पलामू जिले में अवैध खनन पर सख्ती तेज, नवंबर में 75 वाहन जब्त, 13 लाख से अधिक जुर्माना वसूला

पलामू जिले में अवैध खनन पर सख्ती तेज, नवंबर में 75 वाहन जब्त, 13 लाख से अधिक जुर्माना वसूला

author Tirthraj Dubey
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#पलामू #अवैधखनन : जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में कार्रवाई की समीक्षा और चेक पोस्ट सुदृढ़ करने के निर्देश।

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त समीरा एस की अध्यक्षता में सोमवार को जिला खनन टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। नवंबर माह में विभिन्न विभागों द्वारा कुल 75 वाहनों की जब्ती और 13 लाख रुपये से अधिक जुर्माना वसूली की जानकारी साझा की गई। प्रशासन ने अवैध बालू परिवहन रोकने के लिए चेक पोस्ट को और मजबूत करने पर जोर दिया।

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  • उपायुक्त समीरा एस की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक।
  • नवंबर माह में 75 वाहन जब्त, 13 लाख 96 हजार रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया।
  • खनन विभाग ने 18 वाहन जब्त, 11.32 लाख रुपये जुर्माना वसूला।
  • जिला परिवहन कार्यालय ने 12 वाहन जब्त, 2.64 लाख रुपये जुर्माना
  • हरिहरगंज अंचल में सबसे अधिक 09 वाहन जब्ती की कार्रवाई।
  • अवैध बालू परिवहन रोकने के लिए चेक पोस्ट सुदृढ़ करने के निर्देश।

जिले में अवैध खनन और बालू के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्रीमती समीरा एस ने की। बैठक में उपायुक्त ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत जानकारी ली और संबंधित विभागों से रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

अवैध खनन पर कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा

बैठक के दौरान जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) सुनील कुमार ने अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि नवंबर माह में खनन विभाग द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त कुल 18 वाहनों को जब्त किया गया है। इसके साथ ही 11 लाख 32 हजार रुपये बतौर जुर्माना वसूला गया, जबकि 5 प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं।

डीएमओ ने बताया कि विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी और छापेमारी की जा रही है, जिससे अवैध खनन गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अभी भी शिकायतें मिल रही हैं, जिस पर सख्त कार्रवाई जारी है।

परिवहन विभाग और अंचलों की कार्रवाई

बैठक में जिला परिवहन कार्यालय द्वारा की गई कार्रवाई की भी जानकारी दी गई। परिवहन विभाग ने अवैध परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 वाहनों को जब्त किया और 2 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।

इसके अलावा, जिले के विभिन्न अंचलों द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 45 वाहन जब्त किए गए। इनमें सबसे अधिक कार्रवाई हरिहरगंज अंचल में हुई, जहां 09 वाहन जब्त किए गए। उपायुक्त ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों पर नजर रखें।

अवैध बालू परिवहन रोकने के लिए चेक पोस्ट सुदृढ़ीकरण

बैठक में उपायुक्त समीरा एस ने जिले में अवैध बालू के परिवहन को रोकने के लिए बनाए गए चेक पोस्टों की समीक्षा की। उन्होंने डीएमओ से चेक पोस्ट से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी चेक पोस्टों को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया जाए।

उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले चेक नाकों का नियमित निरीक्षण करें और किसी भी तरह की लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि सभी सीओ निर्धारित बैठक से कम से कम 5 दिन पूर्व खनन से संबंधित कार्रवाई का समेकित प्रतिवेदन खनन कार्यालय को अनिवार्य रूप से भेजें।

अंचल और थाना स्तर पर कार्रवाई की समीक्षा

बैठक में उपायुक्त द्वारा अंचल एवं थाना स्तर पर अवैध परिवहन, खनन एवं भंडारण के विरुद्ध की गई कार्रवाई की भी गहन समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि अवैध खनन से न केवल राजस्व की क्षति रोकी जाए, बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर भी बल दिया, ताकि अवैध गतिविधियों की समय पर पहचान कर कार्रवाई की जा सके।

रात में छापेमारी के दौरान पुलिस बल अनिवार्य: एसपी

बैठक में पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने भी अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को संयुक्त औचक निरीक्षण करने पर जोर दिया।

एसपी रीष्मा रमेशन ने कहा:
“यदि रात के समय कहीं भी औचक निरीक्षण या छापेमारी की जाती है, तो अंचलाधिकारी अपने साथ पुलिस बल को अवश्य रखें। बेहतर समन्वय से किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि खनन से जुड़े मामलों में कई बार संगठित गिरोह सक्रिय रहते हैं, ऐसे में सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के अलावा वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार, उप विकास आयुक्त जावेद हुसैन, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, सदर एसडीओ सुलोचना मीणा, विभिन्न अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विभिन्न अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित थे। सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई को और तेज करने का भरोसा दिया।

न्यूज़ देखो: अवैध खनन पर प्रशासन का कड़ा रुख

जिला खनन टास्क फोर्स की यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि प्रशासन अवैध खनन और बालू परिवहन को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। लगातार जब्ती, जुर्माना और प्राथमिकी से यह संदेश गया है कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। अब यह देखना अहम होगा कि चेक पोस्टों की सुदृढ़ता और विभागीय समन्वय से जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा, सबकी जिम्मेदारी

अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। सजग नागरिक और सख्त प्रशासन मिलकर ही इस पर रोक लगा सकते हैं।

आपकी राय क्या है? क्या आपके क्षेत्र में भी अवैध खनन की समस्या है? कमेंट में अपनी बात रखें, खबर को साझा करें और जागरूकता फैलाने में हमारा साथ दें।

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Written by

पांडु, पलामू

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