
#रांची #राजनीतिक_विरोध : मोराबादी बापू वाटिका से मोदी सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने बुलंद की आवाज।
रांची के मोराबादी स्थित बापू वाटिका से प्रदेश कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में मनरेगा योजना का नाम बदलने के निर्णय के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। AICC के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान बताया। विश्रामपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुधीर कुमार चंद्रवंशी सहित कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस ने इस फैसले को गरीबों और मजदूरों के हितों के खिलाफ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
- मोराबादी बापू वाटिका, रांची से कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन।
- मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस।
- सुधीर कुमार चंद्रवंशी ने फैसले को बताया गरीब विरोधी और खर्चीला।
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद।
- गांधी के नाम से छेड़छाड़ को बताया राष्ट्रपिता का अपमान।
रांची में आज राजनीति का माहौल उस समय गर्म हो गया, जब प्रदेश कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में एवं AICC के आह्वान पर मनरेगा योजना का नाम बदलने के निर्णय के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह विरोध कार्यक्रम मोराबादी स्थित बापू वाटिका से शुरू हुआ, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, नेता और समर्थक एकत्रित हुए। प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर महात्मा गांधी के नाम और विचारधारा को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाया।
विश्रामपुर विधानसभा से भी दिखी मजबूत भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन में विश्रामपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुधीर कुमार चंद्रवंशी सैकड़ों कांग्रेस साथियों के साथ शामिल हुए। उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले को न केवल राजनीतिक, बल्कि आर्थिक रूप से भी नुकसानदेह बताया। उनके साथ विश्रामपुर और पलामू क्षेत्र से आए कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए।
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में के. राजू उपस्थित रहे। इसके अलावा मंच पर और कार्यक्रम स्थल पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जिनमें सब प्रभारी भूपेंद्र मरावी, डॉ. बेला प्रसाद, झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, ओबीसी प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष साहू, पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी, ओबीसी प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत नगवाल, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, पलामू जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रामदेव यादव, पांकी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी लाल सूरज, पलामू जिला अध्यक्ष धनंजय यादव, हजारीबाग ओबीसी अध्यक्ष अजय प्रजापति, प्रदेश प्रवक्ता परवेज आलम, वरीय पलामू जिला अध्यक्ष विमला कुमारी तथा पलामू जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रेखा सिंह शामिल थे। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रभावशाली बना दिया।
सुधीर कुमार चंद्रवंशी का तीखा बयान
प्रदर्शन के दौरान सुधीर कुमार चंद्रवंशी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा:
सुधीर कुमार चंद्रवंशी ने कहा: “मनरेगा का नाम बदलना केवल नामकरण तक सीमित नहीं है। इसके पीछे कई छिपी हुई लागतें जुड़ी हैं। हर प्रखंड और पंचायत में चल रही योजनाओं के कागजात, ऑनलाइन पोर्टल, रिकॉर्ड और दस्तावेजों में बदलाव पर भारी सरकारी खर्च होगा। अगर यही पैसा मजदूरों और गरीबों पर खर्च किया जाता, तो करोड़ों लोगों का भला हो सकता था।”
उन्होंने आगे कहा कि देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी समय पर मजदूरी, रोजगार की गारंटी और सामाजिक सुरक्षा सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन सरकार प्रतीकों की राजनीति में उलझी हुई है।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा योजना केवल एक रोजगार कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। इसे महात्मा गांधी के नाम से जोड़ना उनकी अहिंसा, श्रम और स्वावलंबन की विचारधारा को सम्मान देने का प्रतीक है। कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास और विचारधाराओं को मिटाने का प्रयास कर रही है।
सड़क से सदन तक संघर्ष का ऐलान
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। जिला से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को उठाएगी और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। नेताओं ने मनरेगा को और अधिक मजबूत बनाने, मजदूरी समय पर भुगतान और काम के दिनों को बढ़ाने की मांग भी रखी।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। गांधी टोपी, झंडे और बैनरों के साथ कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्र सरकार से गरीब विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन संदेश स्पष्ट था कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है।
न्यूज़ देखो: प्रतीक नहीं, नीति पर राजनीति
मनरेगा के नाम को लेकर उठा विवाद केवल नाम परिवर्तन का मुद्दा नहीं, बल्कि यह सरकार की नीति और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस का यह प्रदर्शन दिखाता है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र में सवाल उठाना जरूरी
जब गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की बात हो, तो आवाज उठाना हर नागरिक का दायित्व है। आपकी राय क्या है? कमेंट करें, खबर साझा करें और इस बहस को आगे बढ़ाएं।





