
#खलारी #रांची #प्रशासनिक_निरीक्षण : उपायुक्त ने सुदूर गांव के विद्यालय और महिला समूहों से सीधे संवाद किया।
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री बुधवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत खलारी प्रखंड के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने हुटाप पंचायत के सुदूर गांव जोराकाठ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा की। उपायुक्त ने बच्चों की पढ़ाई, शिक्षक व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन और आधारभूत संरचना का जायजा लिया। साथ ही जेएसएलपीएस से जुड़ी महिलाओं से संवाद कर महिला सशक्तिकरण की जमीनी स्थिति को समझा, जो प्रशासनिक संवेदनशीलता और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।
- उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बुधवार को खलारी प्रखंड का दौरा किया।
- उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जोराकाठ में कक्षाओं और उपस्थिति पंजी की जांच।
- डीएमएफटी मद से बने भवन, किचन शेड और शौचालय का निरीक्षण।
- जेएसएलपीएस की दीदियों से संवाद कर स्वरोजगार और आय की जानकारी ली।
- निरीक्षण के दौरान कई प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी।
रांची जिले के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री का खलारी प्रखंड दौरा प्रशासनिक सक्रियता और जमीनी हकीकत से रूबरू होने का उदाहरण बना। बुधवार को हुए इस दौरे में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, आधारभूत संरचना और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। यह दौरा पूर्व नियोजित था, जिसमें जिला प्रशासन की एक पूरी टीम उपायुक्त के साथ मौजूद रही।
जोराकाठ विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा
खलारी दौरे के क्रम में उपायुक्त सबसे पहले हुटाप पंचायत अंतर्गत सुदूर गांव जोराकाठ पहुंचे, जहां उन्होंने उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जोराकाठ का निरीक्षण किया। विद्यालय पहुंचने पर जेएसएलपीएस की दीदियों ने उपायुक्त और उप विकास आयुक्त का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। वहीं अंचल अधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी खलारी प्रणव अम्बष्ट ने बुके देकर स्वागत किया।
उपायुक्त सीधे विद्यालय की कक्षा में पहुंचे, जहां शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे। उन्होंने डीएमएफटी मद से नवनिर्मित विद्यालय भवन का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत कर उनकी शैक्षणिक समझ का आकलन किया। इस दौरान उपायुक्त ने स्वयं उपस्थिति पंजी मंगाकर जांच की। निरीक्षण में पाया गया कि कक्षा तीन, चार और पांच के बच्चों की संयुक्त कक्षा संचालित की जा रही थी।
शिक्षक व्यवस्था और बच्चों से संवाद
विद्यालय निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने साथ मौजूद जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) को निर्देश दिया कि विद्यालय में प्रत्येक 30 बच्चों पर एक शिक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने छोटे बच्चों से उनके माता-पिता के नाम पूछे और गणित के सरल प्रश्न भी पूछकर उनकी बौद्धिक स्थिति का आकलन किया।
इस दौरान उपायुक्त ने कक्षा पांच की एक छात्रा को जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा में शामिल कराने का भी सुझाव दिया। उन्होंने बच्चों से मध्यान्ह भोजन के बारे में जानकारी ली, पूछा कि आज भोजन में क्या मिला और अंडा किस दिन दिया जाता है। इस संवाद से बच्चों में आत्मविश्वास और उत्साह देखने को मिला।
आधारभूत संरचना का निरीक्षण और निर्देश
उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में डीएमएफटी मद से बने किचन शेड और शौचालय का भी निरीक्षण किया। शौचालय भवन में पाई गई कमियों को लेकर उन्होंने संबंधित संवेदक को शीघ्र सुधार का निर्देश दिया। इसके अलावा परिसर में मौजूद परित्यक्त कक्षा भवन को तोड़कर हटाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए, ताकि विद्यालय परिसर सुरक्षित और सुव्यवस्थित बन सके।
जेएसएलपीएस दीदियों के साथ जमीन पर बैठकर संवाद
विद्यालय निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने जेएसएलपीएस की दीदियों और ग्रामीण महिलाओं से मुलाकात की। इस अवसर पर अधिकारियों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था थी, लेकिन उपायुक्त ने कुर्सी पर बैठने के बजाय दीदियों के साथ दरी पर बैठकर परिवार जैसी आत्मीय बातचीत की। यह दृश्य प्रशासन की संवेदनशीलता और महिला सशक्तिकरण के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपने-अपने स्वरोजगार के अनुभव साझा किए। किरण मिंज ने बताया कि वह महिला समूह से ऋण लेकर प्रति माह दस हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। वहीं लुसिया गुड़िया और केदल की सोसन देवी ने बताया कि वे बकरी पालन कर रही हैं।
महिला सशक्तिकरण की जमीनी तस्वीर
सोसन देवी ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में पांच बकरियों से रोजगार शुरू किया था। बाद में मैयां सम्मान योजना से प्राप्त राशि से दस और बकरियां खरीदीं, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है। वहीं फूलो झानो ने बताया कि वह बकरी और सूअर पालन कर रही हैं और सूअर पालन से उन्हें अधिक लाभ मिल रहा है।
महिलाओं से बातचीत के दौरान उपायुक्त ने सामाजिक मुद्दों पर भी सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या किसी गांव में भट्ठी शराब का निर्माण हो रहा है। यदि कहीं ऐसी गतिविधि हो, तो अबुआ ग्रुप में दिए गए शिकायत नंबर पर सूचना देने को कहा। शौचालय की स्थिति पर चर्चा के दौरान महिलाओं ने बताया कि कई शौचालय जर्जर हैं और कहीं पानी की समस्या है। इस पर उपायुक्त ने अपने स्तर से मरम्मत कराकर शौचालय के नियमित उपयोग की सलाह दी।
अन्य प्रशासनिक गतिविधियां और अधिकारीगण
जेएसएलपीएस दीदियों से संवाद के बाद अधिकारियों की टीम मैकलुस्कीगंज स्थित डाक बंगला पहुंची। समय विलंब होने के कारण तुमांग पंचायत में प्रस्तावित स्कूल निरीक्षण का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। डाक बंगला में भोजन के उपरांत उपायुक्त बेड़ो के लिए रवाना हो गए।
इस दौरे में उप विकास आयुक्त सौरभ कुमार भुवानिया, जिला परिषद रांची के जिला अभियंता गुप्तेश्वर राम, कार्यपालक अभियंता एनआरपी वन सागर प्रताप, जिला खेल पदाधिकारी सह जिला पर्यटन पदाधिकारी श्रीवेन्दु कुमार सिंह, जिला योजना पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह, ऋतुराज, सहायक अभियंता दिनेश कुमार, अरविन्द कुमार, कनीय अभियंता राहुल मिश्रा, समीर टोप्पो, संजीव कुमार सहित अन्य कई अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा हुटाप मुखिया शिवरत मुंडा भी कार्यक्रम में शामिल रहे।



न्यूज़ देखो: जमीनी स्तर तक पहुंचता प्रशासन
खलारी प्रखंड का यह दौरा दर्शाता है कि जिला प्रशासन केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि सुदूर गांवों तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहा है। शिक्षा, आधारभूत संरचना और महिला सशक्तिकरण पर एक साथ फोकस करना समग्र विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत है। ऐसे निरीक्षणों से योजनाओं की खामियां सामने आती हैं और सुधार की गुंजाइश बनती है। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दिए गए निर्देशों का क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब प्रशासन जमीन पर उतरे, तभी बदलेगी तस्वीर
शिक्षा की गुणवत्ता, महिलाओं की आर्थिक मजबूती और बुनियादी सुविधाएं किसी भी समाज की रीढ़ होती हैं। जब प्रशासन स्वयं गांवों में जाकर लोगों से संवाद करता है, तो विश्वास और पारदर्शिता दोनों बढ़ते हैं। ऐसे प्रयासों को सफल बनाने में जनभागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। अपने आसपास की समस्याओं को सामने लाएं, योजनाओं की जानकारी साझा करें और सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनें। अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और जागरूक समाज के निर्माण में योगदान दें।







