
#सिमडेगा #प्रशासनिक_निरीक्षण : अभिलेखों के संरक्षण, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा पर दिया गया विशेष जोर।
सिमडेगा जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह ने जिला अभिलेखागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां संधारित अभिलेखों की स्थिति, रखरखाव प्रणाली और अभिलेख निर्गत प्रक्रिया की गहन समीक्षा की। निरीक्षण का उद्देश्य अभिलेखागार की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नागरिक हितैषी बनाना रहा। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम लोगों को अभिलेख प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
- उपायुक्त कंचन सिंह ने जिला अभिलेखागार का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
- अभिलेखों के सुरक्षित और सुव्यवस्थित रखरखाव पर विशेष निर्देश।
- पंजी संधारण एवं अभिलेख निर्गत प्रक्रिया की स्थिति की समीक्षा।
- आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन पर जोर।
- अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रवि किशोर राम रहे उपस्थित।
सिमडेगा जिले के प्रशासनिक अभिलेखों के संरक्षण एवं नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह ने सोमवार को जिला अभिलेखागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखागार में संधारित दस्तावेजों की स्थिति, उनके रखरखाव की व्यवस्था तथा पंजी संधारण की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। इसके साथ ही अभिलेख निर्गत से संबंधित प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण पर विशेष जोर
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अभिलेखों का सुव्यवस्थित, सुरक्षित और दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभिलेख केवल कागजी दस्तावेज नहीं होते, बल्कि वे जिले के प्रशासनिक इतिहास और नागरिक अधिकारों से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इनके रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
उपायुक्त ने कहा:
“अभिलेखागार में संधारित दस्तावेजों का सुरक्षित रखरखाव अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।”
नागरिकों को अभिलेख प्राप्त करने में न हो परेशानी
उपायुक्त ने अभिलेख निर्गत करने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि आम नागरिकों को अभिलेख प्राप्त करने में किसी भी तरह की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
पंजी संधारण और आवेदनों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान पंजी संधारण की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने यह सुनिश्चित करने को कहा कि अभिलेख निर्गत से संबंधित प्रत्येक आवेदन का विधिवत संधारण हो और उसकी स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज रहे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा
अभिलेखागार में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान आवश्यक सुधारों और सुविधाओं के विस्तार को लेकर संबंधित पदाधिकारियों के साथ चर्चा की गई, ताकि अभिलेखागार को और अधिक व्यवस्थित एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया जा सके।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेन्द्र, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री रवि किशोर राम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
न्यूज़ देखो : प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में कदम
यह निरीक्षण दर्शाता है कि जिला प्रशासन अभिलेखों के संरक्षण और नागरिक सुविधा को लेकर गंभीर है। समयबद्ध सेवा, सुरक्षित अभिलेख और पारदर्शी प्रक्रिया किसी भी सुशासन की आधारशिला होते हैं। यदि दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आम नागरिकों को प्रशासनिक कार्यों में स्पष्ट रूप से राहत मिलेगी।
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सजग प्रशासन, सशक्त नागरिक
अभिलेख हर नागरिक के अधिकार और इतिहास का आधार होते हैं। उनका सुरक्षित संरक्षण और सरल उपलब्धता लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। जब प्रशासन सजग होता है, तभी नागरिकों का भरोसा बढ़ता है।






