स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर चिंता, यातायात नियमों की जानकारी देना जरूरी — अनिल शर्मा

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर चिंता, यातायात नियमों की जानकारी देना जरूरी — अनिल शर्मा

author Tirthraj Dubey
35 Views
#पाण्डु #सड़कसुरक्षा : छुट्टी के बाद सड़कों पर दौड़ते बच्चे, हादसे का बढ़ा खतरा।

पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड में स्कूलों के आसपास छुट्टी के समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सड़कों पर दौड़ते और बिना देखे पार करते बच्चों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रखंड अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बच्चों को यातायात नियमों की शिक्षा देने की मांग की है।

Join WhatsApp
  • स्कूल छुट्टी के बाद सड़कों पर दौड़ते दिखते बच्चे
  • बिना देखे सड़क पार करने से दुर्घटना का खतरा बढ़ा
  • अनिल शर्मा ने बच्चों को यातायात नियम सिखाने पर दिया जोर।
  • स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग।
  • छुट्टी के समय शिक्षकों की निगरानी में बच्चों को पार कराने की अपील।

पलामू जिले के पाण्डु प्रखंड क्षेत्र में स्कूलों के आसपास छुट्टी के समय बच्चों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। छोटे-छोटे बच्चे बिना किसी मार्गदर्शन के सड़क पर दौड़ते हुए नजर आते हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

छुट्टी के समय बढ़ जाता है खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार, जैसे ही स्कूल की छुट्टी होती है, दर्जनों बच्चे एक साथ सड़कों पर निकल आते हैं। कई बच्चे जल्दबाजी में दौड़ते हुए सड़क पार करते हैं, जबकि उसी समय तेज रफ्तार से बाइक, ऑटो और अन्य वाहन गुजरते रहते हैं।

ऐसी स्थिति में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

अनिल शर्मा ने जताई चिंता

इस मुद्दे पर झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन पाण्डु एवं उंटारी रोड के पत्रकार संघ के प्रखंड अध्यक्ष अनिल शर्मा ने गहरी चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने कहा: “बच्चों को कम उम्र से ही यातायात नियमों की जानकारी देना बेहद जरूरी है, ताकि वे सड़क पर सुरक्षित रह सकें।”

स्कूल स्तर पर शिक्षा जरूरी

अनिल शर्मा ने कहा कि यदि स्कूलों में ही बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियम सिखाए जाएं, तो दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो सकती है।

बच्चों को सिखाए जाने वाले प्रमुख नियम:

  • सड़क पार करने से पहले दाएं-बाएं देखना
  • ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना
  • ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना
  • सड़क के किनारे सुरक्षित चलना

प्रशासन और स्कूल से की गई मांग

उन्होंने शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन से मांग की है कि स्कूलों में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि छुट्टी के समय शिक्षकों या जिम्मेदार कर्मियों की निगरानी में बच्चों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराया जाए।

अभिभावकों की भी जिम्मेदारी

इस मामले में अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बच्चों को घर से ही यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है, ताकि वे सड़क पर सतर्क रह सकें।

समय रहते कदम जरूरी

अनिल शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बच्चों की लापरवाही कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

न्यूज़ देखो: छोटी लापरवाही, बड़ा खतरा

स्कूल के बाहर बच्चों की सुरक्षा केवल स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से बड़े हादसों को रोका जा सकता है। अब जरूरत है कि प्रशासन, स्कूल और अभिभावक मिलकर इस दिशा में गंभीर पहल करें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य

बच्चे देश का भविष्य हैं, उनकी सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
सड़क पर सतर्कता और नियमों का पालन उन्हें सुरक्षित रख सकता है।
आइए मिलकर बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने का संकल्प लें।

अपनी राय कमेंट में जरूर दें, खबर को साझा करें और जागरूकता फैलाने में अपना योगदान दें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

पांडु, पलामू

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: