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सूरत में डेंगू का कहर झारखंडी प्रवासियों पर भारी: गिरिडीह निवासी की मौत से बढ़ा दहशत

#गिरिडीह #स्वास्थ्यसंकट : डेंगू से सूरत में दर्जनों प्रवासी झारखंडियों की मौत, परिवारों में मातम और चिंता
  • सूरत शहर में डेंगू के बढ़ते प्रकोप ने झारखंडी प्रवासियों को बुरी तरह प्रभावित किया।
  • बीते 10 से 15 दिनों में दर्जनों प्रवासी झारखंडियों की मौत की खबर।
  • गिरिडीह के गांवा प्रखंड निवासी बालो कुमार की डेंगू से मौत, शव गांव लाया जा रहा।
  • समस्त झारखंड समाज सेवा ट्रस्ट ने गहरा शोक जताते हुए कार्रवाई और मुआवजे की मांग की।
  • परिजनों में दहशत, लगातार फोन पर प्रियजनों का हाल जानने की कोशिश।

गिरिडीह समेत झारखंड के कई परिवारों पर इन दिनों गहरा साया मंडरा रहा है। गुजरात के सूरत शहर में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है और इसका सबसे बड़ा असर वहां रह रहे झारखंडी प्रवासियों पर पड़ रहा है। बीते दो हफ्तों में दर्जनों प्रवासियों की मौत से सूरत और झारखंड, दोनों जगहों में खौफ का माहौल है।

गिरिडीह के बालो कुमार की मौत

ताजा घटना गिरिडीह जिले के गांवा प्रखंड के मालदा गांव से जुड़ी है। यहां के 35 वर्षीय बालो कुमार, जो पिछले 15 वर्षों से सूरत में रहकर कपड़ा उद्योग में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, डेंगू की चपेट में आ गए। उनका इलाज सूरत के निर्मल अस्पताल में चल रहा था, लेकिन बुधवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। अब उनके शव को गांव लाया जा रहा है। यह घटना अकेली नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों में कई झारखंडी प्रवासी डेंगू से अपनी जान गंवा चुके हैं।

बढ़ रहा है प्रवासियों का खौफ

सूरत में रह रहे झारखंडी परिवारों का कहना है कि डेंगू का फैलाव इस बार बेहद खतरनाक रूप से बढ़ा है। लगातार हो रही मौतों से लोग भयभीत हैं और उन्हें लग रहा है कि मानो यह बीमारी झारखंडी प्रवासियों को ही निशाना बना रही है।

समाज सेवा ट्रस्ट की पहल और मांग

घटना की जानकारी मिलने के बाद समस्त झारखंड समाज सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया। ट्रस्ट ने सूरत नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया है कि वे तत्काल इस स्थिति को गंभीरता से लें और प्रभावी कदम उठाकर डेंगू के प्रकोप को रोकें।

ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा: “डेंगू से हो रही प्रवासी झारखंडियों की मौत बेहद दुखद है। हम सरकार से मांग करते हैं कि मृतकों के परिजनों को आर्थिक मुआवजा दिया जाए।”

ट्रस्ट ने भरोसा दिलाया है कि वह प्रवासी झारखंडियों के साथ खड़ा है और हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

झारखंड में भी गहरी चिंता

सूरत में लगातार हो रही मौतों की खबर से गिरिडीह समेत झारखंड के कई जिलों में परिजनों की चिंता बढ़ गई है। परिवारजन लगातार फोन पर अपने प्रियजनों का हाल जानने की कोशिश कर रहे हैं। हर बीतते दिन के साथ यह चिंता और गहरी होती जा रही है।

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न्यूज़ देखो: प्रवासियों के स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी

सूरत में डेंगू से हो रही झारखंडी प्रवासियों की मौतें केवल एक स्वास्थ्य संकट नहीं, बल्कि प्रशासनिक तैयारी और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं। प्रवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी राज्य और केंद्र सरकार दोनों की है। इन घटनाओं से सबक लेकर समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुरक्षित भविष्य के लिए सतर्कता ही उपाय

यह वक्त हमें सावधान रहने और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने की सीख देता है। अब जरूरी है कि हम सब मिलकर जागरूकता फैलाएं, प्रवासी झारखंडियों को मदद पहुंचाएं और इस संकट से एक-दूसरे का सहारा बनें। अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को शेयर कर जागरूकता बढ़ाने में योगदान दें।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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