
#खलारी #रांची #विधिक_जागरूकता : डीएवी खलारी में झालसा के निर्देश पर छात्रों को कानून की बुनियादी समझ दी गई।
रांची जिले के खलारी स्थित डीएवी विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्र–छात्राओं को मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, शिक्षा का अधिकार और मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। डालसा के प्रतिनिधियों ने संविधान की भूमिका और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार नागरिक बनने की समझ विकसित करना रहा।
- डीएवी खलारी के लीगल लिटरेसी क्लब में डालसा द्वारा विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
- मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, शिक्षा का अधिकार और मुफ्त कानूनी सहायता पर जानकारी।
- डालसा प्रतिनिधि मुन्नु शर्मा और विकास कुमार ने छात्रों को संबोधित किया।
- नालसा टोल फ्री नंबर 15100 के माध्यम से कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।
- रंगोली, चित्रकला, कविता और वाद–विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने लिया भाग।
रांची जिले के खलारी प्रखंड स्थित डीएवी विद्यालय में छात्रों के बीच विधिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिविल कोर्ट रांची के तत्वावधान में यह कार्यक्रम डीएवी खलारी के लीगल लिटरेसी क्लब में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को संविधान में निहित अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना था।
मौलिक अधिकारों पर विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान डालसा प्रतिनिधि मुन्नु शर्मा ने छात्र–छात्राओं को भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौलिक अधिकार प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक और गरिमामय जीवन जीने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकार तथा संवैधानिक उपचार के अधिकार पर सरल भाषा में प्रकाश डाला।
मुन्नु शर्मा ने कहा:
मुन्नु शर्मा ने कहा: “संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों की जानकारी हर नागरिक को होनी चाहिए, ताकि वह अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सके।”
उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार अधिकारों की जानकारी होने से व्यक्ति अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठा सकता है।
मौलिक कर्तव्यों के पालन पर जोर
मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों के महत्व को भी कार्यक्रम में प्रमुखता से रखा गया। मुन्नु शर्मा ने बताया कि एक सशक्त लोकतंत्र के लिए नागरिकों का कर्तव्यनिष्ठ होना उतना ही आवश्यक है, जितना अधिकारों का होना। उन्होंने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और अखंडता बनाए रखने, संविधान और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा और अनिवार्य शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे कर्तव्यों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से ही यदि इन कर्तव्यों का पालन शुरू किया जाए, तो समाज और देश दोनों मजबूत बनते हैं।
नशा मुक्ति पर विशेष संदेश
कार्यक्रम में नशा मुक्ति को लेकर भी छात्रों को जागरूक किया गया। मुन्नु शर्मा ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा है, जो न केवल स्वास्थ्य बल्कि करियर और पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने छात्रों से नशे से दूर रहने की अपील की और कहा कि यदि समाज में कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है, तो उसकी समय रहते काउंसलिंग कर उसे इस बुराई से बाहर निकालने का प्रयास करना चाहिए।
मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी
डालसा प्रतिनिधि विकास कुमार ने कार्यक्रम में मुफ्त कानूनी सहायता से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा कमजोर, गरीब, असहाय, दिव्यांग और शोषित वर्गों को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई।
विकास कुमार ने कहा:
विकास कुमार ने कहा: “कानून की जानकारी और मुफ्त कानूनी सहायता की सुविधा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकार लगातार प्रयासरत है।”
छात्रों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने केवल श्रोता की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि अपनी रचनात्मक प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया। रंगोली, चित्रकला, कविता पाठ और वाद–विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों ने कानून, अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र–छात्राओं को सम्मानित भी किया गया, जिससे उनमें उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की भूमिका
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक आनंद कुमार तिवारी ने किया, जबकि सुपरवाइजरी हेड कंचन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार सहित अन्य शिक्षकगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। प्राचार्य ने डालसा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
न्यूज़ देखो: कानून की समझ से सशक्त होती नई पीढ़ी
डीएवी खलारी में आयोजित यह कार्यक्रम दर्शाता है कि यदि छात्रों को प्रारंभिक स्तर पर ही कानून और संविधान की जानकारी दी जाए, तो वे अधिक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं। विधिक सेवा प्राधिकार का यह प्रयास समाज में न्याय और समानता की भावना को मजबूत करता है। ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता शिक्षा और कानून के बीच मजबूत सेतु का निर्माण कर सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, जिम्मेदार नागरिक बनें
संविधान के अधिकार और कर्तव्य केवल पुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवहार में भी दिखें, यही इस कार्यक्रम का संदेश है।
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