
#गढ़वा #सीआरपीएफस्थापनादिवस : 172 बटालियन में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
गढ़वा स्थित 172 बटालियन सीआरपीएफ में 87वां स्थापना दिवस गरिमामय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके बलिदान को याद किया गया। कमांडेंट अजय कुमार वर्मा ने कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। कार्यक्रम में अधिकारियों और जवानों की सहभागिता रही।
- गढ़वा की 172 बटालियन सीआरपीएफ में 87वां स्थापना दिवस आयोजित।
- अजय कुमार वर्मा (कमांडेंट) ने शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलि।
- शहीद जवानों के साहस और बलिदान को किया गया नमन।
- कार्यक्रम में अधिकारियों और जवानों की उपस्थिति रही।
- सीआरपीएफ की आंतरिक सुरक्षा में भूमिका पर डाला गया प्रकाश।
- बल के गौरवशाली इतिहास को किया गया याद।
गढ़वा में स्थित 172 बटालियन सीआरपीएफ द्वारा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का 87वां स्थापना दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में बल के अधिकारियों और जवानों ने एकजुट होकर अपने साथियों के बलिदान को याद किया और राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
शहीद स्मारक पर अर्पित की गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत बटालियन के कमांडेंट अजय कुमार वर्मा द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान उपस्थित सभी जवानों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
कमांडेंट वर्मा ने शहीद जवानों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया।
कमांडेंट ने जवानों को किया संबोधित
इस अवसर पर कमांडेंट अजय कुमार वर्मा ने कहा:
अजय कुमार वर्मा ने कहा: “सीआरपीएफ के जवानों ने हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।”
उन्होंने आगे कहा:
“बल का गौरवशाली इतिहास हमें प्रेरणा देता है कि हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करें।”
उन्होंने सभी अधिकारियों, जवानों और उनके परिजनों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ की अहम भूमिका
कमांडेंट वर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि स्थापना काल से ही सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
उन्होंने कहा कि चाहे निष्पक्ष चुनाव कराना हो, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान चलाना हो या प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्य करना हो—हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में सीआरपीएफ के जवानों ने अपनी जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।
बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा की परंपरा
उन्होंने यह भी बताया कि सीआरपीएफ की इन उपलब्धियों के पीछे अनेक वीर जवानों और अधिकारियों का बलिदान शामिल है। कई जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, जबकि कई ने गंभीर चोटें झेलते हुए भी अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटे।
इन्हीं वीरों के योगदान के कारण आज सीआरपीएफ देश के सबसे विश्वसनीय सुरक्षा बलों में से एक बना हुआ है।
कार्यक्रम में रहा अनुशासन और गर्व का माहौल
पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और गर्व का माहौल देखने को मिला। जवानों ने अपने बल के इतिहास और परंपराओं को याद करते हुए देश सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
न्यूज़ देखो: शहीदों का सम्मान ही सच्ची श्रद्धांजलि
गढ़वा में आयोजित यह कार्यक्रम यह दिखाता है कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे आयोजन न केवल शहीदों को सम्मान देते हैं, बल्कि वर्तमान जवानों को भी प्रेरित करते हैं। हालांकि, समाज को भी इन वीरों के योगदान को समझना और सम्मान देना जरूरी है। क्या हम अपने शहीदों के प्रति पर्याप्त संवेदनशील हैं, यह सवाल हमेशा बना रहता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
वीरों के बलिदान को याद रखें और जिम्मेदारी निभाएं
देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों का बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करता है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके योगदान को याद रखें और एक जिम्मेदार नागरिक बनें।
आइए, हम सभी देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
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