
#हुसैनाबाद #विकास_घोषणा : मकर संक्रांति मेले के उद्घाटन में वित्त मंत्री ने कई बड़ी योजनाओं की घोषणा की।
पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत दंगवार सूर्य मंदिर परिसर में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने किया। इस दौरान उन्होंने दंगवार मेला को राजकीय दर्जा देने, बैंक शाखा खोलने और सोन नदी पर तटबंध निर्माण समेत कई महत्वपूर्ण विकास घोषणाएं कीं। मंत्री ने सरकार की विकास नीति, रोजगार सृजन और सामाजिक समरसता पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। यह आयोजन क्षेत्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
- दंगवार सूर्य मंदिर मेला को शीघ्र राजकीय दर्जा देने की घोषणा।
- दंगवार में बैंक शाखा खोलने के लिए एसबीआई एडीएम को निर्देश।
- सोन नदी में कटाव रोकने के लिए तटबंध निर्माण का ऐलान।
- जपला सीमेंट फैक्ट्री पुनर्जीवित करने की दिशा में पहल की बात।
- उद्घाटन समारोह में प्रशासनिक व जनप्रतिनिधियों की बड़ी मौजूदगी।
पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड स्थित दंगवार सूर्य मंदिर परिसर में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक दंगवार मेला इस वर्ष खास बन गया, जब झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इसका विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने न सिर्फ मेले की सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया, बल्कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को लेकर कई ठोस और दूरगामी घोषणाएं भी कीं।
दंगवार मेला बनेगा राजकीय मेला
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि दंगवार सूर्य मंदिर मेला पिछले 70 वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा है और यह क्षेत्र की संस्कृति, सभ्यता और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने घोषणा की कि इस ऐतिहासिक मेले को शीघ्र ही राजकीय मेला का दर्जा प्रदान किया जाएगा, जिससे इसके विकास और व्यवस्थाओं को नई पहचान मिलेगी।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा:
“मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत है। इसे राजकीय दर्जा देकर हम इसकी पहचान को और मजबूत करेंगे।”
दंगवार में खुलेगी बैंक शाखा
वित्त मंत्री ने दंगवार क्षेत्र के आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए दंगवार में एक बैंक शाखा खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने मौके पर मौजूद एसबीआई के एडीएम को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि बैंक खुलने से स्थानीय लोगों को वित्तीय सुविधाएं मिलेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सोन नदी पर तटबंध निर्माण का ऐलान
बरसात के मौसम में सोन नदी में होने वाले कटाव का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इससे आसपास के इलाकों को भारी नुकसान होता है। उन्होंने घोषणा की कि सोन नदी पर तटबंध निर्माण कराया जाएगा, ताकि कटाव को रोका जा सके और किसानों व ग्रामीणों की जमीन सुरक्षित रह सके।
जपला सीमेंट फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने की पहल
हुसैनाबाद क्षेत्र में रोजगार की समस्या पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जपला सीमेंट फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने के लिए संबंधित विभाग से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
सरकार की प्राथमिकताएं और राजनीतिक संदेश
अपने भाषण में वित्त मंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, नवजवानों को रोजगार देने, महिलाओं को सम्मान और मीडियाकर्मियों को समुचित लाभ देने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केवल वोट के लिए हिंदुत्व का नारा लगाना उचित नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि धार्मिक उन्माद से देश नहीं चलता और राजनीति में पवित्रता व अनुशासन जरूरी है।
वित्त मंत्री ने कहा:
“मानवता की पूजा करना ही सच्चा धर्म है। राजनीति में धर्म होना चाहिए, लेकिन धर्म में राजनीति नहीं।”
भव्य स्वागत और बड़ी मौजूदगी
वित्त मंत्री के हुसैनाबाद पहुंचने पर हरिहर चौक और शिवबीघा में स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। उद्घाटन समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मेला समिति के पदाधिकारियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
इस अवसर पर प्रशांत किशोर, अनुमंडल पदाधिकारी गौरांग महतो, मुखिया अमरेंद्र ठाकुर, बीडीओ सुनील वर्मा, थाना प्रभारी सोनू कुमार चौधरी, मेला कमेटी अध्यक्ष विपिन चौधरी, सचिव संतोष राम, अरुण सिंह, लव मेहता, आत्मेश कुमार सिंह, बिनय पासवान, ओपी प्रभारी सोनू कुमार गुप्ता, मनोज गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

न्यूज़ देखो: दंगवार के विकास को मिली नई दिशा
दंगवार सूर्य मंदिर मेला को राजकीय दर्जा देने की घोषणा और बैंक शाखा व तटबंध निर्माण जैसे ऐलान क्षेत्र के लिए बड़े बदलाव का संकेत हैं। इससे न केवल सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। अब देखना यह होगा कि इन घोषणाओं पर अमल कितनी तेजी से होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
परंपरा से विकास तक, दंगवार की नई पहचान
दंगवार मेला सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि क्षेत्र की पहचान है।
सरकारी घोषणाओं से उम्मीद जगी है कि अब विकास जमीन पर दिखेगा।
स्थानीय लोग भी आगे आकर इस विरासत को संवारने में भूमिका निभाएं।
आपकी राय क्या है? इस खबर को साझा करें, चर्चा में भाग लें और क्षेत्रीय विकास की आवाज को मजबूत बनाएं।





