जंगल से साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, आठ साइबर अपराधी गिरफ्तार

जंगल से साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, आठ साइबर अपराधी गिरफ्तार

author Saroj Verma
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#देवघर #साइबर_अपराध : तेतरिया जंगल से फर्जी कस्टमर केयर बनकर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया।

देवघर जिले के पथरड्डा ओपी क्षेत्र अंतर्गत तेतरिया जंगल से पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। विशेष अभियान के तहत जंगल में छापेमारी कर आठ साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

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  • कार्रवाई स्थल: तेतरिया जंगल, पथरड्डा ओपी क्षेत्र, देवघर।
  • गिरफ्तार आरोपी: कुल 8 साइबर अपराधी
  • ठगी के नाम: फ्लिपकार्ट, अमेजॉन, फोन पे, पेटीएम, पीएम किसान योजना
  • बरामद सामग्री: 9 मोबाइल फोन और 11 सिम कार्ड
  • पुलिस कार्रवाई: गुप्त सूचना पर विशेष छापेमारी अभियान।

देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पथरड्डा ओपी क्षेत्र के तेतरिया जंगल में लंबे समय से साइबर ठगी की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी के आधार पर पुलिस ने रणनीति बनाकर विशेष छापेमारी की, जिसमें जंगल के भीतर छिपकर ठगी को अंजाम दे रहे आठ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

जंगल बना था साइबर ठगी का अड्डा

पुलिस के अनुसार, आरोपी घने जंगल का इस्तेमाल ठगी के अड्डे के रूप में कर रहे थे ताकि नेटवर्क ट्रैकिंग और पुलिस निगरानी से बच सकें। मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता वाले इलाकों में बैठकर ये अपराधी फर्जी कॉल करते थे। जंगल में बैठकर वे खुद को विभिन्न नामी कंपनियों का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते और उनकी निजी जानकारी हासिल कर लेते थे।

ऐसे देते थे ठगी को अंजाम

जांच में सामने आया है कि आरोपी फ्लिपकार्ट, अमेजॉन, फोन पे, पेटीएम और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नाम पर लोगों को कॉल करते थे। कभी केवाईसी अपडेट, कभी रिफंड, तो कभी खाते में पैसा भेजने का झांसा देकर पीड़ितों से ओटीपी, कार्ड डिटेल और बैंक जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद खातों से रकम निकाल ली जाती थी।

बरामद हुए मोबाइल और सिम कार्ड

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 11 सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इन मोबाइल और सिम कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग राज्यों में बैठे लोगों को ठगने के लिए किया गया। पुलिस अब मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल्स की तकनीकी जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

पुलिस ने जिन आठ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
दिलबर अंसारी, तनवीर अंसारी, जितेन्द्र दास, साजन महरा, विष्णु महरा, उत्तम महरा, राजेश महरा और लुकमान अंसारी
सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों ने बताया:

पुलिस अधिकारियों ने कहा: “गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध से संबंधित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनके संपर्क और बैंक लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। साइबर ठगी के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।”

पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से देवघर और आसपास के जिलों में साइबर ठगी की घटनाओं में कमी आएगी।

साइबर अपराध पर लगाम की कोशिश

देवघर पुलिस बीते कुछ समय से साइबर अपराध को लेकर लगातार अभियान चला रही है। ग्रामीण और जंगली इलाकों में छिपकर काम करने वाले साइबर अपराधी अब पुलिस के रडार पर हैं। तकनीकी सेल और स्थानीय थाना पुलिस के समन्वय से ऐसे गिरोहों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

आम लोगों के लिए चेतावनी

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंक, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। किसी भी तरह की संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन में सूचना दें।

न्यूज़ देखो: साइबर अपराध पर कड़ा प्रहार

तेतरिया जंगल से साइबर ठगी गिरोह की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि अपराधी चाहे जितनी भी चालाकी से छिपें, कानून से बच नहीं सकते। पुलिस की सक्रियता और तकनीकी निगरानी साइबर अपराधियों के लिए चेतावनी है। अब यह देखना अहम होगा कि इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और आगे कितने बड़े खुलासे होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

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Written by

दुमका/देवघर

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