
#गिरिडीह #उपलब्धि : हारोडीह निवासी धनेश्वर वर्मा के बीएसओ पद चयन से परिवार और ग्रामीणों में उत्साह
- हारोडीह के धनेश्वर वर्मा का बीएसओ पद पर चयन।
- पूर्व में नवीन प्राथमिक विद्यालय, बरदघटी (चकाई) में प्रधान शिक्षक।
- बचपन से मेधावी छात्र, लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन।
- पिता सुंदर महतो और ग्रामीणों ने जताई खुशी।
- चयन पर मुखिया महेंद्र वर्मा सहित कई लोगों की शुभकामनाएं।
नवडीहा, गिरिडीह। जमुआ प्रखंड के नवडीहा ओपी क्षेत्र अंतर्गत हारोडीह निवासी धनेश्वर वर्मा ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफलता प्राप्त कर ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (बीएसओ) पद हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदार और पूरे गांव में हर्ष की लहर दौड़ गई है। धनेश्वर वर्मा इससे पहले बिहार के चकाई प्रखंड के बरदघटी स्थित नवीन प्राथमिक विद्यालय में प्रधान शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।
मेधावी छात्र से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
स्थानीय लोगों के अनुसार धनेश्वर वर्मा बचपन से ही मेधावी और अनुशासित छात्र रहे हैं। शिक्षा के साथ उनकी लगन और निरंतर मेहनत का परिणाम रहा कि उन्होंने जेएसएससी की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाई। स्कूल स्तर से लेकर कोचिंग और नौकरी तक, हर चरण में उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की।
परिवार और ग्रामीणों में उमंग
उनके चयन से पिता सुंदर महतो काफी उत्साहित और गर्व महसूस कर रहे हैं। पिता ने कहा कि बेटे ने घर-परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।
गांव के मुखिया महेंद्र वर्मा, दीनदयाल वर्मा और अन्य ग्रामीणों ने धनेश्वर को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गांव में उनके सम्मान में छोटी बैठकों और बधाइयों का सिलसिला दिनभर चलता रहा।
ईमानदारी से कर्तव्य निभाने का संकल्प
बीएसओ पद पर चयन के बाद धनेश्वर वर्मा ने कहा कि वे ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएँगे। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में लाभुकों को प्राथमिकता देना उनका पहला कर्तव्य होगा और वे इस दिशा में पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
न्यूज़ देखो : युवाओं की सफलता ग्रामीण प्रेरणा
गिरिडीह के ग्रामीण इलाके से प्रशासनिक पद पर चयन होना स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे सफल छात्र न केवल परिवार का सम्मान बढ़ाते हैं बल्कि क्षेत्र के युवाओं में नई ऊर्जा भी जगाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा से रोजगार तक—आप भी बढ़ाएँ कदम
धनेश्वर वर्मा की सफलता बताती है कि निरंतर मेहनत और लक्ष्य पर फोकस से कोई भी मंज़िल दूर नहीं।
युवा वर्ग प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास अपनाएँ।
अपने क्षेत्र की उपलब्धियों को आगे बढ़ाएँ और दूसरों को भी प्रेरित करें।
इस खबर को साझा करें और सफलता की कहानियों से ऊर्जा फैलाएँ।







