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डुमरी गिरिडीह में सीएससी संचालक पर फर्जीवाड़े का आरोप, झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की बैठक में ग्रामीणों ने लगाई न्याय की गुहार

#डुमरी #गिरिडीह #सीएससीफर्जीवाड़ा : यूनियन की बैठक में बैंक सीएससी संचालक द्वारा लाखों रुपये लेकर फरार होने का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज
  • कुलगो उत्तरी पंचायत सचिवालय में हुई झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक।
  • ग्रामीणों ने एसबीआई बैंक के सीएससी संचालक पर लाखों रुपये लेकर फरार होने का आरोप लगाया।
  • केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो सहित कई पदाधिकारी बैठक में रहे उपस्थित।
  • पीड़ित ग्रामीणों ने आर्थिक संकट और प्रशासन से केवल आश्वासन मिलने की कही बात।
  • यूनियन ने बैंक प्रबंधन व पुलिस को पत्र देकर पखवाड़े में कार्रवाई की मांग का दिया आश्वासन।

डुमरी प्रखंड के कुलगो उत्तरी पंचायत सचिवालय में गुरुवार को झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन से जुड़े सदस्यों, समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायत क्षेत्र के कई ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एसबीआई बैंक से जुड़े एक सीएससी संचालक द्वारा कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये लेकर फरार हो जाने से कई परिवार आर्थिक संकट में फंस गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस मामले को लेकर संबंधित पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।

यूनियन पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो, केंद्रीय संरक्षक चेतलाल महतो, केंद्रीय कोषाध्यक्ष नुनूचन्द महतो, केंद्रीय महासचिव रवींद्र कुमार, मुखिया प्रतिनिधि जयकांत महतो, पंचायत समिति सदस्य खिरोधर साव, उपमुखिया कोकिल साव सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इन सभी नेताओं ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और पूरे मामले की जानकारी विस्तार से ली।

ग्रामीणों ने एक स्वर में बताया कि सीएससी संचालक ने बैंकिंग सेवाओं के नाम पर उनसे विभिन्न प्रकार के लेन-देन किए और बाद में कथित रूप से राशि लेकर फरार हो गया। इससे कई परिवारों की जमा पूंजी प्रभावित हुई है और अब वे आर्थिक असुरक्षा की स्थिति का सामना कर रहे हैं।

ग्रामीणों की आर्थिक समस्या बनी बड़ी चिंता

बैठक में उपस्थित दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि उनके मेहनत की कमाई की रकम फंस जाने से परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने बैंकिंग सुविधा पर भरोसा कर पैसे जमा किए थे, लेकिन अब उन्हें न तो संचालक का पता है और न ही उनकी राशि वापस मिल पाई है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस घटना के बाद क्षेत्र में बैंकिंग सेवाओं के प्रति अविश्वास का माहौल भी बन गया है, जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

प्रशासन और बैंक प्रबंधन से पहले भी लगाई जा चुकी है गुहार

पीड़ित ग्रामीणों ने बैठक के दौरान बताया कि वे इस मामले को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों, बैंक प्रबंधन तथा जनप्रतिनिधियों से कई बार संपर्क कर चुके हैं।
हालांकि अब तक उन्हें ठोस कार्रवाई के बजाय केवल आश्वासन ही प्राप्त हुआ है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे बड़े आंदोलन के लिए भी बाध्य हो सकते हैं।

यूनियन नेताओं ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

सभी पक्षों की बातें सुनने के बाद यूनियन के नेताओं ने पीड़ित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस मामले को गंभीरता से उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यूनियन की ओर से पुनः बैंक प्रबंधन और स्थानीय पुलिस प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया जाएगा तथा दोषी सीएससी संचालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
यूनियन पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि एक पखवाड़े के भीतर यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो आगे की रणनीति तय कर आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।

बड़ी संख्या में ग्रामीण और यूनियन सदस्य रहे उपस्थित

बैठक में केंद्रीय महासचिव गुलाम गोस, जिला प्रवक्ता सोरभ विश्वकर्मा, हेमा देवी, उर्मिला देवी, सुनिल दास, भानु रविदास, रामप्रसाद रविदास, कोशल्या देवी, रेणु देवी, सोमर ठाकुर, समसुदीन अंसारी, दामोदर साव, ललीता देवी, सुनील कुमार दास, रेखा कुमारी, कुन्ती देवी, रिता देवी सहित पंचायत के दर्जनों ग्रामीण और यूनियन से जुड़े सदस्य मौजूद रहे।
सभी ने एक स्वर में पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को समर्थन दिया।

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न्यूज़ देखो: ग्रामीणों की पीड़ा और जवाबदेही का सवाल

डुमरी की यह घटना ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर करती है। यदि समय पर जांच और कार्रवाई नहीं होती है, तो आम जनता का भरोसा संस्थागत सेवाओं से कमजोर हो सकता है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई बेहद आवश्यक है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

न्याय के लिए आवाज उठाना ही लोकतंत्र की ताकत

ग्रामीणों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।
अन्याय और फर्जीवाड़े के खिलाफ संगठित होकर आवाज उठाना जरूरी है।
प्रशासन तक सही जानकारी पहुंचाना और कानूनी प्रक्रिया अपनाना ही समाधान का रास्ता है।

आप भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जागरूक रहें।
इस खबर को शेयर करें और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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