
#पलामू #चलो_गांव_की_ओर : भण्डरिया प्रखंड के नौका ग्राम में कोरवा-परहिया समुदाय के जरूरतमंदों को मिली ठंड से राहत
- भण्डरिया प्रखंड के नौका ग्राम में कोरवा-परहिया आदिवासी समुदाय के करीब 50 जरूरतमंदों को कम्बल वितरण।
- कांग्रेस का चलो गांव की ओर कार्यक्रम 23 दिसंबर 2025 से लगातार रहा सक्रिय।
- डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र के कई प्रखंडों में चला जनसंपर्क व सेवा अभियान।
- कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी।
- ठंड के बीच जरूरतमंद आदिवासी परिवारों को मिली मानवीय राहत और संवेदनशील सहयोग।
पलामू जिले के भण्डरिया प्रखंड अंतर्गत नौका ग्राम में कड़कड़ाती ठंड के बीच कांग्रेस पार्टी के चलो गांव की ओर कार्यक्रम के तहत आदिवासी समुदाय के जरूरतमंद परिवारों के बीच कम्बल का वितरण किया गया। इस दौरान कोरवा-परहिया जनजाति के करीब पचास लोगों को ठंड से राहत पहुंचाई गई। झारखंड कांग्रेस प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण तिवारी के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान 23 दिसंबर 2025 से डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र में निरंतर जारी रहा, जिसका आज समापन हुआ।
कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे चलो गांव की ओर कार्यक्रम के तहत आज भण्डरिया प्रखंड के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्र नौका ग्राम में कम्बल वितरण किया गया। कड़ाके की ठंड में यह पहल उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई, जो संसाधनों के अभाव में ठंड से जूझ रहे हैं।
कई प्रखंडों में चला सेवा और जनसंपर्क अभियान
झारखंड कांग्रेस प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण तिवारी ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं था, बल्कि 23 दिसंबर 2025 से लगातार डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों में चलाया गया।
इस क्रम में पहले रामगढ़, फिर चैनपुर, सदर, सतबरवा और अंत में भण्डरिया प्रखंड के गांवों का दौरा किया गया।
भण्डरिया प्रखंड के उलदण्डा, ढुलुआ, पिढिया, बाघी कुंड पानी, चोरहट, लिधकी पतरिहा, बांसडीह, पुरबडीहा, लिधकी सहित कई गांवों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों से सीधा संवाद किया गया और उन्हें कम्बल उपलब्ध कराए गए।
कोरवा-परहिया समुदाय पर विशेष फोकस
नौका ग्राम में आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से कोरवा-परहिया आदिवासी समुदाय के लोगों को प्राथमिकता दी गई। यह समुदाय सामाजिक और आर्थिक रूप से अत्यंत पिछड़ा माना जाता है और ठंड के मौसम में इनके सामने जीवन-यापन की बड़ी चुनौती रहती है।
कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केवल कम्बल ही नहीं बांटे, बल्कि लोगों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना और भविष्य में सहयोग का भरोसा दिलाया।
मानवीय सरोकार ही कार्यक्रम का मूल उद्देश्य
कम्बल वितरण के दौरान लक्ष्मी नारायण तिवारी ने कहा कि चलो गांव की ओर कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय सरोकारों के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से गरीब, दलित, आदिवासी और वंचित वर्ग के साथ खड़ी रही है और आगे भी ऐसे जनकल्याणकारी प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
उनका कहना था कि ठंड के इस मौसम में अगर किसी जरूरतमंद को थोड़ी भी राहत मिलती है, तो यही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।
नेताओं और जनप्रतिनिधियों की रही सक्रिय भागीदारी
आज के कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और स्थानीय नेता मौजूद रहे। इनमें पूर्व जिलाध्यक्ष जयश रंजन पाठक, जिला उपाध्यक्ष अमरेश कुमार पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष विद्या सिंह चेरो, महासचिव खुर्शीद आलम, मुखिया विनय सिंह, वीरेंद्र कुमार तिवारी और वार्ड सदस्य विश्वनाथ सिंह शामिल थे।
सभी ने मिलकर जरूरतमंद आदिवासी परिवारों के बीच कम्बल वितरित किए और स्थानीय समस्याओं को नजदीक से समझने का प्रयास किया।
जमीनी स्तर पर सेवा की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के समापन पर लक्ष्मी नारायण तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की पहचान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सेवा और संघर्ष के माध्यम से जनता के साथ खड़े रहने से बनती है।
उन्होंने दोहराया कि पार्टी भविष्य में भी ऐसे अभियानों के माध्यम से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले जरूरतमंदों तक पहुंचने का प्रयास करती रहेगी।

न्यूज़ देखो: ठंड में राहत, भरोसे की राजनीति
भण्डरिया प्रखंड के आदिवासी गांवों में किया गया यह कम्बल वितरण कार्यक्रम बताता है कि सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर सक्रियता आज भी जनता के बीच विश्वास पैदा करती है। ठंड के मौसम में इस तरह की पहल जरूरतमंदों के लिए जीवनदायिनी साबित होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा से ही बनता है विश्वास
अगर आपके इलाके में भी जरूरतमंदों तक मदद नहीं पहुंच पा रही है, तो आवाज उठाइए। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत पहुंचाने की पहल में सहभागी बनें।





