गिरिडीह में बिजली व्यवस्था को लेकर माले का विरोध, संसाधन और कर्मियों की कमी पर उठाए सवाल

गिरिडीह में बिजली व्यवस्था को लेकर माले का विरोध, संसाधन और कर्मियों की कमी पर उठाए सवाल

author News देखो Team
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#गिरिडीह #बिजली_संकट : लंबे बिजली संकट के बाद माले नेताओं ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठाए।

गिरिडीह में लगातार कई घंटों तक बिजली बाधित रहने के बाद माले नेताओं ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और संसाधनों की कमी को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। माले नेता राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की टीम डांडेडीह बिजली विभाग पहुंची और बिजली व्यवस्था की जानकारी ली। नेताओं ने कहा कि विभाग में कर्मियों, अफसरों और संसाधनों की भारी कमी के कारण आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। साथ ही मुफ्फसिल क्षेत्र में घरों के ऊपर से गुजर रहे बिजली तारों को लेकर भी चिंता जताई गई।

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  • गिरिडीह में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से लोग परेशान रहे।
  • माले नेताओं ने बिजली विभाग में संसाधनों की कमी का उठाया मुद्दा।
  • डांडेडीह बिजली विभाग पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने ली स्थिति की जानकारी।
  • 50 घंटे तक बिजली खराब रहने का लगाया आरोप।
  • मुफ्फसिल क्षेत्र में घरों के ऊपर से गुजर रहे बिजली तारों पर जताई चिंता।
  • राज्य सरकार से कर्मी और अफसरों की बहाली की मांग की गई।

गिरिडीह में लगातार बिजली संकट और लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बाद माले नेताओं ने राज्य सरकार और बिजली विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। माले नेता राजेश सिन्हा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की टीम डांडेडीह स्थित बिजली विभाग पहुंची और बिजली आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। नेताओं ने कहा कि विभाग में संसाधन, कर्मियों और अधिकारियों की भारी कमी के कारण आम लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली संकट से परेशान रहे लोग

माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा कि शुक्रवार को दिनभर और पूरी रात बिजली गुल रही, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए।

राजेश सिन्हा ने कहा: “बिजली विभाग का नाम सुनते ही गिरिडीह की जनता को करंट लगता है। इसका मुख्य कारण संसाधनों, कर्मियों और अफसरों की भारी कमी है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विभागों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है।

50 घंटे तक फॉल्ट खोजने में लगी रही टीम

राजेश सिन्हा ने बताया कि बिजली विभाग के लगभग 50 कर्मियों और अधिकारियों की टीम लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में फॉल्ट खोजने में लगी रही, लेकिन लंबे समय तक खराबी का पता नहीं चल सका।

राजेश सिन्हा ने कहा: “लगातार 50 घंटे तक बिजली बाधित रही। फॉल्ट का पता लगाना भी मुश्किल हो गया था। इसके बाद कहीं जाकर बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।”

उन्होंने कहा कि बिजली के इंतजार में अधिकांश लोग रातभर सो नहीं सके। उन्होंने यह भी कहा कि अमीर लोग वैकल्पिक व्यवस्था कर लेते हैं, लेकिन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।

सरकार से संसाधन और कर्मी बढ़ाने की मांग

माले नेताओं ने राज्य सरकार से बिजली विभाग में संसाधन, तकनीकी उपकरण, कर्मी और अधिकारियों की बहाली जल्द करने की मांग की।

राजेश सिन्हा ने कहा: “राज्य सरकार को सबसे पहले बिजली विभाग में संसाधनों की कमी दूर करनी चाहिए और पर्याप्त कर्मियों की नियुक्ति करनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि मूलभूत सेवाओं से जुड़े विभागों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

घरों के ऊपर से गुजर रहे बिजली तारों पर चिंता

मुफ्फसिल क्षेत्र से माले नेता कन्हाई पांडेय और असंगठित मजदूर मोर्चा के नेताओं ने बताया कि कई इलाकों में बिजली के तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में बिजली विभाग को आवेदन दिया जाएगा और अधिकारियों से बातचीत भी की गई है।

कन्हाई पांडेय ने कहा: “मुफ्फसिल क्षेत्र में कई जगह बिजली तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं। यह गंभीर सुरक्षा का मामला है, जिस पर विभाग को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।”

कई कार्यकर्ता रहे मौजूद

डांडेडीह बिजली विभाग पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में किशोर राय, मसूदन कोल, नवीन पांडेय, भिखारी राय, सुनील ठाकुर, दिलचंद कोल और मोहन कोल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यकर्ताओं ने बिजली व्यवस्था में सुधार और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।

न्यूज़ देखो: बिजली जैसी मूलभूत सेवा में लापरवाही जनता पर भारी

बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि आज के समय में जरूरी बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से आम जनजीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटे व्यवसाय सीधे प्रभावित होते हैं। यदि विभाग में संसाधनों और कर्मियों की कमी है तो सरकार को प्राथमिकता के आधार पर इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। साथ ही सुरक्षा मानकों की अनदेखी भविष्य में बड़े हादसों को जन्म दे सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मजबूत व्यवस्था से ही मिलेगी आम लोगों को राहत

जब बुनियादी सेवाएं बेहतर होती हैं तभी लोगों का जीवन आसान और सुरक्षित बनता है। बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को मजबूत करना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर समस्याओं की पहचान और समाधान के लिए सक्रिय रहना चाहिए। जागरूक नागरिक ही व्यवस्था में सुधार की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।

आप भी अपने क्षेत्र की बिजली समस्याओं और सुझावों को कमेंट में साझा करें। खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जनहित के मुद्दों पर जागरूकता फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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