्पताल रेफर करने का निर्णय लिया। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है, क्योंकि ठंड कई बार गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है।

पेट की पथरी से पीड़ित मरीज को किया गया रेफर

दूसरा मामला 48 वर्षीय मंगल मुर्मू का है, जो पेट में तेज दर्द की शिकायत लेकर गोपीकांदर सीएचसी पहुंचे थे। जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि मरीज को पेट की पथरी की समस्या है, जिसके कारण दर्द अत्यधिक बढ़ गया था। प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें भी दुमका सदर अस्पताल रेफर कर दिया।

चिकित्सकों ने बताया कि समय पर इलाज नहीं मिलने की स्थिति में पथरी जैसी समस्या गंभीर रूप ले सकती है। ठंड के मौसम में इस तरह की समस्याओं में वृद्धि देखी जा रही है, इसलिए लोगों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई।

ठंड के मौसम में बढ़ी स्वास्थ्य चुनौतियां

स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से ठंड में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसके कारण बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों में स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। गोपीकांदर जैसे ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ठंड का असर अधिक देखने को मिल रहा है, जहां सीमित संसाधनों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।

डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी तरह की असामान्य स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

झामुमो ने किया कंबल वितरण

इधर बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए कंबल वितरण अभियान चलाया। यह वितरण सुरजुडीह पंचायत के बड़ापाथर गांव में किया गया, जहां ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित जरूरतमंद लोगों को कंबल उपलब्ध कराया गया।

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि ज्योतिष बास्की सहित कई झामुमो कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ठंड के इस मौसम में गरीब और असहाय लोगों की मदद करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

जरूरतमंदों को मिली राहत

कंबल पाकर जरूरतमंदों के चेहरे पर राहत और संतोष देखने को मिला। ग्रामीणों ने झामुमो कार्यकर्ताओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ठंड के इस कठिन समय में इस तरह की सहायता उनके लिए बहुत मायने रखती है। कार्यकर्ताओं ने भरोसा दिलाया कि आगे भी जरूरत के अनुसार सहायता जारी रखी जाएगी।

सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि ज्योतिष बास्की ने कहा:

“ठंड का यह मौसम खासकर गरीब और बुजुर्ग लोगों के लिए बेहद कठिन होता है। ऐसे में हमारी कोशिश है कि कोई भी व्यक्ति ठंड से परेशान न हो और जरूरतमंदों तक समय पर मदद पहुंचे।”

उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन को मिलकर ठंड के प्रभाव को कम करने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे।

न्यूज़ देखो: ठंड में सतर्कता और संवेदनशीलता जरूरी

गोपीकांदर की यह स्थिति बताती है कि ठंड के मौसम में स्वास्थ्य सेवाओं की सतर्कता और सामाजिक सहयोग दोनों बेहद जरूरी हैं। जहां एक ओर अस्पतालों पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं सामाजिक संगठनों की पहल राहत पहुंचा रही है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में प्रशासन और समाज की साझा भूमिका अहम होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

ठंड से बचाव और इंसानियत का साथ

ठंड के इस मौसम में सतर्क रहना और एक-दूसरे की मदद करना ही सबसे बड़ा बचाव है।
यदि आपके आसपास भी कोई जरूरतमंद है, तो आगे बढ़कर मदद करें।
इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और समाज में संवेदनशीलता की यह लौ जलाए रखें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

दुमका/देवघर

🔔

Notification Preferences

error: