
#मनोहरपुर #सिविक_एक्शन : सीआरपीएफ 193 बटालियन ने ग्रामीणों को आवश्यक सामग्री देकर सामाजिक सहभागिता मजबूत की।
मनोहरपुर प्रखंड के मरंगपोंगा गांव में सीआरपीएफ 193 बटालियन (ई) द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान आसपास के जरूरतमंद ग्रामीणों को दैनिक उपयोग और खेलकूद से जुड़ी सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व डीआईजीपी डॉ विनोद कार्तिक और कमांडेंट ओमजी शुक्ला ने किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों से सुरक्षा बलों का विश्वास मजबूत करना और युवाओं को शिक्षा व खेल के प्रति जागरूक करना रहा।
- सीआरपीएफ 193 बटालियन (ई) द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत शिविर आयोजित।
- मरंगपोंगा, डिकुपोंगा और होलंगहुलि के ग्रामीणों को मिली सहायता।
- सिलाई मशीन, सोलर लाइट, वाटर टैंक सहित आवश्यक सामग्री का वितरण।
- बच्चों के लिए खेल सामग्री बैट, बॉल, फुटबॉल और जर्सी प्रदान।
- डीआईजीपी डॉ विनोद कार्तिक और कमांडेंट ओमजी शुक्ला रहे मौजूद।
- ग्राममुंडा गुरूदेव बहन्दा सहित ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी।
मनोहरपुर प्रखंड के मरंगपोंगा गांव में आयोजित यह शिविर सुरक्षा बलों और ग्रामीण समाज के बीच बढ़ते आपसी सहयोग का उदाहरण बना। सीआरपीएफ 193 बटालियन (ई) द्वारा सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सामग्री का वितरण किया गया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को न केवल सहायता दी गई बल्कि उन्हें विकास और जागरूकता के लिए प्रेरित भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बच्चे उपस्थित रहे।
सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत शिविर का आयोजन
सीआरपीएफ 193 बटालियन (ई) की ओर से मनोहरपुर प्रखंड के मरंगपोंगा गांव में सिविक एक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत विशेष शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम डीआईजीपी डॉ विनोद कार्तिक और कमांडेंट ओमजी शुक्ला के नेतृत्व में संपन्न हुआ। शिविर का उद्देश्य दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास को मजबूत करना रहा।
इस शिविर में मरंगपोंगा के अलावा डिकुपोंगा और होलंगहुलि गांवों के ग्रामीणों को भी शामिल किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
जरूरतमंदों को मिली दैनिक उपयोग की सामग्री
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली कई आवश्यक वस्तुएं वितरित की गईं। इसमें सिंटेक्स का वाटर टैंक, वाटर फिल्टर, सोलर लाइट, कंबल, मच्छरदानी, छाता और घरेलू उपयोग के बर्तन शामिल थे। इन वस्तुओं से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल, रोशनी और स्वास्थ्य सुरक्षा में सहायता मिलेगी।
विशेष रूप से महिलाओं को सिलाई मशीन प्रदान की गई, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और घरेलू आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकें। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बच्चों और युवाओं को खेल सामग्री का वितरण
सीआरपीएफ द्वारा बच्चों और युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बैट, बॉल, फुटबॉल और जर्सी जैसी खेल सामग्री का भी वितरण किया गया। अधिकारियों ने माना कि खेल गतिविधियां युवाओं को सकारात्मक दिशा देती हैं और उन्हें नशा व असामाजिक गतिविधियों से दूर रखती हैं।
ग्रामीण बच्चों में खेल सामग्री पाकर विशेष उत्साह देखने को मिला, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस तरह की पहल उनके शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होगी।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को किया संबोधित
शिविर के दौरान डीआईजीपी डॉ विनोद कार्तिक और कमांडेंट ओमजी शुक्ला ने ग्रामीणों को संबोधित किया।
डॉ विनोद कार्तिक ने कहा:
“सिविक एक्शन प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल और शिक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।”
कमांडेंट ओमजी शुक्ला ने कहा:
“ग्रामीणों और युवाओं के साथ परस्पर सहयोग से ही गांव और समाज को सुरक्षित तथा विकसित बनाया जा सकता है।”
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे शिक्षा, खेल और आपसी सहयोग को प्राथमिकता दें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में मौजूद रहे अधिकारी और ग्रामीण
इस अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी आर०पी० सिंह, सहायक समादेष्टा गिरधारी सिंह बगडिया, ग्राममुंडा गुरूदेव बहन्दा समेत सीआरपीएफ के जवान और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्रामीणों की सहभागिता सराहनीय रही।
सीआरपीएफ और ग्रामीणों के बीच बढ़ता विश्वास
इस तरह के सिविक एक्शन प्रोग्राम से सुरक्षा बलों और ग्रामीण समाज के बीच आपसी विश्वास मजबूत होता है। ग्रामीणों ने सीआरपीएफ के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
न्यूज़ देखो: सिविक एक्शन से मजबूत होता जन-सुरक्षा संबंध
सीआरपीएफ द्वारा आयोजित यह शिविर दिखाता है कि सुरक्षा बल केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक विकास में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। सिविक एक्शन प्रोग्राम के माध्यम से ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों को समझना और उन्हें सहयोग देना प्रशासनिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह पहल युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम है। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ऐसे कार्यक्रम कितनी नियमितता से आयोजित होते हैं और उनका दीर्घकालीन प्रभाव क्या रहता है।
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सहयोग और विकास से मजबूत होगा गांव
सुरक्षा, विकास और विश्वास तीनों मिलकर ही मजबूत समाज का निर्माण करते हैं।
जब सुरक्षा बल और ग्रामीण एक-दूसरे का सहयोग करते हैं, तो विकास की राह आसान हो जाती है।
ऐसी पहलें युवाओं को सही दिशा और महिलाओं को आत्मनिर्भरता का अवसर देती हैं।





