
#सिमडेगा #बोर्ड_परीक्षा : उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक—निष्पक्ष, कदाचारमुक्त परीक्षा पर जोर।
सिमडेगा जिले में झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा आयोजित मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा के सुचारु, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन के लिए प्रशासनिक, शैक्षणिक और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिले में कुल 14,770 परीक्षार्थी 3 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की पारदर्शिता और विद्यार्थियों की सुविधा सुनिश्चित करना बैठक का मुख्य उद्देश्य रहा।
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय में समीक्षा बैठक आयोजित।
- मैट्रिक में 8,757 और इंटरमीडिएट में 6,013 परीक्षार्थी होंगे शामिल।
- जिले में मैट्रिक के 21 एवं इंटर के 05 परीक्षा केंद्र निर्धारित।
- परीक्षा अवधि 3 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक तय।
- सभी केंद्रों पर सीसीटीवी, हेल्प डेस्क, पेयजल और स्वच्छता अनिवार्य।
- मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई।
सिमडेगा में आगामी मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त कंचन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि परीक्षा का शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परीक्षा में शामिल होंगे 14,770 परीक्षार्थी
बैठक के दौरान उपायुक्त ने आंकड़ों के साथ जानकारी दी कि मैट्रिक परीक्षा 2026 में जिले भर से 8,757 परीक्षार्थी भाग लेंगे, जिनके लिए 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए जिला स्तर पर 05 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 6,013 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इस प्रकार दोनों परीक्षाओं में कुल 14,770 विद्यार्थी सम्मिलित होंगे।
3 फरवरी से 23 फरवरी तक परीक्षा आयोजन
प्रशासन के अनुसार झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची द्वारा आयोजित ये परीक्षाएं 3 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक संचालित होंगी। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा से पूर्व सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं।
कदाचारमुक्त परीक्षा पर सख्त निर्देश
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा:
“कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की चूक या अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया गया।
परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य
बैठक में उपायुक्त ने सभी केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर निम्न सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं:
- सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था
- पेयजल सुविधा
- पर्याप्त बेंच-डेस्क
- शौचालय एवं स्वच्छता
- मुख्य द्वार पर हेल्प डेस्क
- परीक्षा केंद्र का स्पष्ट मानचित्र
- बेंच-डेस्क पर विद्यार्थियों के रोल नंबर अंकित करना
इन व्यवस्थाओं से परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर बैंक जिम्मेदार
उपायुक्त ने जिले के सभी बैंक प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रश्नपत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित भंडारण की जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित बैंक या अधिकारी के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षार्थियों को समय से मिले केंद्र की जानकारी
जिला शिक्षा अधीक्षक को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि प्रत्येक परीक्षार्थी को परीक्षा से पहले अपने परीक्षा केंद्र की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। ताकि छात्रों को केंद्र खोजने में कोई परेशानी न हो और वे समय पर परीक्षा में शामिल हो सकें।
समय पालन और गूगल लोकेशन अनिवार्य
उपायुक्त ने सभी मजिस्ट्रेट, केंद्राधीक्षक एवं शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समय पर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों को गूगल लोकेशन में दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, डीएसपी रनवीर सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथलेश केरकेट्टा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बैजू उरांव, जिला कोषागार पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, केंद्राधीक्षक, बैंक अधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

न्यूज़ देखो: परीक्षा व्यवस्था की कसौटी
सिमडेगा प्रशासन द्वारा की गई यह विस्तृत तैयारी दर्शाती है कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इस बार कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बुनियादी सुविधाओं से लेकर सुरक्षा और पारदर्शिता तक, हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि ये निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी सख्ती से लागू होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अनुशासन और तैयारी से बनेगा परीक्षा का भरोसा
परीक्षा केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि पूरे प्रशासन की परीक्षा होती है। यदि आप अभिभावक, शिक्षक या छात्र हैं, तो नियमों का पालन कर इस प्रक्रिया को सफल बनाएं। अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक योगदान दें।







