
#खलारी #रांची #शिक्षा_निरीक्षण : फेयरवेल कार्यक्रम के बीच डीईओ विनय कुमार ने छात्रों से किया संवाद।
रांची जिले के मैकलुस्कीगंज स्थित आदर्श उच्च विद्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने औचक निरीक्षण सह भ्रमण किया। उनके आगमन के समय विद्यालय में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों का फेयरवेल कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से सीधा संवाद कर शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और परीक्षा तैयारी पर मार्गदर्शन दिया। निरीक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना और शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करना रहा।
- जिला शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने आदर्श उच्च विद्यालय मैकलुस्कीगंज का किया निरीक्षण।
- फेयरवेल कार्यक्रम के दौरान छात्रों से सीधा संवाद कर दिया मार्गदर्शन।
- दसवीं व बारहवीं के छात्रों को प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने का संदेश।
- शिक्षकों से पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने पर जोर।
- विद्यालय परिवार ने अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
आदर्श उच्च विद्यालय मैकलुस्कीगंज में उस समय विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब रांची के जिला शिक्षा अधिकारी विनय कुमार एवं कार्यालय के वरिष्ठ कर्मचारी अरुण कुमार विद्यालय निरीक्षण के लिए पहुंचे। संयोग से उसी दिन विद्यालय परिसर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों का फेयरवेल कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था, जिसमें छात्र-छात्राएं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे थे।
विद्यालय परिसर में उत्साहपूर्ण वातावरण
जैसे ही जिला शिक्षा अधिकारी विद्यालय परिसर में पहुंचे, कार्यक्रम का माहौल और अधिक उल्लासपूर्ण हो गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य आदित्य प्रसाद साहू के नेतृत्व में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने पुष्पगुच्छ एवं सम्मानपूर्वक अतिथियों का स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान डीईओ ने विद्यालय की साफ-सफाई, कक्षाओं की स्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया।
फेयरवेल कार्यक्रम के बीच छात्रों से संवाद
फेयरवेल कार्यक्रम के बीच जिला शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने मंच से उतरकर सीधे छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी परीक्षा तैयारी, विषयों की कठिनाइयों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। छात्रों ने भी बेझिझक अपनी बात रखी, जिस पर डीईओ ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने का दिया मंत्र
छात्रों को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और अनुशासन को सफलता की मूल कुंजी बताया। विशेष रूप से दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने और प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने का लक्ष्य तय करने का मंत्र दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने कहा: “लक्ष्य स्पष्ट हो, पढ़ाई नियमित हो और मन शांत रहे तो कोई भी परीक्षा कठिन नहीं होती। आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।”
शिक्षकों से भी किया संवाद
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों से भी विस्तृत बातचीत की। उन्होंने शिक्षकों से पठन-पाठन की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने और नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य निर्माता होते हैं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शिक्षकों की उपस्थिति और सहभागिता
इस अवसर पर विद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षक उपस्थित रहे, जिनमें लखन प्रसाद साहु, गोपाल प्रसाद, जय प्रकाश यादव, राधा कुमारी, निर्मल कुजुर, एडवर्ड मरांडी, अनिल यादव, जावेद अंसारी, सुधीर पांडेय, मनोज दुबे, मनोहर महतो सहित अन्य शिक्षक एवं अभिभावक शामिल थे। सभी ने जिला शिक्षा अधिकारी के विचारों को प्रेरणादायक बताया।
शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नैतिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि परीक्षा से पहले छात्रों के लिए मार्गदर्शन सत्र और शंका समाधान कक्षाएं नियमित रूप से आयोजित की जाएं।
छात्रों में बढ़ा आत्मविश्वास
डीईओ के संवाद और मार्गदर्शन से छात्रों में विशेष उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। कई छात्रों ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी से सीधे संवाद कर उन्हें अपनी तैयारी को लेकर नई ऊर्जा मिली है। शिक्षकों ने भी इस तरह के निरीक्षण और संवाद को प्रेरणादायक बताया।
शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में प्रयास
विद्यालय निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट संदेश गया कि जिला प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। छात्रों और शिक्षकों के बीच सीधा संवाद शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में अहम भूमिका निभा सकता है।
न्यूज़ देखो: संवाद से मजबूत होती शिक्षा व्यवस्था
आदर्श उच्च विद्यालय मैकलुस्कीगंज में जिला शिक्षा अधिकारी का यह निरीक्षण दर्शाता है कि प्रशासन केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षकों को प्रेरित करने की दिशा में भी सक्रिय है। ऐसे संवाद से न केवल छात्रों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि शिक्षण व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव भी आता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा से ही संवरता है भविष्य
छात्रों के लिए यह समय मेहनत और अनुशासन का है।
शिक्षकों और अभिभावकों का सहयोग सफलता को और आसान बनाता है।
ऐसी सकारात्मक खबरों को साझा करें, ताकि शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े।
अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।







