
#महाराष्ट्र #विमान_दुर्घटना : बारामती में लैंडिंग के दौरान चार्टर्ड विमान क्रैश, राज्य की राजनीति को बड़ा झटका।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती में विमान हादसे में निधन हो गया। लैंडिंग के दौरान चार्टर्ड विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से विमान में सवार सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह हादसा उस समय हुआ जब अजित पवार जिला परिषद चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती आ रहे थे। घटना ने महाराष्ट्र सहित पूरे देश की राजनीति और प्रशासन को गहरे शोक में डाल दिया है।
- अजित पवार, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता, हादसे में निधन।
- बारामती एयरपोर्ट पर सुबह लगभग 8:45 बजे लैंडिंग के दौरान दुर्घटना।
- चार्टर्ड विमान में सवार कुल छह लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि।
- चुनाव प्रचार के सिलसिले में जिला परिषद चुनाव को लेकर बारामती जा रहे थे।
- प्रशासन और एजेंसियों द्वारा जांच प्रक्रिया शुरू, तकनीकी कारणों की पड़ताल जारी।
महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बुधवार की सुबह एक बेहद दुखद खबर लेकर आई, जब उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया। पुणे जिले के बारामती में लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और रनवे के पास ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
लैंडिंग के दौरान कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चार्टर्ड विमान बुधवार सुबह मुंबई से उड़ान भरकर बारामती एयरपोर्ट पहुंचा था। सुबह लगभग 8:45 बजे, जब विमान रनवे पर उतरने की प्रक्रिया में था, उसी दौरान तकनीकी गड़बड़ी या नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। विमान असंतुलित होकर तेजी से जमीन से टकराया और क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के तुरंत बाद विमान में आग लगने की भी सूचना सामने आई, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल आपात सेवाओं को सूचित किया।
विमान में कौन-कौन थे सवार
इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई है। इनमें शामिल थे:
- अजित पवार, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री।
- उनके सुरक्षा से जुड़े कर्मचारी।
- विमान के पायलट और सह-पायलट।
- अन्य सहायक स्टाफ।
प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हादसा इतना गंभीर था कि किसी को भी बचाया नहीं जा सका।
चुनावी कार्यक्रम के लिए जा रहे थे अजित पवार
सूत्रों के अनुसार, अजित पवार आगामी जिला परिषद चुनाव के मद्देनजर बारामती में एक जनसभा और राजनीतिक बैठकों में हिस्सा लेने वाले थे। बारामती को उनका राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है और वे वहां लगातार सक्रिय रहते थे। इसी कार्यक्रम के तहत वे चार्टर्ड विमान से यात्रा कर रहे थे।
मौके पर राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और एंबुलेंस सेवाएं तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन विमान की स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण किसी भी यात्री को जीवित नहीं निकाला जा सका। क्षेत्र को सील कर दिया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
जांच एजेंसियां सक्रिय
हादसे के कारणों की जांच के लिए संबंधित विमानन एजेंसियों को निर्देश दे दिए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति और लैंडिंग प्रक्रिया में संभावित चूक जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों पर आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
महाराष्ट्र और देशभर में शोक की लहर
अजित पवार के निधन की खबर मिलते ही महाराष्ट्र सरकार, राजनीतिक दलों और आम जनता में शोक की लहर दौड़ गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने इसे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अजित पवार को एक अनुभवी प्रशासक, जमीनी नेता और मजबूत निर्णय क्षमता वाले राजनेता के रूप में जाना जाता था।
उनके निधन से न केवल एनसीपी, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। समर्थकों और कार्यकर्ताओं में गहरा दुख और स्तब्धता का माहौल है।
अजित पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने कई बार महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और उपमुख्यमंत्री के रूप में राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई। ग्रामीण विकास, सिंचाई और वित्तीय मामलों में उनकी पकड़ मानी जाती थी।
न्यूज़ देखो: महाराष्ट्र की राजनीति को बड़ा आघात
अजित पवार का अचानक इस तरह विमान हादसे में निधन न सिर्फ एक व्यक्ति की मृत्यु है, बल्कि यह प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक स्थिरता के लिए भी बड़ा झटका है। यह घटना विमानन सुरक्षा, वीआईपी यात्रा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर होंगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ऐसी दुर्घटनाओं को भविष्य में कैसे रोका जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदना, जवाबदेही और सुरक्षा पर सोचने का समय
यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सार्वजनिक जीवन में सुरक्षा और जवाबदेही कितनी महत्वपूर्ण है।
शोक की इस घड़ी में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देना हमारा दायित्व है।
साथ ही यह आवश्यक है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाए।
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