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बानो में दिशुम गुरु शिबू सोरेन का 82वां जन्मदिन उत्साहपूर्वक मनाया गया, जरूरतमंदों के बीच कंबल व फल वितरण

#बानो #शिबू_सोरेन #झामुमो : बिरसा चौक से अस्पताल तक सेवा और श्रद्धा का संदेश

बानो प्रखंड मुख्यालय के बिरसा चौक में दिशुम गुरु शिबू सोरेन का 82वां जन्मदिन झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरुजी के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्प अर्पण व केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। साथ ही जरूरतमंद लोगों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बानो में इलाजरत मरीजों के बीच कंबल व फल का वितरण कर मानवता और सेवा का संदेश दिया गया।

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  • बिरसा चौक, बानो में आयोजित हुआ जन्मदिन समारोह
  • गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण व केक काटकर उत्सव
  • जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण
  • सीएचसी बानो में मरीजों को कंबल व फल प्रदान
  • झामुमो प्रखंड उपाध्यक्ष मो. तनवीर ने रखे विचार

बानो प्रखंड में दिशुम गुरु शिबू सोरेन का जन्मदिन पूरे उत्साह और सामाजिक सरोकार के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन बानो के बिरसा चौक में किया गया, जहां झारखंड आंदोलन के प्रणेता और राज्य के संस्थापक गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। झामुमो कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर केक काटते हुए उनका जन्मदिन मनाया।

सेवा कार्यों के साथ मनाया गया जन्मदिन

जन्मदिन के अवसर को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल का वितरण किया गया। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बानो में इलाजरत मरीजों के बीच कंबल एवं फल वितरित कर मानवीय संवेदना का परिचय दिया गया। इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की।

गुरुजी के संघर्ष और योगदान को किया गया याद

मौके पर झामुमो प्रखंड उपाध्यक्ष मो. तनवीर ने अपने संबोधन में कहा कि दिशुम गुरु शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को नेमरा गांव में हुआ था। उन्होंने झारखंड की मांग को लेकर लंबा और ऐतिहासिक संघर्ष किया। महाजनी प्रथा के विरोध में उन्होंने लोगों को एकजुट किया और राजनीति को माध्यम बनाकर झारखंड आंदोलन को और तेज व प्रखर बनाया।

झारखंड आंदोलन के अग्रदूत

मो. तनवीर ने कहा कि गुरु शिबू सोरेन ने झारखंड के लिए कई बार मुख्यमंत्री का दायित्व संभाला और आदिवासी, सदान एवं वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई हमेशा मजबूती से लड़ी। आज उनका जन्मदिन केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि असम, ओडिशा, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में भी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। उनका संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे उपस्थित

कार्यक्रम में नीरज साहू, आलोक बारला, लंबू, मनीर खान, आफताब सहित झामुमो के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने गुरुजी के विचारों पर चलने और उनके संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

न्यूज़ देखो: सेवा और संघर्ष की परंपरा

बानो में गुरु शिबू सोरेन का जन्मदिन जिस तरह सेवा कार्यों के साथ मनाया गया, वह उनके विचारों और संघर्षों का सच्चा सम्मान है। झामुमो कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया कि गुरुजी की विरासत केवल राजनीति नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की भावना है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

गुरुजी के विचार आज भी हैं प्रासंगिक

जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संदेश आज भी उतना ही जरूरी है।
सेवा, संघर्ष और समानता की राह ही झारखंड को आगे बढ़ा सकती है।
दिशुम गुरु का जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

यदि आप भी गुरु शिबू सोरेन के विचारों से प्रेरित हैं, तो इस खबर को साझा करें और उनके संघर्ष को याद रखने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

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