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महुआडांड़ कांड 33/23 में फरार अभियुक्त के घर न्यायालय का इश्तेहार चस्पा, आत्मसमर्पण नहीं करने पर कुर्की जब्ती की चेतावनी

#महुआडांड़ #न्यायालय_कार्रवाई : गंभीर धाराओं वाले मामले में फरार अभियुक्त के घर इश्तेहार चस्पा।

लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना कांड संख्या 33/23 में फरार अभियुक्त मृत्युंजय भुइयां के पैतृक घर पर न्यायालय के आदेश से इश्तेहार चस्पा किया गया। मामला 26 मई 2023 का है और इसमें आईपीसी व यूएपीए की गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने आत्मसमर्पण नहीं करने पर कुर्की-जब्ती की चेतावनी दी है। कार्रवाई के दौरान दोनों थानों की पुलिस मौजूद रही।

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  • कांड संख्या 33/23, दिनांक 26 मई 2023 से जुड़ा मामला।
  • फरार अभियुक्त मृत्युंजय भुइयां उर्फ अवधेश उर्फ मिथुन के घर इश्तेहार चस्पा।
  • आईपीसी की कई गंभीर धाराएं तथा यूएपीए और सीएलए एक्ट के तहत आरोप।
  • आत्मसमर्पण नहीं करने पर कुर्की-जब्ती की चेतावनी।
  • महुआडांड़ व छिपादोहर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई।

लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में दर्ज कांड संख्या 33/23 के फरार अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की गई है। 26 मई 2023 से जुड़े इस गंभीर आपराधिक मामले में आरोपी मृत्युंजय भुइयां उर्फ मृत्युंजय जी उर्फ अवधेश जी उर्फ मिथुन, पिता बाबूलाल भुइयां, निवासी ग्राम नावाडीह, थाना छिपादोहर, जिला लातेहार, लंबे समय से फरार चल रहा है। न्यायालय द्वारा निर्गत इश्तेहार को उसके पैतृक आवास पर विधिवत चस्पा किया गया।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है और यदि आरोपी निर्धारित समय सीमा में आत्मसमर्पण नहीं करता है तो आगे कठोर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला

जानकारी के अनुसार उक्त कांड में अभियुक्त के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (दंगा), 148 (घातक हथियार के साथ दंगा), 149 (अनाधिकृत जमाव का सदस्य होकर अपराध), 435 (आगजनी या विस्फोटक पदार्थ से संपत्ति को नुकसान), 323 (मारपीट), 385 (भय दिखाकर उगाही का प्रयास), 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज है।

इसके अतिरिक्त गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 10, 13 और 16 के अंतर्गत भी अभियोग पंजीकृत है। साथ ही सीएलए एक्ट की धारा 17 के तहत उग्रवादी गतिविधियों से संबंधित प्रावधान भी लगाए गए हैं।

इन धाराओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मामले को अत्यंत संवेदनशील मान रही है।

न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई

न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बाद महुआडांड़ थाना की टीम निर्धारित प्रक्रिया के तहत ग्राम नावाडीह पहुंची। वहां अभियुक्त के पैतृक आवास पर इश्तेहार को विधिवत चस्पा किया गया।

इस कार्रवाई के दौरान महुआडांड़ थाना एवं छिपादोहर थाना के पुलिस पदाधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों को न्यायालयीय आदेश की जानकारी भी दी।

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पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इश्तेहार चस्पा करने की प्रक्रिया विधिसम्मत तरीके से पूरी की गई है और इसका उद्देश्य अभियुक्त को आत्मसमर्पण के लिए अवसर देना है।

आत्मसमर्पण नहीं करने पर कुर्की-जब्ती

महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

मनोज कुमार ने कहा: “फरार अभियुक्त की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। यदि वह शीघ्र आत्मसमर्पण नहीं करता है तो न्यायालय के निर्देशानुसार कुर्की-जब्ती सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि पुलिस सभी संभावित ठिकानों पर नजर रख रही है और अभियुक्त की गतिविधियों पर निगरानी जारी है।

थाना प्रभारी ने आम नागरिकों से अपील की कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

मनोज कुमार ने कहा: “अभियुक्त के संबंध में कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल नजदीकी थाना को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”

क्षेत्र में सख्त संदेश

पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने दोहराया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और फरार अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई के बाद चर्चा है कि पुलिस अब लंबित मामलों में भी तेजी से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

न्यूज़ देखो: कानून के अनुपालन की सख्त पहल

महुआडांड़ में की गई यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि गंभीर आपराधिक मामलों में पुलिस और प्रशासन ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। न्यायालय के आदेश पर इश्तेहार चस्पा कर आत्मसमर्पण का अवसर देना विधिसम्मत प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि इसके बाद भी आरोपी सामने नहीं आता है, तो कुर्की-जब्ती जैसी कठोर कार्रवाई तय है। ऐसे मामलों में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई ही कानून के प्रति भरोसा मजबूत करती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

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