
#पलामू #किसान_समस्या : धान क्रय केंद्र बंद रहने से किसान बिचौलियों के हवाले, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग।
पलामू जिले में धान क्रय केंद्रों के बंद रहने को लेकर किसान संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण तिवारी ने गांवों के दौरे के दौरान किसानों से मिलकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी जताई। किसानों का धान घरों में पड़ा है और वे मजबूरी में बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बेच रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
- पलामू जिले के कई प्रखंडों में धान क्रय केंद्र बंद।
- चैनपुर, रामगढ़ और सदर प्रखंड के किसानों ने जताई परेशानी।
- किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिल पा रहा।
- मजबूरी में बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बिक्री।
- जिला आपूर्ति पदाधिकारी से तत्काल केंद्र खोलने की मांग।
- समाधान नहीं हुआ तो अनशन की चेतावनी।
पलामू जिले में किसानों की समस्या एक बार फिर सुर्खियों में है। झारखंड कांग्रेस के प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण तिवारी ने धान क्रय केंद्रों के बंद रहने को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चलो गांव की ओर कार्यक्रम के तहत 23 दिसंबर 2025 से लगातार ग्रामीण इलाकों का दौरा करते हुए उन्होंने किसानों की वास्तविक स्थिति को करीब से समझा।
दौरे के क्रम में चैनपुर, रामगढ़ और सदर प्रखंड के किसानों ने बताया कि क्षेत्र के कई सरकारी धान क्रय केंद्र या तो खुले ही नहीं हैं या फिर लंबे समय से बंद पड़े हैं। इसका सीधा असर किसानों की आमदनी और उनकी आजीविका पर पड़ रहा है।
गांवों में जमा पड़ा है किसानों का धान
लक्ष्मी नारायण तिवारी ने कहा कि क्रय केंद्र बंद रहने के कारण किसानों का धान उनके घरों में ही जमा है। न तो समय पर खरीदी हो रही है और न ही कोई स्पष्ट सूचना दी जा रही है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसान इस उम्मीद में धान तैयार करते हैं कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी फसल खरीदेगी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
बिचौलियों के भरोसे मजबूर किसान
प्रदेश सचिव ने बताया कि सरकारी व्यवस्था फेल होने के कारण किसान मजबूरी में बिचौलियों को औने-पौने दाम पर धान बेचने को विवश हैं। बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाने दाम तय कर रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर सीधा सवाल खड़ा करती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रही है।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
लक्ष्मी नारायण तिवारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी, पलामू से स्पष्ट रूप से मांग की है कि किसानों और जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल सभी धान क्रय केंद्रों को चालू किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक क्रय केंद्र सक्रिय नहीं होंगे, तब तक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि किसानों को सही जानकारी दी जाए और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर शोषण न हो।
अनशन की चेतावनी से बढ़ा दबाव
प्रदेश सचिव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक-दो दिनों के भीतर धान क्रय केंद्रों को चालू नहीं किया गया, तो वे किसानों के हक के लिए अनशन जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली हर परिस्थिति की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ कांग्रेस का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई होगी।
कांग्रेस का किसानों के साथ संघर्ष का ऐलान
लक्ष्मी नारायण तिवारी ने दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।
न्यूज़ देखो: किसान संकट बनाम प्रशासनिक उदासीनता
धान क्रय केंद्रों का बंद रहना सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि हजारों किसानों की आजीविका से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संकट और गहरा सकता है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है।
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