
#खलारी #शैक्षणिक_विदाई : वैदिक हवन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आशीर्वाद के साथ विद्यार्थियों को दी गई सम्मानजनक विदाई।
रांची जिले के खलारी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में शनिवार को कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक हवन से हुई, जिसमें विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक शामिल हुए। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा और भावी जीवन के लिए मानसिक, नैतिक और आत्मिक रूप से तैयार करना था। भावनात्मक माहौल में विद्यार्थियों को आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया।
- डीएवी पब्लिक स्कूल खलारी में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों का विदाई समारोह आयोजित।
- वैदिक हवन में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों ने भी आहुतियाँ दीं।
- प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार एवं शिक्षकों ने पुष्पवृष्टि कर दिया आशीर्वाद।
- कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
- मिस फेयरवेल और मिस्टर फेयरवेल का चयन, रैंप वॉक रहा आकर्षण का केंद्र।
डीएवी पब्लिक स्कूल खलारी में आयोजित यह विदाई समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव को सम्मान और संस्कार के साथ पूर्ण करने का अवसर था। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक परंपरा के अनुसार हवन से की गई, जिसमें कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी शामिल हुए। अभिभावकों ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आहुतियाँ अर्पित कीं।
वैदिक हवन से हुआ शुभारंभ
हवन के दौरान विद्यालय परिसर में आध्यात्मिक और सकारात्मक वातावरण व्याप्त रहा। विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने सामूहिक रूप से मंत्रोच्चार के साथ हवन में भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार, उपस्थित अभिभावक एवं सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों पर पुष्पवृष्टि कर आशीर्वाद प्रदान किया, जिससे पूरा वातावरण भावनात्मक हो उठा।
प्राचार्य का प्रेरणादायक संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए, जिन्होंने उन्हें संवारने और भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा:
डॉ. कमलेश कुमार ने कहा: “जीवन में सफलता केवल परीक्षा परिणाम से नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से मिलती है।”
प्राचार्य ने विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा एवं आगे के जीवन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच बनाए रखने का संदेश दिया।
शिक्षकों ने दिए सफलता के सूत्र
विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद के साथ-साथ परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए। शिक्षकों ने कहा कि जीवन चुनौतियों से भरा होता है, लेकिन उनसे घबराने के बजाय उनका सामना करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने परिवार और समाज के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सदैव तत्पर रहने की सीख दी।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को जीवन और परीक्षा दोनों में सफलता के लिए कठोर परिश्रम करने की प्रतीज्ञा भी दिलाई गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
विदाई समारोह में कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने अपने वरिष्ठ साथियों के सम्मान में एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इनमें गायन, नृत्य और खेल गतिविधियाँ प्रमुख रहीं, जिन्होंने समारोह को जीवंत बना दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और तालियों की गूंज से पूरा सभागार भर उठा।
हेड बॉय और हेड गर्ल ने साझा किए अनुभव
विद्यालय के हेड बॉय साकेत कुमार और हेड गर्ल रीया सिंह ने अपने सभी साथियों की ओर से विद्यालय में बिताए गए अनुभव साझा किए। उन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन, अनुशासन और स्नेह को याद करते हुए विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि डीएवी खलारी में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य पूंजी रहेगा।
रैंप वॉक और फेयरवेल टाइटल रहे आकर्षण
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण रैंप वॉक रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास और उत्साह के साथ भाग लिया। इस दौरान सभी छात्राओं को मिस फेयरवेल और सभी छात्रों को मिस्टर फेयरवेल के खिताब से नवाजा गया। इस आयोजन ने समारोह में उल्लास और उत्सव का रंग भर दिया।
वैलिडिक्टरी डांस और भावुक विदाई
कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने मिलकर एक मनमोहक वैलिडिक्टरी डांस प्रस्तुत किया, जिसने समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को पेन और चॉकलेट भेंट कर स्नेहपूर्वक विदा किया।





न्यूज़ देखो: संस्कार और शिक्षा का संतुलन
डीएवी पब्लिक स्कूल खलारी का यह विदाई समारोह दिखाता है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कार, परंपरा और भावनात्मक जुड़ाव का भी माध्यम है। वैदिक हवन से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक, हर पहलू विद्यार्थियों के समग्र विकास पर केंद्रित रहा। ऐसे आयोजन विद्यालय और विद्यार्थियों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नए सफर की ओर बढ़ते कदम
विदाई अंत नहीं, बल्कि नए सपनों की शुरुआत है।
कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए यह क्षण आत्मविश्वास और जिम्मेदारी का संदेश लेकर आया।
यदि आप भी मानते हैं कि शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी हैं,
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