#बोलबा #सम्मान_समारोह : दनगद्दी में डूबे छात्र की तलाश में साहस दिखाने पर सम्मान।
सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थानीय गोताखोरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। हाल में दनगद्दी पर्यटन स्थल पर डूबे छात्र की खोज में गोताखोरों ने बिना एनडीआरएफ सहायता के नदी की तेज धार से शव बरामद किया था। उनके साहस और तत्परता को देखते हुए अंचल अधिकारी ने होली के अवसर पर सम्मानित किया। समारोह में प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- दनगद्दी पर्यटन स्थल पर डूबे छात्र की खोज में दिखाया साहस।
- बिना एनडीआरएफ सहायता के नदी की तेज धार से बरामदगी।
- अंचल अधिकारी सुधांसु पाठक ने किया सम्मानित।
- गोताखोर कामेश्वर प्रधान सहित नौ लोगों को प्रशस्ति पत्र।
- थाना प्रभारी देवीदास मुर्मू समेत कई अधिकारी रहे मौजूद।
सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड में स्थानीय गोताखोरों के साहसिक कार्य को सम्मानित किया गया। प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन गोताखोरों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने दनगद्दी पर्यटन स्थल पर डूबे छात्र की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह सम्मान होली के शुभ अवसर पर प्रदान किया गया, जिससे कार्यक्रम में विशेष भावनात्मक माहौल देखने को मिला।
दनगद्दी में हुई थी घटना
अंचल अधिकारी सुधांसु पाठक ने बताया कि कुछ दिन पूर्व दनगद्दी पर्यटन स्थल पर पिकनिक मनाने आए ठेठईटांगर प्रखंड के संत पीटर स्कूल के छात्र अभिषेक कुमार सिंह नहाने के दौरान डूब गए थे और लापता हो गए थे। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर खोजबीन शुरू की गई।
नदी की तेज धार और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बोलबा के स्थानीय गोताखोरों ने बिना एनडीआरएफ टीम की मदद के खोज अभियान चलाया और छात्र को ढूंढ़ निकाला। प्रशासन ने उनके इस साहसिक और मानवता से जुड़े प्रयास की सराहना की।
होली के अवसर पर सम्मान
इसी साहसिक कार्य के मद्देनजर होली के शुभ अवसर पर सभी गोताखोरों को अंचल अधिकारी की ओर से प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने तालियों की गूंज के साथ गोताखोरों का उत्साहवर्धन किया।
अंचल अधिकारी सुधांसु पाठक ने कहा:
सुधांसु पाठक ने कहा: “कठिन परिस्थितियों में बिना किसी विशेष संसाधन के जिस साहस और समर्पण से गोताखोरों ने कार्य किया, वह प्रशंसनीय है। समाज को ऐसे लोगों पर गर्व है।”
सम्मानित गोताखोरों के नाम
समारोह में जिन गोताखोरों को सम्मानित किया गया, उनमें कामेश्वर प्रधान, विनय केरकेट्टा, माघु लोहरा, दीपक केरकेट्टा, प्रेम प्रकाश केरकेट्टा, रतिया लोहरा, लखन लोहरा, विक्रांत केरकेट्टा, लोकनाथ सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे।
इन सभी ने सामूहिक रूप से घटना के दौरान तत्परता दिखाते हुए खोज अभियान को सफल बनाया।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे अधिकारी
इस अवसर पर अंचल अधिकारी सुधांसु पाठक, थाना प्रभारी देवीदास मुर्मू, प्रधान सहायक मो नावेद, अंचल निरीक्षक सीधेश्वर पासवान, अमीन समीर केरकेट्टा, मुखिया सूरजन बड़ाइक, कालो खलको सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सभी ने गोताखोरों के साहसिक कार्य की सराहना करते हुए भविष्य में भी आपात स्थितियों में सहयोग की अपील की।
न्यूज़ देखो: स्थानीय साहस को मिला प्रशासनिक सम्मान
बोलबा में गोताखोरों को सम्मानित किया जाना यह दर्शाता है कि प्रशासन स्थानीय स्तर पर किए गए साहसिक और मानवतापूर्ण कार्यों को महत्व दे रहा है। संसाधनों की कमी के बावजूद जोखिम उठाकर खोज अभियान चलाना आसान नहीं होता। ऐसे प्रयासों को पहचान मिलने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है।
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साहस और सेवा की भावना को दें सम्मान
समाज उन्हीं लोगों से मजबूत होता है जो संकट की घड़ी में आगे आते हैं। गोताखोरों का यह कार्य हमें सिखाता है कि जिम्मेदारी और हिम्मत से असंभव भी संभव हो सकता है।