
#मेदिनीनगर #मनरेगा_बचाओ : भाजपा सरकार पर मनरेगा से छेड़छाड़ का आरोप, कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने का ऐलान।
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने पलामू में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत प्रेस वार्ता आयोजित की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिमला कुमारी ने भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर कर गरीबों को बेरोज़गार करने की साज़िश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीबों की आजीविका और सम्मान से जुड़ी संवैधानिक गारंटी है। कांग्रेस ने 11 जनवरी को महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष उपवास और धरना आयोजित करने की घोषणा की।
- मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पलामू में प्रेस वार्ता।
- बिमला कुमारी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
- मनरेगा को गरीबों की आजीविका की गारंटी बताया।
- 11 जनवरी को उपवास व धरना का ऐलान।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया।
केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा योजना में कथित बदलावों और कटौतियों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने पलामू में अपना राजनीतिक और सामाजिक रुख स्पष्ट कर दिया है। इसी क्रम में पलामू जिला कांग्रेस कार्यालय में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक अहम प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें जिले के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस का तीखा हमला
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पलामू जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुश्री बिमला कुमारी ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह करोड़ों ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और किसानों की आजीविका की संवैधानिक गारंटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार योजनाबद्ध तरीके से मनरेगा को कमजोर कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोज़गारी बढ़ेगी और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति और खराब होगी।
बिमला कुमारी ने कहा: “मनरेगा पर हमला दरअसल गरीबों के अधिकार, रोज़गार और मानवीय गरिमा पर सीधा हमला है।”
महात्मा गांधी के विचारों पर प्रहार का आरोप
बिमला कुमारी ने कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों से जुड़ी योजना है, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्ग को सम्मानजनक रोज़गार उपलब्ध कराना था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को कमजोर करना संविधान में निहित सामाजिक न्याय और समानता की भावना के खिलाफ है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की गरीब-विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया।
कांग्रेस का आंदोलन तेज करने का ऐलान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार की इस कथित साज़िश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत कांग्रेस सड़क से लेकर जनमानस तक इस मुद्दे को ले जाएगी और इसे एक सशक्त जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 11 जनवरी को महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एकदिवसीय उपवास एवं धरना आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक विरोध दर्ज कराया जाएगा।
नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से सत्यानंद दुबे, विनोद तिवारी, जिला प्रवक्ता गोपाल सिंह, जितेंद्र कमलापुरी, अनिल सिंह, तुलसी पासवान, शहज़ाद अली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल थे। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मनरेगा बचाओ संग्राम को व्यापक जनसमर्थन दिलाने और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया।
ग्रामीण रोजगार और अर्थव्यवस्था का सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इससे मजदूरों को काम मिलता है, पलायन रुकता है और गांवों में बुनियादी ढांचे का विकास होता है। नेताओं का कहना था कि अगर इस योजना को कमजोर किया गया, तो इसका सीधा असर ग्रामीण समाज, कृषि व्यवस्था और सामाजिक संतुलन पर पड़ेगा।
आने वाले दिनों में बढ़ेगी राजनीतिक सरगर्मी
कांग्रेस के इस आक्रामक रुख के बाद पलामू जिले में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। मनरेगा जैसे मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव और गहराने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में धरना, प्रदर्शन और जनसंपर्क अभियानों के जरिए कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाने की तैयारी में है।
न्यूज़ देखो: गरीबों के हक की लड़ाई
मनरेगा को लेकर कांग्रेस का यह आंदोलन बताता है कि रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे अब सियासी बहस के केंद्र में हैं। सरकार की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष इसे जनआंदोलन का रूप देने में जुटा है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और क्या बदलाव होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अधिकारों की रक्षा में आवाज़ उठाना ज़रूरी
मनरेगा जैसे कानूनों का असर सीधे गरीबों और मजदूरों के जीवन से जुड़ा है। ऐसे में जागरूक रहना और सवाल पूछना लोकतंत्र की ताकत है। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे आगे पहुंचाएं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को मजबूत बनाएं।





