
#गिरिडीह #मनरेगा_बचाओ : कांग्रेस ने मनरेगा योजना का नाम बदलने और वित्तीय कटौती के खिलाफ उपवास-धरना आयोजित किया।
गिरिडीह में जिला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष श्री अशोक विश्वकर्मा की अध्यक्षता में मनरेगा बचाओ अभियान के तहत एकदिवसीय उपवास-धरना का आयोजन किया गया। धरना कार्यक्रम में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने और वित्तीय हिस्सेदारी घटाने के फैसले का विरोध किया।
- एकदिवसीय उपवास-धरना गिरिडीह टॉवर चौक स्थित पुराना नगरपालिका प्रांगण में आयोजित।
- कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा का नाम बदलकर “जी राम जी योजना” करने का विरोध किया।
- केंद्र सरकार ने हिस्सेदारी घटाकर 60 प्रतिशत की, जिससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा।
- जिला कांग्रेस पदाधिकारी, डुमरी प्रखंड अध्यक्ष और अन्य नेता एवं कार्यकर्ता शामिल।
- कांग्रेस ने फैसले को वापस लेने और आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया।
गिरिडीह में आयोजित इस धरना प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के फैसले को संघीय ढांचे के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके नाम परिवर्तन या वित्तीय हिस्सेदारी में कटौती सीधे गरीब, मजदूर और ग्रामीण तबके को प्रभावित करेगी।
केंद्र सरकार के फैसले पर कांग्रेस का विरोध
धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि मनरेगा में पहले केंद्र सरकार 90 प्रतिशत वित्तीय हिस्सेदारी देती थी, जबकि अब इसे घटाकर 60 प्रतिशत किया जा रहा है। इससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त 30 प्रतिशत का बोझ पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं ने इसे मजदूरों और गरीब वर्ग के अधिकारों पर हमला बताया और चेतावनी दी कि केंद्र सरकार के इस निर्णय के खिलाफ कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
उपस्थित पदाधिकारी और कार्यकर्ता
धरना में जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, डुमरी प्रखंड कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री नागेश्वर मंडल, उपाध्यक्ष श्री मुकेश कुमार, श्री भुनेश्वर दास, मंडल कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री खुर्शीद अंसारी, डुमरी सोशल मीडिया प्रभारी श्री सादिक अली सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महिलाओं और युवाओं ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई।
आंदोलन के संकल्प और भविष्य की कार्रवाई
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मनरेगा से संबंधित फैसलों को वापस लेने की मांग की। सभी ने जय कांग्रेस, तय कांग्रेस के नारों के साथ आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया। इसके माध्यम से ग्रामीण, मजदूर और गरीब वर्ग के हितों की रक्षा को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई गई।
न्यूज़ देखो: मनरेगा बचाओ आंदोलन से ग्रामीण हित सुरक्षित
कांग्रेस का यह एकदिवसीय उपवास-धरना यह दर्शाता है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजदूर हितों के मुद्दे पर राजनीतिक सक्रियता महत्वपूर्ण है। मनरेगा योजना में किसी भी तरह की कटौती या बदलाव का प्रभाव सीधे गरीब और ग्रामीण वर्ग पर पड़ता है।
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मनरेगा जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों का उद्देश्य गरीब और मजदूरों की जीवन गुणवत्ता सुधारना है।
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