#गिरिडीह #चिहुटिया_बैठक : माले ने संगठन विस्तार और बूथ स्तर तक मजबूती का लक्ष्य तय किया।
गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड अंतर्गत चिहुटिया गांव में भाकपा माले की एक दिवसीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन विस्तार, नई जिम्मेदारियों के बंटवारे और बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने पर चर्चा हुई। नेताओं ने गांडेय और गिरिडीह विधानसभा को मजबूत राजनीतिक आधार बनाने का लक्ष्य दोहराया। यह बैठक आगामी संगठनात्मक रणनीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- 12 अप्रैल 2026 को चिहुटिया गांव, गांडेय में माले की बैठक आयोजित।
- पूरन महतो ने दोनों विधानसभा को मजबूत संगठन बनाने का लक्ष्य रखा।
- उस्मान अंसारी ने संगठन की पिछली कमजोरियों पर खुलकर चर्चा की।
- बूथ और गांव स्तर तक संगठन विस्तार का निर्देश दिया गया।
- कई नेताओं को नए क्षेत्रीय दायित्व सौंपे गए।
गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड के चिहुटिया गांव में 12 अप्रैल को भाकपा माले की एक दिवसीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आने वाले समय में पार्टी की स्थिति को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने संगठन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर विचार साझा किए।
बैठक में नेताओं की सक्रिय भागीदारी
बैठक में गिरिडीह व गांडेय विधानसभा प्रभारी पूरन महतो, गांडेय प्रभारी उस्मान अंसारी, माले नेता कन्हाई पांडेय सहित प्रखंड स्तर के नेता किशोर राय, नवीन पांडेय, सुखदेव कोल्ह, हीरालाल पंडित, बबलू राय, गुलाब कोल्ह, बोधी पंडित, कल्पना देवी, सरिता देवी, सीता देवी, कामनी देवी, बालेश्वर मुर्मू समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की भूमिका को बढ़ाने पर जोर दिया।
संगठन की कमजोरी और सुधार की रणनीति
गांडेय प्रभारी उस्मान अंसारी ने बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति पर खुलकर बात रखी। उन्होंने कहा कि पिछले 15-20 वर्षों में संगठन का विस्तार अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पाया है।
उस्मान अंसारी ने कहा: “अब समय आ गया है कि हर गांव तक माले को पहुंचाया जाए और नई लीडरशिप तैयार की जाए।”
उन्होंने सेकेंड और थर्ड लाइन नेतृत्व तैयार करने की जरूरत पर विशेष बल दिया।
नई जिम्मेदारियों का बंटवारा
बैठक में 11-12 अप्रैल को हुई जिला कमेटी बैठक के निर्णयों के आधार पर विभिन्न नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
- गांडेय विधानसभा क्षेत्र के लिए: मेहताब अली मिर्जा
- मुफ्फसिल क्षेत्र के लिए: कन्हाई पांडेय
- गिरिडीह शहर में अतिरिक्त प्रभार: राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, मेहताब अली मिर्जा, नवीन पांडेय, सलामत अंसारी, रामलाल मुर्मू
इन नियुक्तियों के माध्यम से संगठन को क्षेत्रवार मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने का निर्देश
बैठक में प्रखंड स्तर के नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे हर गांव में बैठक आयोजित कर सदस्यता अभियान को तेज करें।
किशोर राय, नवीन पांडेय, सुखदेव कोल्ह समेत सभी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ें और संगठन को मजबूत करें। गिरिडीह शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड और बूथ के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी संगठन खड़ा करना अनिवार्य बताया गया।
युवाओं की भूमिका और वैचारिक मजबूती पर जोर
बैठक में राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने युवाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि वैचारिक रूप से कमजोर युवा अक्सर दिखावटी राजनीति की ओर आकर्षित हो जाते हैं।
राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने कहा: “युवाओं को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर गंभीर होना होगा और वैचारिक रूप से मजबूत बनना होगा।”
उन्होंने युवाओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देने की जरूरत पर बल दिया।
पुराने नेताओं की वापसी की अपील
बैठक में मेहताब अली मिर्जा, शंकर पांडेय और सलामत अंसारी ने उन पुराने नेताओं से पार्टी में लौटने की अपील की, जो किसी कारणवश सक्रिय राजनीति से दूर हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि अनुभवी नेताओं की वापसी से संगठन को मजबूती मिलेगी और नए कार्यकर्ताओं को भी दिशा मिलेगी।
जिला सचिव का आह्वान और जिम्मेदारी
माले जिला सचिव अशोक पासवान ने बैठक में संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अशोक पासवान ने कहा: “गिरिडीह और गांडेय दोनों विधानसभा क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए लगातार जनता से जुड़े रहना जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि पीरटांड़ क्षेत्र में संगठन विस्तार के लिए अजीत राय और उनकी टीम को हर गांव तक पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है।
भविष्य की रणनीति और लक्ष्य
बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि पार्टी का लक्ष्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि दोनों विधानसभा क्षेत्रों को मजबूत राजनीतिक आधार बनाना है। इसके लिए गांव-गांव तक पहुंचने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और लगातार जन मुद्दों पर सक्रिय रहने की रणनीति बनाई गई है।
सभी कार्यकर्ताओं ने इस दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: जमीनी राजनीति को फिर से सक्रिय करने की कोशिश
चिहुटिया बैठक से यह स्पष्ट होता है कि भाकपा माले अब संगठन को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करने की दिशा में गंभीर है। पुराने नेताओं की वापसी, नई जिम्मेदारियों का बंटवारा और बूथ स्तर तक पहुंचने की रणनीति इस बात का संकेत है कि पार्टी आने वाले समय में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन योजनाओं का असर वास्तविक राजनीति में कितना दिखता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मजबूत संगठन ही बनाता है मजबूत लोकतंत्र
लोकतंत्र की असली ताकत जमीनी स्तर पर सक्रिय लोगों से आती है। जब गांव-गांव और बूथ स्तर पर जागरूकता बढ़ती है, तभी सही प्रतिनिधित्व और विकास संभव हो पाता है।
आप भी अपने क्षेत्र की गतिविधियों से जुड़े रहें, जन मुद्दों को समझें और सही दिशा में आवाज उठाएं। बदलाव की शुरुआत हमेशा स्थानीय स्तर से होती है।
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