
#मेदिनीनगर #धार्मिक_आयोजन : प्रस्तावित कलश यात्रा और नगर भ्रमण को लेकर पुलिस प्रशासन और परशुराम सेना के बीच विस्तृत समन्वय बैठक आयोजित की गई।
मेदिनीनगर में आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर प्रशासन और परशुराम सेना भार्गव के बीच समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में 2 फरवरी को प्रस्तावित कलश यात्रा और 15 जनवरी को भगवान श्री परशुराम मूर्ति के नगर भ्रमण को लेकर सुरक्षा, यातायात और प्रशासनिक तैयारियों पर चर्चा हुई। पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण आयोजन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। आयोजन समिति ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
- शहर थाना परिसर में डीएसपी राजीव रंजन की अध्यक्षता में बैठक।
- 2 फरवरी को प्रस्तावित कलश यात्रा को लेकर सुरक्षा व यातायात पर चर्चा।
- 15 जनवरी को भगवान श्री परशुराम मूर्ति नगर भ्रमण सह हनुमंत पूजा।
- नगर भ्रमण का मार्ग सिंगरा से मथुराबाड़ी रेड़मा तक निर्धारित।
- महिला पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम की व्यवस्था।
- परशुराम सेना के जिला व नगर स्तर के पदाधिकारी बैठक में उपस्थित।
मेदिनीनगर शहर में प्रस्तावित धार्मिक आयोजनों को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से शहर थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक राष्ट्रीय परशुराम सेना भार्गव के पदाधिकारियों के साथ आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता डीएसपी राजीव रंजन ने की। बैठक का उद्देश्य आगामी आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
प्रशासन और परशुराम सेना के बीच समन्वय बैठक
बैठक में शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार, सदर थाना प्रभारी लालजी, टीओपी-1, टीओपी-2, टीओपी-3 तथा ट्रैफिक प्रभारी भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न उत्पन्न हो।
बैठक में राष्ट्रीय परशुराम सेना भार्गव के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी और आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने का आश्वासन दिया।
2 फरवरी की कलश यात्रा पर विशेष चर्चा
बैठक का प्रमुख एजेंडा 2 फरवरी को प्रस्तावित कलश यात्रा रहा। इस दौरान नगर भ्रमण के मार्ग, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और शहर की यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
15 जनवरी को परशुराम मूर्ति नगर भ्रमण व हनुमंत पूजा
इसी क्रम में परशुराम सेना भार्गव की ओर से 15 जनवरी को भगवान श्री परशुराम की मूर्ति का नगर भ्रमण सह हनुमंत पूजा आयोजन की जानकारी दी गई। आयोजन के अनुसार नगर भ्रमण की शुरुआत निगम क्षेत्र सिंगरा से होगी, जो बिसफुटा, पुलिस लाइन रोड, साहित्य समाज (भारत माता चौक), हॉस्पिटल चौक, छह मुहान, कचहरी, रेड़मा चौक होते हुए रांची रोड स्थित रेड़मा के मथुराबाड़ी में नवनिर्मित भगवान श्री परशुराम मंदिर में संपन्न होगी।
इस अवसर पर अपराह्न 3 बजे से हनुमंत पूजा का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई गई।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के निर्देश
बैठक में डीएसपी राजीव रंजन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोजन के दौरान महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। यज्ञ क्षेत्र और प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरे कार्यक्रम की निगरानी की जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि यज्ञ स्थल पर अग्निशमन केंद्र एवं आग से बचाव के लिए सभी आवश्यक उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखे जाएं। श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुविधा को देखते हुए पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
वालंटियरों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यज्ञ समिति एवं आयोजन से जुड़े सभी वालंटियरों को फोटोयुक्त पहचान पत्र पहनना अनिवार्य होगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कठिनाई न हो और प्रशासन को सहयोग मिल सके।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी
बैठक में परशुराम सेना के जिला अध्यक्ष मधुकर शुक्ला, दिलीप तिवारी मिंटू, अजय तिवारी, बसंत तिवारी, सुनील तिवारी, अभिषेक तिवारी, मीडिया प्रभारी नितेश तिवारी, धीरज मिश्रा, संजीत पाण्डेय, अनिमेष शुक्ला, अंकित पाण्डेय, रितिक चौबे सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
सभी पदाधिकारियों ने प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने और आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने का भरोसा जताया।
न्यूज़ देखो: समन्वय से ही सफल होते हैं बड़े आयोजन
यह बैठक दर्शाती है कि प्रशासन और सामाजिक–धार्मिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से बड़े आयोजनों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न किया जा सकता है। सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर दिए गए निर्देश प्रशासन की गंभीरता को दर्शाते हैं। आने वाले दिनों में इन तैयारियों का ज़मीनी क्रियान्वयन कितना प्रभावी रहता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सहयोग और अनुशासन से बनेगा आयोजन यादगार
धार्मिक आयोजनों की सफलता प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी होती है।
नियमों का पालन और अनुशासन ही श्रद्धा को सम्मान देता है।
सुरक्षा और व्यवस्था में सहयोग कर हम सभी आयोजन को ऐतिहासिक बना सकते हैं।
ऐसे आयोजनों से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना मजबूत होती है।
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