
#गुमलाशहर #जनसहायता_शिविर : वार्ड नंबर 5 में आयोजित एक दिवसीय कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने रखी अपनी समस्याएं।
गुमला शहर के खड़िया पाड़ा वार्ड संख्या 05 में असंगठित कामगार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सह 20 सूत्री सदस्य मुख्तार आलम द्वारा एक दिवसीय जन सहायता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हजारों महिला-पुरुषों ने अपनी प्रशासनिक एवं व्यक्तिगत समस्याएं सामने रखीं। इस शिविर का उद्देश्य आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान करना रहा। आयोजन को लेकर क्षेत्र में विशेष उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
- खड़िया पाड़ा वार्ड नंबर 05 में आयोजित हुआ एक दिवसीय जन सहायता शिविर।
- मुख्तार आलम ने हजारों लोगों की समस्याएं स्वयं सुनीं।
- सरकारी योजनाओं के लाभ और शिकायत समाधान पर रहा फोकस।
- सुबह से ही शिविर में लंबी कतारें लगी रहीं।
- बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष हुए शामिल।
गुमला शहर के खड़िया पाड़ा वार्ड संख्या 05 में आयोजित जन सहायता शिविर ने स्थानीय स्तर पर एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया। शिविर के आयोजन की जानकारी मिलते ही सुबह से ही क्षेत्र के लोग वहां पहुंचने लगे। देखते ही देखते शिविर स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग राशन कार्ड, पेंशन, आवास, स्वास्थ्य, श्रम विभाग से जुड़ी योजनाओं सहित अन्य प्रशासनिक समस्याओं को लेकर पहुंचे थे।
जनता की समस्याओं को प्राथमिकता
शिविर के दौरान मुख्तार आलम और उनकी टीम ने एक-एक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुना। कई मामलों में मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि जटिल समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया। शिविर में मौजूद लोगों ने बताया कि इस तरह का सीधा संवाद और सुनवाई उन्हें कम ही देखने को मिलती है।
सेवा को बताया राजनीति से ऊपर
मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्तार आलम ने कहा:
“राजनीति मेरे लिए एक माध्यम है, लेकिन सेवा करना मेरी पहली प्राथमिकता है। मेरे लिए हर जरूरतमंद और असहाय व्यक्ति सर्वोपरि है। जब तक अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सुविधा नहीं पहुंचेगी, हमारा संघर्ष और प्रयास जारी रहेगा।”
उन्होंने कहा कि उनकी टीम दिन-रात जनता की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है।
टीम की सक्रिय भूमिका
जन सहायता शिविर को सफल बनाने में मुख्तार आलम की टीम के सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई। शिविर में बबलू अंसारी, गुलेशर कुरैशी, महताब शेख, प्रदीप लकड़ा, कमला देवी, रानी कुमारी, मो नईम, सुमन तिर्की, मो कयूम, मो शहजाद, मो इनायत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
टीम के सदस्यों ने पंजीकरण, समस्या लेखन और लोगों को मार्गदर्शन देने का कार्य किया, जिससे शिविर व्यवस्थित रूप से संचालित हो सका।
महिलाओं की रही उल्लेखनीय भागीदारी
इस शिविर में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में महिलाएं घरेलू समस्याओं, पेंशन, राशन कार्ड और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से उन्हें अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिलता है।
स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रभाव
शिविर के आयोजन से खड़िया पाड़ा सहित आसपास के इलाकों में सकारात्मक संदेश गया। लोगों ने इसे जनहित में उठाया गया प्रभावी कदम बताया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस तरह के शिविर नियमित रूप से लगाए जाएं, तो कई समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकता है।
न्यूज़ देखो: जनसरोकार से जुड़ी राजनीति का उदाहरण
खड़िया पाड़ा में आयोजित यह जन सहायता शिविर यह दर्शाता है कि जनप्रतिनिधि और सामाजिक नेतृत्व यदि सीधे जनता से जुड़ें, तो समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी हो सकता है। मुख्तार आलम द्वारा सेवा को प्राथमिकता देने की बात इस आयोजन में व्यवहारिक रूप से दिखाई दी। अब यह देखना अहम होगा कि शिविर में उठाई गई समस्याओं पर आगे कितनी तेजी से कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब संवाद होगा, तभी समाधान निकलेगा
जन सहायता शिविर जैसे प्रयास समाज और प्रशासन के बीच सेतु का काम करते हैं।
जब जनता को सुना जाता है, तभी विश्वास मजबूत होता है।
आइए, ऐसे सकारात्मक प्रयासों को समर्थन दें और अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखें।
अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और समाज के विकास में भागीदार बनें।
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