Garhwa

उपायुक्त दिनेश यादव ने मेराल प्रखण्ड का किया औचक निरीक्षण, किसानों को मिला बीज और योजनाओं की जानकारी

#गढ़वा #कृषियोजनानिरीक्षण : बीज वितरण से लेकर टपक सिंचाई तक—उपायुक्त ने कृषि योजनाओं की धरातली समीक्षा की, पारदर्शी वितरण पर दिया ज़ोर
  • उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने मेराल प्रखण्ड का औचक निरीक्षण कर बीज वितरण की समीक्षा की
  • सरकारी गोदाम, कृषक पाठशाला और खुदरा उर्वरक दुकानों का संचालन देखा
  • प्रगतिशील किसान के खेत पर टपक सिंचाई व कुसुम योजना के क्रियान्वयन का लिया जायजा
  • PACS केंद्र पर बीज विनिमय योजना के तहत गुणवत्ता जांची गई
  • उपायुक्त ने कृषि योजनाओं में पारदर्शिता और सुलभता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

बीज वितरण के साथ कृषि योजनाओं की समीक्षा

गढ़वा उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री दिनेश कुमार यादव ने बुधवार को मेराल प्रखण्ड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रखण्ड परिसर में उपस्थित किसानों के बीच मक्का बीज का वितरण किया और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर अधिकारियों से फीडबैक लिया।

सरकारी गोदाम और कृषक पाठशाला का निरीक्षण

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने मेराल स्थित सरकारी गोदाम का भी अवलोकन किया। उन्होंने भंडारण की स्थिति, साफ-सफाई और समुचित प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कृषि विभाग की प्रमुख योजना ‘कृषक पाठशाला’ का निरीक्षण कर संचालक संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य और प्रशिक्षण शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान लाभान्वित हो सकें।

खाद-बीज दुकान पर वितरण की जांच

निरीक्षण के दौरान नेनुआ मोड़ स्थित कृषि विकास भवन नामक खुदरा उर्वरक विक्रेता दुकान का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने स्टॉक रजिस्टर, दर सूची और खाद-बीज की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की। इस दौरान कृषि पदाधिकारी शिव शंकर प्रसाद को निर्देश दिए गए कि वितरण व्यवस्था पारदर्शी और किसान केंद्रित हो।

उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने कहा: “किसानों की सुविधा सर्वोपरि है। वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

प्रगतिशील किसान के खेत पर योजनाओं का प्रभाव

इसके बाद उपायुक्त ने प्रगतिशील किसान श्री हरि प्रसाद के कृषि प्रक्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री कुसुम योजना, टपक सिंचाई सेट, और शेड नेट हाउस जैसी योजनाओं के धरातली क्रियान्वयन को नजदीक से देखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए।

PACS केंद्र का अवलोकन और बीज विनिमय योजना की समीक्षा

चिरौंजिया मोड़ स्थित छतरपुर PACS केंद्र पर भी उपायुक्त पहुंचे, जहां उन्होंने अनुदानित दर पर बीज वितरण प्रक्रिया की समीक्षा की। बीज की गुणवत्ता, वितरण प्रक्रिया, और कृषि से संबंधित अन्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया: “जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों को कृषि इनपुट्स की सुलभता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ लाभ मिले।”

न्यूज़ देखो: प्रशासनिक निगरानी से बेहतर होती किसान नीति

न्यूज़ देखो मानता है कि उपायुक्त की ओर से किया गया यह निरीक्षण कृषि योजनाओं को जमीन पर उतारने की एक सार्थक कोशिश है। किसानों को सरकारी लाभों की वास्तविक प्राप्ति तभी संभव है, जब प्रशासन सक्रिय और ईमानदार पहल करे। ऐसे दौरों से न सिर्फ योजनाओं की स्थिति स्पष्ट होती है, बल्कि स्थानीय समस्याओं को तत्काल सुलझाने का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग किसान, समृद्ध गढ़वा!

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