Simdega

जिला नियोजन पदाधिकारी ने ओल्ड एज होम में बुजुर्गों संग मनाई मकर संक्रांति, तिलकुट खिलाकर बांटी खुशियां

#सिमडेगा #सामाजिक_सरकार : ओल्ड एज होम पहुंचीं जिला नियोजन पदाधिकारी, बुजुर्गों के साथ साझा किया पर्व का उल्लास


सिमडेगा में मकर संक्रांति के अवसर पर मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई, जब जिला नियोजन पदाधिकारी आशा मक्सिमा लकड़ा ओल्ड एज होम पहुंचीं। उन्होंने बुजुर्गों के साथ समय बिताया, उन्हें तिलकुट खिलाया और उपहार देकर पर्व की खुशियां साझा कीं।

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  • डिप्टीटोली स्थित ओल्ड एज होम पहुंचीं जिला नियोजन पदाधिकारी आशा मक्सिमा लकड़ा
  • समाजसेवी भरत प्रसाद के सहयोग से स्वेटर, फल, गर्म टोपी का वितरण।
  • बुजुर्गों को अपने हाथों से टोपी पहनाई और तिलकुट खिलाकर दी मकर संक्रांति की शुभकामनाएं।
  • आगे भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
  • बुजुर्गों ने सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

सिमडेगा जिले में मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष सिर्फ पतंग और तिलकुट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का सजीव उदाहरण भी बना। गुरुवार को जिला नियोजन पदाधिकारी आशा मक्सिमा लकड़ा डिप्टीटोली स्थित ओल्ड एज होम पहुंचीं, जहां उन्होंने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर पर्व की खुशियां साझा कीं।

इस अवसर पर समाजसेवी भरत प्रसाद के सहयोग से ओल्ड एज होम में रह रहे बुजुर्गों के बीच स्वेटर, गर्म टोपी, फल एवं अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। ठंड के इस मौसम में मिले इन उपहारों से बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान साफ झलक रही थी।

बुजुर्गों को अपने हाथों से पहनाई टोपी

कार्यक्रम के दौरान जिला नियोजन पदाधिकारी आशा मक्सिमा लकड़ा ने हर बुजुर्ग के पास जाकर उन्हें अपने हाथों से गर्म टोपी पहनाई। यह दृश्य भावनात्मक भी था और प्रेरणादायक भी, जिसने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ मानवीय जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है।

इसके बाद उन्होंने समाजसेवी भरत प्रसाद के साथ मिलकर सभी बुजुर्गों को अपने हाथों से तिलकुट खिलाया और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। बुजुर्गों ने भी आशीर्वाद देते हुए इस आत्मीय पहल के लिए धन्यवाद प्रकट किया।

“बुजुर्ग समाज की धरोहर हैं” – आशा मक्सिमा लकड़ा

ओल्ड एज होम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए जिला नियोजन पदाधिकारी ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से ही समाज की नींव मजबूत होती है।

आशा मक्सिमा लकड़ा ने कहा:
“पर्व का असली अर्थ तभी है, जब हम खुशियां एक-दूसरे के साथ बांटें। बुजुर्गों के साथ समय बिताना और उनके चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्चा उत्सव है।”

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी प्रशासनिक स्तर से और व्यक्तिगत रूप से हर संभव सहयोग देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ओल्ड एज होम में रह रहे बुजुर्गों को किसी प्रकार की कमी महसूस न हो।

सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन – भरत प्रसाद

समाजसेवी भरत प्रसाद ने इस अवसर पर कहा कि समाज के कमजोर और उपेक्षित वर्गों के प्रति संवेदनशील होना हम सभी की जिम्मेदारी है। बुजुर्गों की सेवा और सम्मान से ही समाज में मानवीय मूल्यों की रक्षा होती है।

भरत प्रसाद ने कहा:
“यदि हम अपने बुजुर्गों का सम्मान करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ी भी संस्कारों को अपनाएगी। सामाजिक सरोकार निभाना केवल दायित्व नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है।”

उन्होंने कहा कि आगे भी ओल्ड एज होम के साथ सहयोग जारी रहेगा और जरूरत के अनुसार सहायता प्रदान की जाएगी।

बुजुर्गों ने जताया आभार

ओल्ड एज होम में रह रहे बुजुर्गों ने जिला नियोजन पदाधिकारी और समाजसेवी भरत प्रसाद के प्रति आभार व्यक्त किया। बुजुर्गों का कहना था कि इस तरह का स्नेह और अपनापन उन्हें मानसिक संबल देता है और यह एहसास कराता है कि वे समाज से कटे हुए नहीं हैं।

कई बुजुर्गों की आंखों में खुशी के आंसू थे, जब अधिकारियों और समाजसेवियों ने उनसे हालचाल पूछा और उनके साथ समय बिताया। यह पल उनके लिए यादगार बन गया।

प्रशासन और समाज के बीच सेतु

इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि जब प्रशासनिक अधिकारी संवेदनशीलता के साथ समाज से जुड़ते हैं, तो उसका प्रभाव केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि गहराई तक महसूस किया जाता है। ओल्ड एज होम जैसे स्थानों पर इस तरह की पहल बुजुर्गों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी देती है।

न्यूज़ देखो: संवेदनशील प्रशासन की मिसाल

सिमडेगा में जिला नियोजन पदाधिकारी की यह पहल बताती है कि विकास केवल योजनाओं और आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने से ही सच्चा विकास संभव है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बुजुर्गों के सम्मान से मजबूत होता समाज

बुजुर्ग हमारे अतीत, अनुभव और संस्कारों के वाहक हैं। उनके साथ समय बिताना, उनका सम्मान करना और उनकी जरूरतों का ख्याल रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। अगर आपको भी ऐसी मानवीय पहल प्रेरणादायक लगी, तो अपनी राय साझा करें और समाज में सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाएं।

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Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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