
#धुरकी #गढ़वा #पर्यटनविकास : उपायुक्त ने अधिकारियों संग सुखलदरी जलप्रपात का अवलोकन कर विकास की दिशा तय की।
गढ़वा जिले के उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने धुरकी प्रखंड स्थित कनहर नदी के मनोरम सुखलदरी जलप्रपात का सपरिवार भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ वन विभाग, पुलिस प्रशासन और अनुमंडल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। करीब पांच घंटे तक चले इस दौरे में जलप्रपात का गहन अवलोकन किया गया और वनभोज का आनंद लिया गया। उपायुक्त ने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बताते हुए इसके समग्र विकास की प्रतिबद्धता दोहराई।
- उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने परिवार व वरिष्ठ अधिकारियों संग किया भ्रमण।
- धुरकी प्रखंड अंतर्गत कनहर नदी पर स्थित सुखलदरी जलप्रपात का अवलोकन।
- करीब 5 घंटे तक स्थल पर रुककर किया प्राकृतिक सौंदर्य का निरीक्षण।
- वन विभाग का 8 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर प्लान प्रस्तावित।
- पर्यटन विभाग के समन्वय से विकसित करने की जताई गई प्रतिबद्धता।
गढ़वा जिले के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने सपरिवार सुखलदरी जलप्रपात का भ्रमण किया। यह जलप्रपात धुरकी प्रखंड अंतर्गत कनहर नदी पर स्थित है और लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। उपायुक्त के इस दौरे को जिले में पर्यटन विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपायुक्त के साथ इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी अंशुमान, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी ई.जे. अब्राहम, श्री बंशीधर नगर के अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिरघा, धुरकी अंचल अधिकारी विमल कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने सामूहिक रूप से जलप्रपात और उसके आसपास के वन क्षेत्र का अवलोकन किया।
पांच घंटे तक किया गहन भ्रमण और अवलोकन
उपायुक्त और अधिकारियों की टीम करीब पांच घंटे तक सुखलदरी जलप्रपात क्षेत्र में मौजूद रही। इस दौरान न केवल प्राकृतिक संरचना, जलधारा और आसपास की हरियाली का निरीक्षण किया गया, बल्कि पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा और संभावित विकास कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई। भ्रमण के बाद सभी अधिकारियों ने वनभोज का आनंद लिया, जिससे यह दौरा औपचारिक निरीक्षण के साथ-साथ आत्मीय संवाद का अवसर भी बन गया।
उपायुक्त ने बताया सुकून देने वाला स्थल
भ्रमण के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने कहा:
उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने कहा: “सुखलदरी जलप्रपात अत्यंत प्राकृतिक, रमणीक और सुकून देने वाला स्थल है। यह गढ़वा जिले के लिए एक बड़ी संपदा है। इसके विकास को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे प्राकृतिक स्थल पर्यटन की अपार संभावनाएं रखते हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाना चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार और जिले को पहचान मिल सके।
8 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित मास्टर प्लान
उपायुक्त ने जानकारी दी कि वन विभाग द्वारा लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से सुखलदरी जलप्रपात के विकास के लिए एक मास्टर प्लान प्रस्तावित किया गया है। इस योजना के तहत स्थल तक पहुंच मार्ग, पर्यटकों के लिए सुविधाएं, सुरक्षा प्रबंध, पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण जैसे पहलुओं पर काम किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मास्टर प्लान को पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि सुखलदरी को एक व्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
पर्यटन विभाग के साथ समन्वय पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि वन विभाग के प्रस्तावित प्लान के साथ यह भी विचार किया जाएगा कि पर्यटन विभाग जिले में एक बेहतर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में सुखलदरी को विकसित करने के लिए और क्या-क्या कदम उठा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच आपसी सहमति और समन्वय से कार्य करने की बात कही।
स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
इस अवसर पर वनपाल प्रमोद यादव, वनरक्षी, धुरकी प्रखंड के सभी मुखिया प्रतिनिधि, पंचायत समिति प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उपायुक्त के इस दौरे का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि सुखलदरी जलप्रपात के विकसित होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जिले के पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा सुखलदरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुखलदरी जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर होने के बावजूद अब तक अपेक्षित विकास से वंचित रहा है। उपायुक्त के इस दौरे और विकास की घोषणा के बाद क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में यह स्थल गढ़वा जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार होगा।



न्यूज़ देखो: पर्यटन विकास की दिशा में ठोस संकेत
उपायुक्त का सपरिवार और अधिकारियों संग सुखलदरी जलप्रपात का भ्रमण यह संकेत देता है कि जिला प्रशासन पर्यटन को लेकर गंभीर है। 8 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान और विभागीय समन्वय की बात से स्पष्ट है कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी। अब निगाहें इस पर होंगी कि प्रस्तावित योजनाएं कब धरातल पर उतरती हैं।
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प्रकृति को संजोएं, विकास में सहभागी बनें
सुखलदरी जैसे प्राकृतिक स्थल केवल पर्यटन नहीं, बल्कि हमारी धरोहर हैं। इनके संरक्षण और विकास में प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी भूमिका अहम है।
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