
#दुमका #नववर्ष_भक्ति : नए साल के पहले दिन बासुकीनाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक।
नववर्ष 2026 के अवसर पर दुमका जिले के प्रसिद्ध फौजदारी दरबार बाबा बासुकीनाथ मंदिर में हजारों श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचे। अहले सुबह मंदिर का पट खुलते ही पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुगमता प्रदान करने के लिए प्रशासन ने मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की व्यापक तैनाती की। कतारबद्ध दर्शन और सुव्यवस्थित प्रवेश व्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं ने संतोष व्यक्त किया।
- बाबा बासुकीनाथ मंदिर, दुमका में नववर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़।
- सुबह पट खुलते ही पूजा-अर्चना और जलाभिषेक शुरू।
- प्रवेश चेक प्वाइंटों पर वरीय दंडाधिकारी व पुलिस बल तैनात।
- कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था से श्रद्धालुओं को मिली राहत।
- शिवगंगा घाट से स्नान कर हाथी द्वार से मंदिर प्रवेश।
- मंदिर सचिव एवं एसडीएम कौशल कुमार ने व्यवस्थाओं की निगरानी की।
नववर्ष 2026 के आगमन के साथ ही झारखंड के प्रमुख शिव धामों में शामिल बाबा बासुकीनाथ मंदिर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। बुधवार की सुबह मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। नए साल की शुरुआत भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक से करने की कामना लेकर देश-प्रदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई।
आस्था के साथ नए वर्ष की शुरुआत
श्रद्धालुओं का मानना है कि नववर्ष के पहले दिन बाबा बासुकीनाथ का दर्शन करने से पूरे वर्ष सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। इसी आस्था के चलते अहले सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की चहल-पहल बढ़ गई। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार, स्वजनों और समाज की खुशहाली के लिए बाबा भोलेनाथ से मंगल कामना की।
भीड़ नियंत्रण के लिए प्रशासन सतर्क
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मंदिर परिसर, मुख्य मार्गों और प्रवेश द्वारों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई। बासुकीनाथ धाम में प्रवेश के सभी चेक प्वाइंटों पर वरीय दंडाधिकारी और पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
मंदिर सचिव एवं अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार ने कहा:
“श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी चेक प्वाइंटों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। श्रद्धालु सुगमता पूर्वक आ-जा सकें और शांतिपूर्ण ढंग से पूजा-अर्चना कर सकें, यही प्राथमिकता है।”
कतारबद्ध दर्शन से मिली सुविधा
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया। इससे न केवल भीड़ नियंत्रण में मदद मिली, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी दर्शन में सहूलियत हुई। श्रद्धालुओं ने बताया कि जलाभिषेक और पूजा के दौरान व्यवस्था काफी संतोषजनक रही।
शिवगंगा घाट से जल लेकर पहुंचे भक्त
परंपरा के अनुसार श्रद्धालु शिवगंगा घाट में स्नान कर पवित्र जल लेकर संस्कार मंडप के रास्ते हाथी द्वार से मंदिर में प्रवेश करते नजर आए। जलार्पण के बाद श्रद्धालु अनुशासित ढंग से अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते रहे। पूरे क्षेत्र में भक्ति, अनुशासन और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
श्रद्धालुओं ने की प्रशासन की सराहना
पूजा-अर्चना के बाद कई श्रद्धालुओं ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की खुले दिल से प्रशंसा की। उनका कहना था कि भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारू रही, जिससे किसी प्रकार की अफरा-तफरी नहीं हुई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता से श्रद्धालुओं को सुरक्षा और सुविधा दोनों का भरोसा मिला।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी की परीक्षा
नववर्ष पर बाबा बासुकीनाथ धाम में उमड़ी भीड़ यह दर्शाती है कि धार्मिक पर्यटन झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का मजबूत आधार है। प्रशासन द्वारा की गई कतारबद्ध और सुरक्षित व्यवस्था सराहनीय है, लेकिन भविष्य में बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए स्थायी सुविधाओं का विस्तार भी आवश्यक होगा। आस्था और व्यवस्था के इस संतुलन को बनाए रखना प्रशासन की निरंतर जिम्मेदारी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था निभाएं, व्यवस्था का सम्मान करें
धार्मिक स्थलों पर श्रद्धा के साथ अनुशासन भी उतना ही जरूरी है। बाबा के दर्शन के साथ स्वच्छता, शांति और सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
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