
#गिरिडीह #भाकपा_माले : भाकपा माले ने फर्जी मुकदमा विरोध में आंदोलन और चक्का जाम की रूपरेखा तय की।
भाकपा माले की गिरिडीह जिला कमिटी ने आज जिला मुख्यालय में बैठक कर 12 फरवरी को चक्का जाम और 17 फरवरी को बालमुकुंद फैक्ट्री के खिलाफ लाठी मार्च करने का निर्णय लिया। बैठक में संगठन के नेता राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय और पूरन महतो सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने रणनीति तय की। उन्होंने फर्जी मुकदमों और मजदूरों पर होने वाले दमन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया। यह कदम मजदूरों और गरीबों की आवाज को दबाने के प्रयासों के विरोध में अहम माना जा रहा है।
- भाकपा माले ने 17 फरवरी को लाठी मार्च निकालने का निर्णय लिया।
- आंदोलन का कारण बालमुकुंद फैक्ट्री द्वारा फर्जी मुकदमों का विरोध।
- राजेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री के जीएम और मालिक लगातार ग्रामीण प्रतिनिधियों को निशाना बनाते हैं।
- 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी चक्का जाम का आयोजन किया जाएगा।
- बैठक में संगठन विस्तार, वार्ड प्रतिनिधि और मेयर पद उम्मीदवार पर चर्चा हुई।
- पूरन महतो ने प्रशासन से फर्जी मुकदमों की जांच करने का अनुरोध किया।
भाकपा माले की गिरिडीह जिला कमिटी ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें आगामी आंदोलन और विरोध की रूपरेखा तय की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बालमुकुंद फैक्ट्री के खिलाफ फर्जी मुकदमों और मजदूरों पर दमन के विरोध में 17 फरवरी को लाठी मार्च निकाला जाएगा। इसके अलावा 12 फरवरी को पूरे देश में राष्ट्रव्यापी चक्का जाम का आयोजन किया जाएगा।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय
लाठी मार्च और आंदोलन की रणनीति
भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा:
“बालमुकुंद फैक्ट्री के जीएम और मालिक लगातार ग्रामीण इलाकों के प्रतिनिधियों पर मुकदमा करते हैं, इसका लोकतांत्रिक विरोध करेंगे। हरेक के हाथ में लाठी होगी और यह चेतावनी होगी कि माले पर लगातार हमला बंद किया जाए।”
सिन्हा ने फर्जी आरोपों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले सप्ताह आंदोलन के दौरान उन्हें झूठे आरोपों में घसीटा गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन जांच करे और फर्जी जानकारी देने वाले जीएम पर मुकदमा करे।
राष्ट्रव्यापी चक्का जाम
कन्हाई पांडेय ने बताया:
“गिरिडीह और गांडेय विधानसभा में जिला कमिटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल और चक्का जाम होगा। इसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे।”
पांडेय ने आरोप लगाया कि पूंजीपति वर्ग लगातार माले कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना चाहता है और आंदोलन से ही उनका दबाव कम किया जा सकता है।
संगठन विस्तार और राजनीतिक तैयारी
बैठक में पूरन महतो की अध्यक्षता में संगठन विस्तार पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि गिरिडीह और गांडेय विधानसभा में लाल लहर को पुनः स्थापित करना विरोधियों के लिए चुनौती है। जिला कमिटी नेताओं शंकर पांडेय, मेहताब अली मिर्जा, रामलाल मुर्मू ने भी संगठन विस्तार और मजदूर हितों की सुरक्षा पर जोर दिया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि नगर निगम के सभी वार्डों में माले समर्थित प्रतिनिधियों को भेजा जाएगा। मेयर पद के लिए भी माले समर्थित उम्मीदवार का नामांकन 8 फरवरी को प्रस्तावित किया जाएगा।
फर्जी मुकदमों और प्रशासन से अपील
सिन्हा ने कहा कि पिछले सप्ताह आंदोलन के दौरान झूठे आरोप लगाकर माले कार्यकर्ताओं को डराया गया। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मुकदमों की निष्पक्ष जांच हो और झूठी जानकारी देने वाले पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
न्यूज़ देखो: भाकपा माले का संघर्ष और मजदूर हितों की रक्षा
यह घटना दिखाती है कि मजदूरों और गरीबों के हितों की आवाज दबाने के प्रयास लगातार हो रहे हैं। भाकपा माले ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने की रणनीति बनाई है। प्रशासन की भूमिका अहम है कि वह फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच करे। इस आंदोलन से यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक दल और मजदूर संगठन अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष कर रहे हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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