
#झारखंड #मौसम #शीतलहर : उत्तर-पश्चिमी हवाओं के असर से तापमान लुढ़का, जनजीवन प्रभावित हुआ।
झारखंड में एक बार फिर कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है, जिससे शीतलहर की स्थिति बन गई है। गुमला में तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि खूंटी समेत अन्य जिलों में भी ठंड का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए 16 जनवरी तक 13 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
- गुमला में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज।
- खूंटी का न्यूनतम पारा गिरकर 2.7 डिग्री पहुंचा।
- डाल्टनगंज में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री रिकॉर्ड।
- लातेहार में अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे।
- 13 जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी।
- उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण ठंड में अचानक बढ़ोतरी।
झारखंड में सर्दी का सितम लगातार जारी है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच एक बार फिर पारा तेजी से नीचे लुढ़क गया है। शीतलहर और तेज सर्द हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। धूप से हटते ही कंपकंपी महसूस हो रही है और सुबह-शाम घर से निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव के सहारे ठंड से बचाव करते नजर आ रहे हैं।
गुमला और खूंटी में सबसे ज्यादा ठंड
राज्य में सबसे अधिक ठंड गुमला और खूंटी जिलों में महसूस की जा रही है। गुमला का न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे यहां फ्रीजिंग प्वाइंट जैसी स्थिति बन गई है। बीते 24 घंटे में गुमला के न्यूनतम तापमान में 1.0 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 14 जनवरी को यहां न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री था।
खूंटी में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। यहां न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। इससे पहले 9 जनवरी को खूंटी का पारा 1.5 डिग्री तक पहुंच गया था, जिसके कारण कुछ समय के लिए ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील होती दिखीं।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से पूरे झारखंड में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इन हवाओं की वजह से ठंडी हवा का असर तेज हुआ है, जिससे सुबह और रात के समय सर्दी ज्यादा महसूस की जा रही है। खासकर खुले इलाकों और ऊंचे पठारी क्षेत्रों में शीतलहर का प्रभाव अधिक देखा जा रहा है।
इन जिलों में न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड के विभिन्न जिलों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया है:
- बोकारो – 4.9 डिग्री सेल्सियस
- हजारीबाग – 5.2 डिग्री सेल्सियस
- सिमडेगा – 5.2 डिग्री सेल्सियस
- लोहरदगा – 6.0 डिग्री सेल्सियस
- सरायकेला – 6.1 डिग्री सेल्सियस
- लातेहार – 6.9 डिग्री सेल्सियस
- चाईबासा – 7.8 डिग्री सेल्सियस
- कोडरमा – 7.8 डिग्री सेल्सियस
- देवघर – 8.1 डिग्री सेल्सियस
- रांची – 9.0 डिग्री सेल्सियस
- जमशेदपुर – 9.3 डिग्री सेल्सियस
- पाकुड़ – 10.0 डिग्री सेल्सियस
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।
अधिकतम तापमान में हल्का सुधार, फिर भी राहत सीमित
हालांकि कुछ जिलों में अधिकतम तापमान में हल्का सुधार देखने को मिला है, लेकिन ठंड से पूरी तरह राहत नहीं मिल पाई है। पिछले 24 घंटे में चाईबासा में अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।
वहीं लातेहार एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 20 डिग्री से नीचे है। इसके कारण दिनभर भी लोगों को सिहरन महसूस होती रही।
प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा:
- रांची – 22.2 डिग्री
- जमशेदपुर – 25.2 डिग्री
- बोकारो – 23.5 डिग्री
- डाल्टनगंज – 25.6 डिग्री
- धनबाद – 23.0 डिग्री
- दुमका – 24.0 डिग्री
- देवघर – 24.2 डिग्री
13 जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट
मौसम केंद्र ने जानकारी दी है कि बीते 24 घंटों में गुमला, खूंटी, बोकारो, डाल्टनगंज और चाईबासा में शीतलहर की स्थिति देखी गई है। रांची में भी सुबह से ही तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण ठंड का असर अधिक रहा।
मौसम विभाग ने 16 जनवरी तक राज्य के 13 जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें शामिल हैं:
रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम।
प्रशासन ने की सावधानी बरतने की अपील
मौसम की गंभीरता को देखते हुए मौसम केंद्र और रांची जिला प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, अलाव से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अनावश्यक रूप से सुबह-रात बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
न्यूज़ देखो: सर्दी की चुनौती और प्रशासन की जिम्मेदारी
झारखंड में शीतलहर का बढ़ता असर जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। तापमान में लगातार गिरावट से गरीब और ग्रामीण आबादी सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। ऐसे में प्रशासन द्वारा अलाव, रैन बसेरा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी जरूरी होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
ठंड से बचाव में सतर्कता ही सुरक्षा
कड़ाके की ठंड में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। अपने आसपास जरूरतमंद लोगों की मदद करें और उन्हें ठंड से बचाने के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करें। यदि आपके क्षेत्र में ठंड से राहत के इंतजाम न हों, तो प्रशासन को अवगत कराएं। अपनी राय साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और जागरूकता फैलाने में भागीदार बनें।



