#महुआडांड़ #शिक्षा_विवाद : सेवानिवृत्त शिक्षक की रोज़ाना उपस्थिति और कथित नजदीकियों पर सवाल, जांच की मांग तेज।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड के चुटिया विद्यालय में एक सेवानिवृत्त शिक्षक की लगातार मौजूदगी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बिना जिम्मेदारी के उनकी उपस्थिति और एक शिक्षिका से कथित नजदीकियों पर सवाल उठाए हैं। मामले ने तूल पकड़ लिया है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है।
- चुटिया विद्यालय, महुआडांड़ में विवाद का मामला सामने आया।
- रिटायर शिक्षक की रोज़ाना मौजूदगी पर उठे सवाल।
- ग्रामीणों ने अनधिकृत हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
- कथित नजदीकियों को लेकर चर्चा तेज।
- शिक्षा विभाग से उच्चस्तरीय जांच की मांग।
महुआडांड़, लातेहार। महुआडांड़ प्रखंड के चुटिया स्थित एक विद्यालय में इन दिनों एक अजीबो-गरीब मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एक सेवानिवृत्त शिक्षक की रोज़ाना विद्यालय में मौजूदगी और एक शिक्षिका से कथित नजदीकियों को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी देखी जा रही है।
मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और ग्रामीणों ने इसकी जांच की मांग कर दी है।
रिटायर शिक्षक की लगातार मौजूदगी पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित शिक्षक काफी पहले से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, इसके बावजूद वे रोज़ाना विद्यालय पहुंचते हैं और लंबे समय तक परिसर में रहते हैं।
बिना किसी आधिकारिक जिम्मेदारी के उनकी इस उपस्थिति को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं।
शिक्षिका से कथित नजदीकियों की चर्चा
ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक की यह सक्रियता विद्यालय में कार्यरत एक शिक्षिका से बढ़ती नजदीकियों के कारण है।
इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां शिक्षा के वातावरण के लिए उचित नहीं हैं और इससे विद्यालय का अनुशासन प्रभावित हो रहा है।
बच्चों पर पड़ रहा असर
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रिटायरमेंट के बाद भी शिक्षक का विद्यालय में हस्तक्षेप जारी है, जिससे पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है।
उनका कहना है कि इस स्थिति का बच्चों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
वार्ड सदस्य ने भी जताई चिंता
चुटिया ग्राम के वार्ड सदस्य ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि रिटायर शिक्षक “गोतिया” बनकर स्कूल आते हैं और नियमित रूप से समय बिताते हैं, जिससे लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा विभाग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक और शिक्षिका दोनों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
न्यूज़ देखो: शिक्षा संस्थानों में अनुशासन जरूरी
विद्यालय जैसे संस्थानों में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे मामलों में समय पर जांच और कार्रवाई से ही व्यवस्था में विश्वास बना रह सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदारी से ही बनेगा बेहतर माहौल
शिक्षा संस्थान बच्चों के भविष्य की नींव होते हैं।
यहां का वातावरण सकारात्मक और अनुशासित होना चाहिए।
आप भी ऐसे मुद्दों पर अपनी राय रखें और जागरूकता फैलाएं।
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