देवघर: स्कूल में दो छात्राओं के बीच झगड़ा बना हिंसक, 11 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल — कोलकाता रेफर

देवघर: स्कूल में दो छात्राओं के बीच झगड़ा बना हिंसक, 11 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल — कोलकाता रेफर

author Saroj Verma
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#देवघर #विद्यालय_हिंसा : सोनारायठाड़ी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मामूली विवाद के बाद दो छात्राओं के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।
  • लंच ब्रेक के दौरान दो छात्राओं के बीच हुआ विवाद हिंसक रूप ले लिया।
  • लाज्जो कुमारी (11 वर्ष) को गंभीर चोट, बाईं आंख की हड्डी टूटने की आशंका
  • घायल छात्रा को देवघर सदर अस्पताल से कोलकाता रेफर किया गया।
  • परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
  • घटना से विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी और भय का माहौल

देवघर जिले के सोनारायठाड़ी प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में गुरुवार को लंच ब्रेक के दौरान दो छात्राओं के बीच मामूली कहासुनी ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। झगड़े में 11 वर्षीय छात्रा लाज्जो कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर कर दिया। घटना के बाद विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया।

घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, लाज्जो कुमारी और एक अन्य छात्रा के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। यह विवाद कुछ ही देर में झगड़े में बदल गया, जिसमें एक छात्रा ने लाज्जो पर हमला कर दिया। इस दौरान लाज्जो की बाईं आंख पर गंभीर चोट लगी। चिकित्सकों ने जांच में आंख की हड्डी टूटने की आशंका जताई है।

घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय के शिक्षक और कर्मी मौके पर पहुंचे और घायल छात्रा को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा।

परिजनों का आरोप

घायल छात्रा के परिजनों ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिक्षक विद्यालय परिसर में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने झगड़े को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। परिजनों ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

एक परिजन ने कहा: “अगर शिक्षक समय पर हस्तक्षेप करते तो यह हादसा नहीं होता। हमारी बेटी को इस लापरवाही की भारी कीमत चुकानी पड़ी है।”

प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। संभावना जताई जा रही है कि शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और घटना की जांच के लिए टीम गठित की जा सकती है। फिलहाल, घायल बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है और कोलकाता के विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।

विद्यालय परिसर में दहशत

इस घटना के बाद विद्यालय में दहशत का माहौल है। कई अभिभावक अब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने विद्यालय में सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था को लेकर पुनर्विचार की मांग की है। कई लोगों का कहना है कि शिक्षकों को छात्रों की गतिविधियों पर सख्त नजर रखनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

न्यूज़ देखो: विद्यालयों में अनुशासन और सुरक्षा की जरूरत

यह घटना विद्यालयों में अनुशासन और सुरक्षा के स्तर पर गंभीर सवाल उठाती है। यह समय है जब शिक्षा संस्थानों को केवल पाठ्यक्रम पर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यवहार, मानसिक स्वास्थ्य और संवेदनशीलता पर भी ध्यान देना चाहिए। बच्चों के बीच आपसी विवाद यदि शिक्षकों की निगरानी में संभाले जाएं, तो बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बच्चों की सुरक्षा पर समाज को एकजुट होना होगा

स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित सीखने का स्थान होना चाहिए, भय का नहीं। अब वक्त है कि अभिभावक, शिक्षक और प्रशासन मिलकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में ठोस कदम उठाएं। जागरूक समाज ही सुरक्षित बचपन की गारंटी दे सकता है। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि हर विद्यालय में सुरक्षा और संवेदनशीलता प्राथमिकता बने।

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Written by

दुमका/देवघर

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