
#विश्रामपुर #नगरपंचायतचुनाव : अध्यक्ष पद के नामांकन के बाद कंचन देवी ने विकास, रोजगार और खेल को लेकर स्पष्ट विज़न रखा।
पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद चुनाव में अध्यक्ष पद की प्रत्याशी कंचन देवी ने नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नगर के समग्र विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि विश्रामपुर को विकसित नगर परिषद बनाने के लिए घर-घर सुदृढ़ीकरण, स्थानीय संसाधनों का उपयोग और युवाओं को रोजगार से जोड़ना उनका मुख्य लक्ष्य होगा। उनके बयान के बाद चुनावी माहौल में विकास और रोजगार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
- कंचन देवी ने नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए किया नामांकन।
- विश्रामपुर नगर परिषद के समग्र विकास को बताया पहली प्राथमिकता।
- युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने का संकल्प।
- पूर्व जनप्रतिनिधियों को विकास की कमी के लिए ठहराया जिम्मेदार।
- खेल, उद्योग और स्वरोजगार को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन।
विश्रामपुर नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद कंचन देवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब विश्रामपुर को विकास की नई दिशा देने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में आज भी कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
घर-घर सुदृढ़ीकरण और आधारभूत विकास पर जोर
कंचन देवी ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल कागजी योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि घर-घर सुदृढ़ीकरण कर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता और बिजली जैसी सुविधाएं हर नागरिक तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी, ताकि विश्रामपुर एक सुव्यवस्थित और विकसित नगर परिषद के रूप में उभर सके।
युवाओं का पलायन सबसे बड़ी चिंता
मीडिया से बातचीत में कंचन देवी ने विश्रामपुर के युवाओं के पलायन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यहां के नौजवान रोजी-रोटी की तलाश में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली जैसे राज्यों में मजदूरी करने को मजबूर हैं, जहां उन्हें बाहरी समझकर 12 से 16 घंटे तक दिहाड़ी मजदूरी कराई जाती है। उन्होंने इसे पूरे क्षेत्र के लिए शर्मनाक स्थिति बताया।
स्थानीय उद्योगों से रोजगार सृजन की योजना
कंचन देवी ने कहा कि विश्रामपुर में जमीन की कोई कमी नहीं है और यदि छोटे-छोटे उद्योग लगाए जाएं तो हजारों युवाओं को यहीं रोजगार मिल सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पत्तल-दोना, गिलास, पानी, जूस, कॉपी, हवाई चप्पल जैसे लघु उद्योग आसानी से स्थापित किए जा सकते हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार मिलेगा।
खेल प्रतिभाओं के लिए मजबूत व्यवस्था का वादा
उन्होंने कहा कि विश्रामपुर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन और सुदृढ़ व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। कंचन देवी ने भरोसा दिलाया कि खेल के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें।
पूर्व जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना
कंचन देवी ने कहा कि विश्रामपुर नगर परिषद में अब तक संपूर्ण विकास नहीं हो पाया है, इसके लिए पूर्व के जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि इस बार विकास और रोजगार को प्राथमिकता देने वाले नेतृत्व को मौका दें।
खुलकर मतदान की अपील
नामांकन के बाद उन्होंने विश्रामपुर के मतदाताओं से खुलकर मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि यदि जनता ने उन्हें अवसर दिया तो आने वाले समय में विश्रामपुर में “विकास ही विकास” देखने को मिलेगा।
नामांकन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतीश चौबे उर्फ बालजी चौबे, अंकित कुमार पासवान सहित किरण देवी के कई समर्थक मौजूद थे, जिनमें भारी उत्साह देखा गया।
न्यूज़ देखो: विकास और रोजगार पर केंद्रित चुनावी विमर्श
न्यूज़ देखो: विश्रामपुर नगर परिषद चुनाव में किरण देवी द्वारा विकास और युवाओं के रोजगार को मुख्य मुद्दा बनाना यह दर्शाता है कि इस बार चुनावी विमर्श केवल राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े सवालों पर केंद्रित है। यदि स्थानीय संसाधनों के जरिए रोजगार सृजन पर काम होता है, तो पलायन जैसी समस्या से निजात मिल सकती है।
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विकास और रोजगार के लिए जिम्मेदार नेतृत्व जरूरी
नगर का भविष्य जागरूक मतदाताओं के हाथ में होता है।
स्थानीय रोजगार से ही क्षेत्र की तरक्की संभव है।
खेल, उद्योग और बुनियादी सुविधाओं का विकास समय की मांग है।
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