
#बानो #सिमडेगा #स्वास्थ्य_सहयोग : उपायुक्त के निर्देश पर प्रखंड प्रशासन ने सिकल सेल पीड़ित बच्चे को समय पर चिकित्सा सहायता दिलाई।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित एक बच्चे के इलाज के लिए जिला प्रशासन ने संवेदनशील पहल की है। उपायुक्त कंचन सिंह के निर्देश पर प्रखंड प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने बालक देवानंद की चिकित्सीय जांच और दवा की व्यवस्था कराई। यह पहल उपायुक्त के हालिया बानो भ्रमण के दौरान बच्चे से मुलाकात के बाद की गई। प्रशासन ने आगे भी इलाज और शिक्षा सहयोग का भरोसा दिया है।
- डिप्टी कमिश्नर कंचन सिंह के निर्देश पर की गई त्वरित कार्रवाई।
- डाडिंग पर्यटन स्थल भ्रमण के दौरान बालक देवानंद से हुई थी मुलाकात।
- सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित है बालक देवानंद।
- सीएचसी बानो में कराई गई चिकित्सीय जांच और दवा उपलब्ध।
- आगे एलएफटी, आरएफटी जांच और पढ़ाई सामग्री देने की योजना।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में प्रशासन की मानवीय संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। कुछ दिन पूर्व उपायुक्त कंचन सिंह बानो प्रखंड अंतर्गत डाडिंग पर्यटन स्थल के भ्रमण पर थीं, जहां उनकी मुलाकात देवानंद नामक बालक से हुई थी। देवानंद सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इस दौरान बालक उपायुक्त के वाहन के बोनट पर बैठकर तस्वीर खिंचवाता नजर आया, जिसने उपायुक्त को भावुक कर दिया।
उपायुक्त के निर्देश पर प्रशासन हुआ सक्रिय
बालक की स्थिति जानने के बाद उपायुक्त कंचन सिंह ने तत्काल प्रखंड विकास पदाधिकारी को हरसंभव मदद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के आलोक में बानो प्रखंड प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई शुरू की।
सीएचसी बानो में कराई गई चिकित्सीय जांच
प्रखंड विकास पदाधिकारी बानो नैमुदिन अंसारी के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बानो डॉ. मनोरंजन कुमार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बानो से वाहन भेजा गया। वाहन के माध्यम से बालक देवानंद और उसके पिता अर्जुन बड़ाईक को उनके गांव से बानो लाया गया।
सीएचसी बानो में डॉ. मनोरंजन कुमार ने बालक की चिकित्सीय जांच की, जिसमें उसकी वर्तमान स्थिति सामान्य पाई गई। जांच के बाद आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया।
इलाज के साथ मानवीय सहयोग
चिकित्सकीय जांच के दौरान बालक को भोजन भी कराया गया। डॉ. मनोरंजन कुमार ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि सीएचसी बानो के माध्यम से बच्चे का बेहतर इलाज संभव है और आगे भी स्वास्थ्य विभाग हर आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा।
डॉ. मनोरंजन कुमार ने कहा:
“बालक की स्थिति फिलहाल सामान्य है, लेकिन सिकल सेल एनीमिया के मामले में नियमित जांच और दवा बेहद जरूरी है। आगे सभी आवश्यक जांच कराई जाएंगी।”
सोमवार को होगी विस्तृत जांच
बालक के पिता अर्जुन बड़ाईक ने बताया कि उस दिन बाजार होने के कारण वह प्रखंड विकास पदाधिकारी से मुलाकात नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि वे सोमवार को पुनः अपने बच्चे के साथ प्रखंड कार्यालय आएंगे। उस दिन सिकल सेल एनीमिया की अद्यतन स्थिति के सही आकलन के लिए एलएफटी, आरएफटी जैसी आवश्यक जांच कराई जाएगी।
पढ़ाई के लिए भी मिलेगा सहयोग
प्रशासन द्वारा केवल इलाज ही नहीं, बल्कि बच्चे की शिक्षा को लेकर भी पहल की जा रही है। सोमवार को बालक देवानंद को घर पर पढ़ाई के लिए आवश्यक पठन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बीमारी के बावजूद उसकी शिक्षा बाधित न हो।
प्रशासन की पहल को मिली सराहना
स्थानीय लोगों और परिजनों ने उपायुक्त कंचन सिंह और बानो प्रखंड प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की मानवीय सोच प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करती है।

न्यूज़ देखो: संवेदनशील प्रशासन की मिसाल
बानो प्रखंड में सिकल सेल पीड़ित बालक के लिए की गई यह पहल दिखाती है कि प्रशासनिक संवेदनशीलता से जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव संभव है। इलाज के साथ शिक्षा का ध्यान रखना एक समग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है। अब यह देखना अहम होगा कि आगे बच्चे को नियमित स्वास्थ्य और शैक्षणिक सहयोग किस तरह मिलता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मानवता के साथ प्रशासन जब साथ खड़ा हो
जब शासन केवल आदेश नहीं, बल्कि संवेदना के साथ आगे आता है, तो समाज में भरोसा बढ़ता है। ऐसे प्रयास जरूरतमंदों को नई उम्मीद देते हैं।
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