
#गिरिडीह #शहादत_दिवस : 1857 की आज़ादी की लड़ाई के अमर बलिदानियों को कांग्रेस प्रकोष्ठों ने पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
- डुमरी अनुमंडल परिसर के समीप आयोजित हुआ शहादत दिवस कार्यक्रम।
- क्रांतिकारी महापुरुष शेख़ बिहारी जी एवं टिकैत उमराव सिंह को दी गई श्रद्धांजलि।
- डुमरी प्रखंड कांग्रेस कमेटी के सभी प्रकोष्ठों की रही सक्रिय भागीदारी।
- 1857 की क्रांति को आज़ादी की नींव बताते हुए बलिदानों को किया गया स्मरण।
- देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का लिया गया सामूहिक संकल्प।
डुमरी, गिरिडीह।
डुमरी प्रखंड कांग्रेस कमेटी के सभी प्रकोष्ठों के सदस्यों ने गुरुवार को अनुमंडल परिसर के समीप क्रांतिकारी महापुरुष श्री शेख़ बिहारी जी एवं टिकैत उमराव सिंह की शहादत दिवस के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 1857 की आज़ादी की लड़ाई में इन वीर सपूतों के अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया और उनके बलिदान को देश की आज़ादी की मजबूत नींव बताया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1857 का स्वतंत्रता संग्राम भारत के इतिहास का वह निर्णायक मोड़ था, जिसने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने की चेतना पूरे देश में जगाई। इसी संघर्ष के दौरान शेख़ बिहारी जी और टिकैत उमराव सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर आने वाली पीढ़ियों के लिए आज़ादी का मार्ग प्रशस्त किया। उनके बलिदान के बिना न तो स्वतंत्र भारत की कल्पना संभव थी और न ही देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव रखी जा सकती थी।
1857 की क्रांति से मिली आज़ादी की प्रेरणा
श्रद्धांजलि सभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 1857 की क्रांति केवल एक विद्रोह नहीं, बल्कि भारतवासियों के आत्मसम्मान और स्वाधीनता की चेतना का प्रतीक थी। इस संघर्ष में देश के कोने-कोने से किसान, मजदूर, सिपाही और आम नागरिक एकजुट होकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खड़े हुए। शेख़ बिहारी जी और टिकैत उमराव सिंह ने झारखंड क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर यह साबित किया कि आज़ादी की लड़ाई में इस क्षेत्र का योगदान भी अत्यंत गौरवशाली रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि इन महापुरुषों ने न केवल विदेशी शासन का विरोध किया, बल्कि समाज को अन्याय, शोषण और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा भी दी। उनका जीवन साहस, त्याग और देशभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित डुमरी प्रखंड कांग्रेस कमेटी के सभी प्रकोष्ठों के सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि देश को आज़ादी दिलाने वाले शहीदों का कर्ज कभी चुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने संकल्प लिया कि वे शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए सदैव संघर्षरत रहेंगे और देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जब समाज में विभाजन और नफरत फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं, तब शहीदों के विचारों को अपनाना और भी आवश्यक हो गया है। शेख़ बिहारी जी और टिकैत उमराव सिंह जैसे बलिदानियों का जीवन हमें सिखाता है कि देश सर्वोपरि है और उसके लिए हर तरह का त्याग किया जा सकता है।
“शहीद सदा अमर रहते हैं” का गूंजा नारा
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान “देश के शहीद सदा अमर रहेंगे” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने इतिहास को जानें, शहीदों के संघर्ष को समझें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की अपील
कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि आज की युवा पीढ़ी को शेख़ बिहारी जी और टिकैत उमराव सिंह जैसे महापुरुषों के बलिदान के बारे में जानना बेहद जरूरी है। इससे न केवल उनमें देशभक्ति की भावना मजबूत होगी, बल्कि वे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए भी सजग रहेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलती रही है और आगे भी उनके सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष करती रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

न्यूज़ देखो: इतिहास से प्रेरणा, वर्तमान की दिशा
शेख़ बिहारी जी और टिकैत उमराव सिंह जैसे शहीदों की स्मृति हमें यह याद दिलाती है कि आज़ादी आसान नहीं थी। उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर समाज और देश को सही दिशा देना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शहीदों के सपनों का भारत बनाना हम सबकी जिम्मेदारी
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