
#छतरपुर #पलामू #डिजिटल_सशक्तिकरण : यूनिसेफ समर्थित पहल से ग्रामीण युवतियों को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।
पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड में ग्रामीण बेटियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘डिजिटल गर्ल हब’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। Maa Charitable and Educational Trust द्वारा संचालित इस पहल को यूनिसेफ का समर्थन प्राप्त है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवतियों को डिजिटल कौशल देकर आत्मनिर्भर बनाना है। उद्घाटन समारोह में स्थानीय अधिकारियों और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी रही।
- छतरपुर (पलामू) में ‘डिजिटल गर्ल हब’ का शुभारंभ।
- UNICEF समर्थित पहल से बेटियों को डिजिटल ट्रेनिंग।
- गंगी मुर्मू (BPM, JSLPS) ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन।
- Tally, MS Office, Excel जैसे जॉब-रेडी कोर्स शामिल।
- प्रशिक्षण के बाद प्रमाणन और प्लेसमेंट की सुविधा।
पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। Maa Charitable and Educational Trust द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से ‘डिजिटल गर्ल हब’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना है।
इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन JSLPS छतरपुर के BPM गंगी मुर्मू द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल ज्ञान ही सबसे बड़ी शक्ति है और इस तरह की पहलें युवतियों को आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
कार्यक्रम में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में ट्रस्ट के प्रोग्राम एसोसिएट जयंत कुमार, विलेज लेवल वॉलंटियर कामता प्रजापति तथा फील्ड टीम के सदस्य शैलेश प्रजापति, मनदीप रवि, आकाश कुमार और माया कुमारी सहित JSLPS की टीमों की सक्रिय भागीदारी रही।
स्थानीय युवतियों और महिलाओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे इस पहल के प्रति क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
क्या है डिजिटल गर्ल हब
‘डिजिटल गर्ल हब’ एक ऐसा मंच है, जहां ग्रामीण बेटियों को आधुनिक डिजिटल कौशल सिखाया जाएगा। यह केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार के अवसरों से भी जोड़ने की दिशा में काम करेगा।
गंगी मुर्मू ने कहा: “डिजिटल शिक्षा के माध्यम से बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में नई पहचान बनाएंगी।”
प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषताएं
इस कार्यक्रम के तहत युवतियों को कम समय में व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- मात्र 10–12 घंटे के प्रशिक्षण में जॉब-रेडी स्किल्स
- Tally, MS Office, Advance Excel जैसे महत्वपूर्ण कोर्स
- YuWaah LMS प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन लर्निंग
- प्रशिक्षण के बाद प्रमाणन और प्लेसमेंट की सुविधा
यह प्रशिक्षण युवतियों को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करेगा, जिससे वे नौकरी या स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगी।
बदल रही गांव की तस्वीर
इस पहल का उद्देश्य है कि हर गांव की बेटी डिजिटल रूप से सक्षम बने और अपने पैरों पर खड़ी हो सके। कार्यक्रम के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत विकास हो रहा है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव की नींव रखी जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रमों से बेटियों के प्रति सोच में बदलाव आ रहा है और उन्हें नए अवसर मिल रहे हैं।
डिजिटल इंडिया की ओर मजबूत कदम
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां डिजिटल रूप से सशक्त नहीं होंगी, तब तक ‘डिजिटल इंडिया’ का सपना अधूरा रहेगा।
यह पहल उस दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास में योगदान देगी।
न्यूज़ देखो: बदलाव की नई राह पर पलामू की बेटियां
छतरपुर में शुरू हुआ डिजिटल गर्ल हब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत है। यह पहल दिखाती है कि सही दिशा और अवसर मिलने पर ग्रामीण बेटियां भी हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। अब जरूरत है कि ऐसे प्रयासों को निरंतर विस्तार मिले और अधिक से अधिक बेटियां इससे जुड़ें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अब हर बेटी बनेगी आत्मनिर्भर
समय आ गया है कि हम बेटियों को सिर्फ सपने देखने नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने का अवसर दें।
डिजिटल शिक्षा के माध्यम से वे न केवल अपने जीवन को संवार सकती हैं, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकती हैं।
आइए, इस पहल को समर्थन दें और अपने आसपास की बेटियों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और बेटियों के सशक्तिकरण की इस मुहिम को आगे बढ़ाएं।






