
#दुमका #अवैध_खनन #गोपीकांदर : बंद खदानों को दोबारा चालू कर रहे तस्कर, प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल।
दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड अंतर्गत ओडमो के डहरटोला में संचालित अवैध कोयला खदानों पर एक बार फिर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए डोजरिंग कर खदानों को बंद कराया। हालांकि एक महीने के भीतर दूसरी बार हुई इस कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन जारी रहने से व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
- गोपीकांदर के डहरटोला में अवैध कोयला खदानों पर कार्रवाई।
- खनन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने की डोजरिंग।
- जेसीबी से मिट्टी डालकर दो खदानों को बंद कराया गया।
- पहले भी बंद खदानों को तस्करों ने फिर से चालू कर दिया था।
- लगातार कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन पर नहीं लग पा रही रोक।
दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड के ओडमो स्थित डहरटोला में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। खनन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर डोजरिंग करते हुए अवैध खदानों को बंद करा दिया।
अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई
इस कार्रवाई के दौरान खनन इंस्पेक्टर गौरव कुमार, वन रेंज पदाधिकारी एलआर रवि और थाना प्रभारी सुमित कुमार भगत मौके पर मौजूद रहे। टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से खदानों में मिट्टी भरकर उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध खनन पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।
पहले भी बंद की गई थीं खदानें
जानकारी के अनुसार, जिन खदानों पर इस बार कार्रवाई की गई है, उन्हें एक महीने पहले भी डोजरिंग कर बंद कराया गया था। लेकिन कुछ ही दिनों में तस्करों ने दोबारा खनन शुरू कर दिया।
इससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध खनन में लगे लोग प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद सक्रिय हैं।
बार-बार कार्रवाई के बावजूद जारी खनन
लगातार डोजरिंग के बावजूद अवैध खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। इससे प्रशासन की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाएं जारी रहेंगी।
सख्त निगरानी की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए केवल खदानों को बंद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगातार निगरानी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी जरूरी है।
न्यूज़ देखो: अवैध खनन बड़ी चुनौती
झारखंड के कई इलाकों में अवैध खनन एक बड़ी समस्या बनी हुई है। बार-बार कार्रवाई के बावजूद इसका जारी रहना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
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स्थायी समाधान की जरूरत
अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन, स्थानीय लोगों और कानून व्यवस्था के बीच समन्वय जरूरी है। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकती है।
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