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गिरिडीह महुवाटांड़ में माले की बड़ी कार्यशाला, गिरिडीह और गांडेय विधानसभा को लाल झंडे में बदलने का लक्ष्य तय

#गिरिडीह #राजनीतिक_कार्यशाला : माले की कार्यशाला में संगठन विस्तार और आंदोलनों को तेज करने पर जोर दिया गया।

गिरिडीह जिले के महुवाटांड़ में गिरिडीह और गांडेय विधानसभा की संयुक्त राजनीतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों विधानसभा कमिटियों के लगभग 70 चुने हुए कॉमरेड शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य संगठन और जनसंगठनों के विस्तार के साथ फासीवादी ताकतों के खिलाफ संघर्ष की रणनीति तय करना रहा। कार्यक्रम में पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद सहित वरिष्ठ नेताओं ने आगामी आंदोलनों और सदस्यता अभियान पर दिशा-निर्देश दिए। यह कार्यशाला आने वाले समय में जिले की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

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  • महुवाटांड़ में गिरिडीह और गांडेय विधानसभा की संयुक्त राजनीतिक कार्यशाला आयोजित हुई।
  • पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद ने दोनों विधानसभाओं को लाल झंडे में बदलने का लक्ष्य रखा।
  • पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि फर्जी मुकदमों के बदले आंदोलन से जोरदार जवाब दिया जायेगा
  • संगठन विस्तार के लिए युवा, महिला, किसान और छात्र संगठनों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
  • आगामी लाठी मार्च, बड़ी सभा और जिला सम्मेलन की कार्ययोजना तय की गई।

गिरिडीह जिले के महुवाटांड़ में आयोजित इस कार्यशाला में गिरिडीह विधानसभा और गांडेय विधानसभा की जिला कमिटी, नगर कमिटी और प्रखंड कमिटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुई, जहां सभी साथियों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित किए। इस दौरान गांधी जी के जीवन, उनके विचारों और अहिंसा के सिद्धांतों पर चर्चा की गई तथा उनकी हत्या करने वाली विचारधारा का विरोध दर्ज किया गया। इसके बाद कार्यशाला के एजेंडे पर क्रमबद्ध चर्चा शुरू हुई।

संगठन विस्तार और राजनीतिक दिशा

कार्यशाला का मुख्य विषय जनसंगठनों का विस्तार और फासीवादी ताकतों को पीछे धकेलने की रणनीति रहा। नेताओं ने कहा कि पार्टी की आंतरिक सोच को और मजबूत करने के साथ सदस्यता अभियान को तेज करना जरूरी है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ प्रखंड और मुफ्फसिल इलाकों में संगठन को मजबूत करने पर सहमति बनी। पीरटांड़, बेंगाबाद और गांडेय क्षेत्र को संगठन विस्तार की प्राथमिकता में रखा गया।

वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन

मुख्य शिक्षक के रूप में पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, जिला सचिव अशोक पासवान, दोनों विधानसभा के नेता पूरन महतो और राज्य कमिटी सदस्य जयंती चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
जनार्दन प्रसाद ने कहा:

“गिरिडीह और गांडेय विधानसभा को लाल झंडे में बदलना हमारा लक्ष्य है, इसके लिए गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करना होगा।”

उन्होंने युवा, महिला, किसान और छात्र संगठनों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए जिला और प्रखंड स्तर के नेतृत्व को पार्टी कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

आंदोलन और संघर्ष की रणनीति

पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा:

“जब आंदोलन के जरिए आपका राजनीतिक कद बढ़ेगा, तब विरोधी ताकतें फर्जी मुकदमों के जरिए दबाव बनाएंगी, जिसका जवाब संगठित आंदोलन से देना होगा।”

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उनकी बातों को कार्यकर्ताओं ने गंभीरता से लेते हुए एकजुट संघर्ष का संकल्प दोहराया।

जन मुद्दों को उजागर करने की अपील

जिला कमिटी सदस्य राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, अजीत राय, शंकर पांडेय, मेहताब अली मिर्जा, रामलाल मुर्मू और प्रीति भास्कर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं धरातल पर लागू नहीं हो रही हैं। उन्होंने इन कमियों को जनता के बीच उजागर करने और जनसंगठनों के माध्यम से सवाल उठाने की बात कही।

जिला सम्मेलन और बड़ी गोलबंदी की तैयारी

माले नेताओं ने बताया कि गिरिडीह जिला मुख्यालय में जिला सम्मेलन आयोजित किया जाना तय है। इससे पहले तीस से चालीस हजार लोगों की गोलबंदी कर जिला मुख्यालय में शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि जनता के मुद्दों पर आवाज तेज की जाएगी और आंदोलनों को दबाने की कोशिशों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।

नगर निगम चुनाव और पर्यावरण के मुद्दे

कार्यशाला में नगर निगम चुनाव के अलावा प्रदूषण जैसे अहम विषयों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि फैक्ट्रियों को खेती योग्य जमीन बर्बाद करने का अधिकार नहीं है। सीएसआर फंड के नाम पर उद्योगों द्वारा जनता के हितों की अनदेखी किए जाने का भी विरोध जारी रखने का निर्णय लिया गया।

बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

कार्यशाला में शेखर सिंह, मसूदन कोल, लखन कोल, सलामत अंसारी, भीम कोल, किशोर राय, नवीन पाण्डेय, पवन यादव, शहरी क्षेत्र से अखिलेश राज, किशन सिन्हा, तबारक, एकराम अंसारी, प्रियंका उपाध्याय, भीखन अंसारी, राजेन्द्र सिंह, जयनारायण सिंह, निर्मल सिंह सहित कई नेता उपस्थित थे।
गांडेय क्षेत्र से हिमांशु शेखर सिंह, नवीन पाण्डेय, मुस्तकीम अंसारी, गोपाल पंडित तथा बेंगाबाद और अन्य प्रखंडों से भी दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

आगामी योजनाएं और लक्ष्य

कार्यशाला में तय किया गया कि गिरिडीह विधानसभा में तीन हजार, गांडेय विधानसभा में दो हजार, जिले भर में तीस हजार केडर और पांच लाख जनसंगठन तैयार किए जाएंगे।
कार्यक्रम के तहत फरवरी के पहले सप्ताह में लाठी मार्च, मार्च में बड़ी सभा, दिवाल लेखन, अप्रैल में जिला मुख्यालय में तीस से चालीस हजार की गोलबंदी और इसके बाद जिला सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: गिरिडीह में माले की राजनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत

महुवाटांड़ की यह कार्यशाला गिरिडीह और गांडेय विधानसभा में माले की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को दर्शाती है। संगठन विस्तार और जन मुद्दों को केंद्र में रखकर पार्टी ने आने वाले महीनों के लिए स्पष्ट रणनीति तय की है। सरकारी योजनाओं की स्थिति, पर्यावरण और जनसरोकारों पर फोकस यह संकेत देता है कि क्षेत्रीय राजनीति में हलचल बढ़ सकती है। इन योजनाओं का असर जमीन पर कितना दिखेगा, इस पर नजर बनी रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग संगठन और जनभागीदारी से ही मजबूत होगी लोकतांत्रिक राजनीति

जन मुद्दों पर संगठित प्रयास और सक्रिय भागीदारी से ही बदलाव संभव है। ऐसी कार्यशालाएं राजनीतिक संवाद और जवाबदेही को मजबूत करती हैं।
अगर आपके क्षेत्र से जुड़े सवाल या समस्याएं हैं, तो उन्हें सामने लाना जरूरी है। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जन सरोकारों की इस चर्चा को आगे बढ़ाएं।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह
#गिरिडीह #राजनीतिक_कार्यशाला : माले की कार्यशाला में संगठन विस्तार और आंदोलनों को तेज करने पर जोर दिया गया।

गिरिडीह जिले के महुवाटांड़ में गिरिडीह और गांडेय विधानसभा की संयुक्त राजनीतिक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों विधानसभा कमिटियों के लगभग 70 चुने हुए कॉमरेड शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य संगठन और जनसंगठनों के विस्तार के साथ फासीवादी ताकतों के खिलाफ संघर्ष की रणनीति तय करना रहा। कार्यक्रम में पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद सहित वरिष्ठ नेताओं ने आगामी आंदोलनों और सदस्यता अभियान पर दिशा-निर्देश दिए। यह कार्यशाला आने वाले समय में जिले की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

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  • महुवाटांड़ में गिरिडीह और गांडेय विधानसभा की संयुक्त राजनीतिक कार्यशाला आयोजित हुई।
  • पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद ने दोनों विधानसभाओं को लाल झंडे में बदलने का लक्ष्य रखा।
  • पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने फर्जी मुकदमों के खिलाफ आंदोलन से जवाब देने की बात कही।
  • संगठन विस्तार के लिए युवा, महिला, किसान और छात्र संगठनों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
  • आगामी लाठी मार्च, बड़ी सभा और जिला सम्मेलन की कार्ययोजना तय की गई।

गिरिडीह जिले के महुवाटांड़ में आयोजित इस कार्यशाला में गिरिडीह विधानसभा और गांडेय विधानसभा की जिला कमिटी, नगर कमिटी और प्रखंड कमिटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुई, जहां सभी साथियों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित किए। इस दौरान गांधी जी के जीवन, उनके विचारों और अहिंसा के सिद्धांतों पर चर्चा की गई तथा उनकी हत्या करने वाली विचारधारा का विरोध दर्ज किया गया। इसके बाद कार्यशाला के एजेंडे पर क्रमबद्ध चर्चा शुरू हुई।

संगठन विस्तार और राजनीतिक दिशा

कार्यशाला का मुख्य विषय जनसंगठनों का विस्तार और फासीवादी ताकतों को पीछे धकेलने की रणनीति रहा। नेताओं ने कहा कि पार्टी की आंतरिक सोच को और मजबूत करने के साथ सदस्यता अभियान को तेज करना जरूरी है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ प्रखंड और मुफ्फसिल इलाकों में संगठन को मजबूत करने पर सहमति बनी। पीरटांड़, बेंगाबाद और गांडेय क्षेत्र को संगठन विस्तार की प्राथमिकता में रखा गया।

वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन

मुख्य शिक्षक के रूप में पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, जिला सचिव अशोक पासवान, दोनों विधानसभा के नेता पूरन महतो और राज्य कमिटी सदस्य जयंती चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
जनार्दन प्रसाद ने कहा:

“गिरिडीह और गांडेय विधानसभा को लाल झंडे में बदलना हमारा लक्ष्य है, इसके लिए गांव-गांव तक संगठन को मजबूत करना होगा।”

उन्होंने युवा, महिला, किसान और छात्र संगठनों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए जिला और प्रखंड स्तर के नेतृत्व को पार्टी कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

आंदोलन और संघर्ष की रणनीति

पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा:

“जब आंदोलन के जरिए आपका राजनीतिक कद बढ़ेगा, तब विरोधी ताकतें फर्जी मुकदमों के जरिए दबाव बनाएंगी, जिसका जवाब संगठित आंदोलन से देना होगा।”

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उनकी बातों को कार्यकर्ताओं ने गंभीरता से लेते हुए एकजुट संघर्ष का संकल्प दोहराया।

जन मुद्दों को उजागर करने की अपील

जिला कमिटी सदस्य राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, अजीत राय, शंकर पांडेय, मेहताब अली मिर्जा, रामलाल मुर्मू और प्रीति भास्कर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं धरातल पर लागू नहीं हो रही हैं। उन्होंने इन कमियों को जनता के बीच उजागर करने और जनसंगठनों के माध्यम से सवाल उठाने की बात कही।

जिला सम्मेलन और बड़ी गोलबंदी की तैयारी

माले नेताओं ने बताया कि गिरिडीह जिला मुख्यालय में जिला सम्मेलन आयोजित किया जाना तय है। इससे पहले तीस से चालीस हजार लोगों की गोलबंदी कर जिला मुख्यालय में शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि जनता के मुद्दों पर आवाज तेज की जाएगी और आंदोलनों को दबाने की कोशिशों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।

नगर निगम चुनाव और पर्यावरण के मुद्दे

कार्यशाला में नगर निगम चुनाव के अलावा प्रदूषण जैसे अहम विषयों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि फैक्ट्रियों को खेती योग्य जमीन बर्बाद करने का अधिकार नहीं है। सीएसआर फंड के नाम पर उद्योगों द्वारा जनता के हितों की अनदेखी किए जाने का भी विरोध जारी रखने का निर्णय लिया गया।

बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

कार्यशाला में शेखर सिंह, मसूदन कोल, लखन कोल, सलामत अंसारी, भीम कोल, किशोर राय, नवीन पाण्डेय, पवन यादव, शहरी क्षेत्र से अखिलेश राज, किशन सिन्हा, तबारक, एकराम अंसारी, प्रियंका उपाध्याय, भीखन अंसारी, राजेन्द्र सिंह, जयनारायण सिंह, निर्मल सिंह सहित कई नेता उपस्थित थे।
गांडेय क्षेत्र से हिमांशु शेखर सिंह, नवीन पाण्डेय, मुस्तकीम अंसारी, गोपाल पंडित तथा बेंगाबाद और अन्य प्रखंडों से भी दर्जनों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

आगामी योजनाएं और लक्ष्य

कार्यशाला में तय किया गया कि गिरिडीह विधानसभा में तीन हजार, गांडेय विधानसभा में दो हजार, जिले भर में तीस हजार केडर और पांच लाख जनसंगठन तैयार किए जाएंगे।
कार्यक्रम के तहत फरवरी के पहले सप्ताह में लाठी मार्च, मार्च में बड़ी सभा, दिवाल लेखन, अप्रैल में जिला मुख्यालय में तीस से चालीस हजार की गोलबंदी और इसके बाद जिला सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: गिरिडीह में माले की राजनीतिक सक्रियता का स्पष्ट संकेत

महुवाटांड़ की यह कार्यशाला गिरिडीह और गांडेय विधानसभा में माले की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को दर्शाती है। संगठन विस्तार और जन मुद्दों को केंद्र में रखकर पार्टी ने आने वाले महीनों के लिए स्पष्ट रणनीति तय की है। सरकारी योजनाओं की स्थिति, पर्यावरण और जनसरोकारों पर फोकस यह संकेत देता है कि क्षेत्रीय राजनीति में हलचल बढ़ सकती है। इन योजनाओं का असर जमीन पर कितना दिखेगा, इस पर नजर बनी रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग संगठन और जनभागीदारी से ही मजबूत होगी लोकतांत्रिक राजनीति

जन मुद्दों पर संगठित प्रयास और सक्रिय भागीदारी से ही बदलाव संभव है। ऐसी कार्यशालाएं राजनीतिक संवाद और जवाबदेही को मजबूत करती हैं।
अगर आपके क्षेत्र से जुड़े सवाल या समस्याएं हैं, तो उन्हें सामने लाना जरूरी है। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जन सरोकारों की इस चर्चा को आगे बढ़ाएं।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर
#गिरिडीह #राजनीतिक_कार्यशाला : माले की कार्यशाला में संगठन विस्तार और आंदोलनों को तेज करने पर जोर दिया गया।

गिरिडीह जिले के महुवाटांड़ में गिरिडीह और गांडेय विधानसभा की संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 70 चुने हुए पार्टी कॉमरेड शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य संगठन और जनसंगठनों का विस्तार, फासीवादी ताकतों के खिलाफ संघर्ष और पार्टी सदस्यता बढ़ाने की रणनीति तय करना रहा। इस दौरान पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने दोनों विधानसभाओं को लाल झंडे में बदलने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में आगामी आंदोलनों, नगर निगम चुनाव और जन मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।

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  • महुवाटांड़ में गिरिडीह और गांडेय विधानसभा की संयुक्त राजनीतिक कार्यशाला आयोजित।
  • पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद ने दोनों विधानसभाओं को लाल झंडे में बदलने का लक्ष्य रखा।
  • पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने आंदोलनों के दौरान फर्जी मुकदमों से सतर्क रहने की चेतावनी दी।
  • संगठन विस्तार, युवा, महिला, किसान और छात्र भागीदारी बढ़ाने पर जोर।
  • आगामी लाठी मार्च, बड़ी सभा और जिला सम्मेलन की रूपरेखा तय।

गिरिडीह जिले के महुवाटांड़ में आयोजित इस कार्यशाला में गिरिडीह विधानसभा और गांडेय विधानसभा की जिला कमिटी, नगर कमिटी और प्रखंड कमिटी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुई, जहां सभी साथियों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित किए। गांधी जी के जीवन और उनके विचारों पर चर्चा करते हुए उनके हत्यारे की विचारधारा का विरोध किया गया। इसके बाद कार्यशाला के मुख्य विषयों पर विस्तृत संवाद शुरू हुआ।

संगठन विस्तार और राजनीतिक दिशा

कार्यशाला का प्रमुख विषय जनसंगठनों का विस्तार और फासीवादी ताकतों को पीछे धकेलने की रणनीति रहा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी की आंतरिक सोच को और मजबूत करना तथा सदस्यता अभियान को तेज करना समय की जरूरत है। शहरी, प्रखंड और मुफ्फसिल क्षेत्रों के साथ-साथ पीरटांड़, बेंगाबाद और गांडेय के तमाम इलाकों में संगठन को आगे बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया।

वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन

मुख्य शिक्षक के रूप में पोलित ब्यूरो सदस्य जनार्दन प्रसाद, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, जिला सचिव अशोक पासवान, दोनों विधानसभा के नेता पूरन महतो और राज्य कमिटी सदस्य जयंती चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
जनार्दन प्रसाद ने कहा:

“गिरिडीह और गांडेय विधानसभा को लाल झंडे में बदलना हमारा लक्ष्य है और इसके लिए संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करना होगा।”

उन्होंने युवा, महिला, किसान और छात्र संगठनों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया और जिला व प्रखंड स्तर के नेतृत्व को पार्टी कार्य तेज करने का निर्देश दिया।

आंदोलन और संघर्ष की रणनीति

पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा:

“गिरिडीह विधानसभा में जब आंदोलन के जरिए आपका कद बढ़ेगा, तो विरोधी ताकतें फर्जी मुकदमों के जरिए हमला करेंगी। ऐसे में आंख से आंख मिलाकर आंदोलन के रूप में जवाब देना होगा।”

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उनकी इस चेतावनी को कार्यकर्ताओं ने गंभीरता से लिया और संगठित संघर्ष के लिए तैयार रहने का संकल्प दोहराया।

जन मुद्दों को उजागर करने की अपील

जिला कमिटी सदस्य राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, अजीत राय, शंकर पांडेय, मेहताब अली मिर्जा, रामलाल मुर्मू और प्रीति भास्कर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं जमीन पर लागू नहीं हो रही हैं। इन विफलताओं को जनता के सामने उजागर करना पार्टी और जनसंगठनों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

जिला सम्मेलन और बड़ी गोलबंदी की तैयारी

माले नेता राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय ने बताया कि गिरिडीह जिला मुख्यालय में जिला सम्मेलन आयोजित किया जाना तय है। इससे पहले तीस से चालीस हजार लोगों की गोलबंदी जिला मुख्यालय में की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों पर आवाज तेज की जाएगी और आंदोलन को दबाने वालों के खिलाफ स्थानीय जनता को भी आगे आना होगा।

नगर निगम चुनाव और पर्यावरण के मुद्दे

कार्यशाला में नगर निगम चुनाव के अलावा प्रदूषण जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि फैक्ट्रियों को खेत बर्बाद करने का कोई अधिकार नहीं है। सीएसआर फंड के नाम पर फैक्ट्रियों द्वारा जनता के लिए कम और अपने लिए ज्यादा काम करने की नीति का विरोध लगातार किया जाएगा।

बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

कार्यशाला में मुख्य रूप से शेखर सिंह, मसूदन कोल, लखन कोल, सलामत अंसारी, भीम कोल, किशोर राय, नवीन पाण्डेय, पवन यादव, शहरी क्षेत्र से अखिलेश राज, किशन सिन्हा, तबारक, प्रीति भास्कर, एकराम अंसारी, प्रियंका उपाध्याय, भीखन अंसारी, राजेन्द्र सिंह, जयनारायण सिंह, निर्मल सिंह सहित कई नेता मौजूद थे।
गांडेय से हिमांशु शेखर सिंह, नवीन पाण्डेय, मुस्तकीम अंसारी, गोपाल पंडित तथा बेंगाबाद और अन्य प्रखंडों से दर्जनों साथियों ने भाग लिया और कार्यशाला से राजनीतिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

आगामी योजनाएं और लक्ष्य

कार्यशाला में तय योजनाओं के अनुसार गिरिडीह विधानसभा में तीन हजार, गांडेय विधानसभा में दो हजार, जिले भर में तीस हजार केडर और पांच लाख जनसंगठन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया। इसके साथ ही आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनी।
कार्यक्रम के तहत फरवरी के पहले सप्ताह में लाठी मार्च, मार्च में बड़ी सभा, दिवाल लेखन, अप्रैल में जिला मुख्यालय में तीस से चालीस हजार की गोलबंदी और इसके तुरंत बाद जिला सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: गिरिडीह में माले की राजनीतिक सक्रियता का नया संकेत

यह कार्यशाला गिरिडीह और गांडेय विधानसभा में माले की राजनीतिक सक्रियता को नई दिशा देती है। संगठन विस्तार और जन मुद्दों को केंद्र में रखकर पार्टी ने आगामी महीनों के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। सरकार की योजनाओं की विफलताओं और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर संघर्ष का ऐलान यह बताता है कि आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति और तेज हो सकती है। अब देखना होगा कि तय किए गए लक्ष्य जमीन पर किस हद तक साकार होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

लोकतांत्रिक भागीदारी से ही बदलेगी राजनीति की दिशा

जन मुद्दों पर संगठित आवाज और सक्रिय नागरिक भागीदारी से ही बदलाव संभव है। ऐसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि राजनीति केवल चुनाव तक सीमित नहीं, बल्कि निरंतर संवाद और संघर्ष की प्रक्रिया है।
अगर आपके क्षेत्र से जुड़े सवाल, समस्याएं या सुझाव हैं, तो उन्हें सामने लाना जरूरी है। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और जन सरोकारों की इस बहस को आगे बढ़ाएं।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर
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