छिपादोहर सरहुल महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, विधायक रामचंद्र सिंह का पारंपरिक सम्मान

छिपादोहर सरहुल महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, विधायक रामचंद्र सिंह का पारंपरिक सम्मान

author Akram Ansari
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#छिपादोहर #सरहुल_महोत्सव : गांधी मैदान में सांस्कृतिक उल्लास — विधायक समेत जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति।

पलामू जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत छिपादोहर में सरना सरहुल महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह शामिल हुए। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विधायक का पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी समारोह में मौजूद रहे। यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और परंपरा का प्रतीक बना।

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  • छिपादोहर गांधी मैदान में सरहुल महोत्सव का आयोजन।
  • विधायक रामचंद्र सिंह का पगड़ी पहनाकर सम्मान।
  • कार्यक्रम में संतोषी शेखर, सुशीला देवी, रेशमा रेखा मिंज सहित कई पदाधिकारी मौजूद।
  • पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ सांस्कृतिक आयोजन।
  • स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी, उत्साहपूर्ण माहौल।

बरवाडीह (छिपादोहर), प्रतिनिधि।
पलामू जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत छिपादोहर स्थित गांधी मैदान में सरना सरहुल महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान विधायक का पारंपरिक रीति से पगड़ी पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।

पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ आयोजन

सरहुल महोत्सव झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर छिपादोहर में आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।

स्थानीय लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर अपने सांस्कृतिक गौरव का प्रदर्शन किया। गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से लोगों ने अपनी परंपरा को जीवंत रखा।

विधायक का किया गया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति द्वारा विधायक रामचंद्र सिंह को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान स्थानीय परंपरा के अनुसार दिया गया, जो सम्मान और आदर का प्रतीक माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा:
“सरहुल महोत्सव हमारी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है, जिसे हमें सहेजकर आगे बढ़ाना चाहिए।”

कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

इस भव्य आयोजन में जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर, प्रमुख सुशीला देवी, बीडीओ रेशमा रेखा मिंज, सीओ लोकेश सिंह, एसडीपीओ भरत राम, उप प्रमुख बीरेंद्र जयसवाल, विजय बहादुर सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सभी ने मिलकर कार्यक्रम की सराहना की और इस तरह के आयोजनों को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।

सांस्कृतिक रंग में रंगा पूरा क्षेत्र

कार्यक्रम के दौरान पूरे गांधी मैदान में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। लोग पारंपरिक गीतों और नृत्य पर झूमते नजर आए।

इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि सरहुल महोत्सव केवल एक पर्व नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।

न्यूज़ देखो: परंपरा और एकता का उत्सव

छिपादोहर में आयोजित सरहुल महोत्सव यह दर्शाता है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्र अपनी परंपराओं और संस्कृति को पूरी श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं। ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करते हैं।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि इस तरह के आयोजनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति से जुड़ी रहें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपनी संस्कृति से जुड़ें, परंपरा को आगे बढ़ाएं

सरहुल जैसे पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और हमारी पहचान को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों में भाग लेना और अपनी संस्कृति को सम्मान देना हम सभी की जिम्मेदारी है।

आइए, हम सभी मिलकर अपनी परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने का संकल्प लें।

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कमेंट कर बताएं कि आपके क्षेत्र में सरहुल महोत्सव कैसे मनाया जाता है।
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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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