
#खलारी #रांची #पेयजल_संकट : मोटर खराबी से प्रभावित जलापूर्ति, महिलाओं सहित लोगों ने रखी समस्या।
रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत पीपरवार अशोका कॉलोनी में बीते 12 दिनों से पेयजल संकट बना हुआ है। मोटर खराब होने के कारण कॉलोनी के दर्जनों घरों में पानी की आपूर्ति ठप है। समस्या को लेकर कॉलोनीवासियों ने एनके एरिया के महाप्रबंधक से मुलाकात कर त्वरित समाधान की मांग की। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था और शीघ्र मरम्मत का भरोसा दिया है।
- पीपरवार अशोका कॉलोनी संख्या 01 से 40 तक के घरों में जल संकट।
- 12 दिनों से बंद है नियमित पानी आपूर्ति।
- पानी आपूर्ति करने वाला मोटर खराब होने से समस्या।
- यूसीडब्ल्यूयू/एटक के नेतृत्व में जीएम से मुलाकात।
- महिलाओं की बड़ी भागीदारी के साथ ज्ञापन।
- वैकल्पिक जलापूर्ति के निर्देश, शीघ्र समाधान का आश्वासन।
खलारी क्षेत्र के सुभाष नगर स्थित पीपरवार अशोका कॉलोनी में रहने वाले लोग पिछले 12 दिनों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। कॉलोनी संख्या 01 से 40 तक के आवासों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भीषण परेशानी के बीच लोगों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार कॉलोनी में पानी सप्लाई करने वाला मोटर लंबे समय से खराब पड़ा है, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी।
जीएम से मिलकर रखी गई समस्या
पेयजल संकट को लेकर शुक्रवार को सुभाष नगर के लोग यूसीडब्ल्यूयू/एटक के क्षेत्रीय अध्यक्ष कृष्णा चौहान के नेतृत्व में एनके एरिया के महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता से मिले। प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने घरेलू परेशानियों को लेकर अपनी बात मजबूती से रखी।
कॉलोनीवासियों ने जीएम को बताया कि पानी की कमी से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू कामकाज से लेकर पीने तक के लिए पानी जुटाना चुनौती बन गया है।
महाप्रबंधक ने दिए त्वरित निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता ने संबंधित विभाग को तत्काल मोटर की मरम्मत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जब तक मोटर पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
महाप्रबंधक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि तय समय सीमा के भीतर समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि निर्धारित अवधि में मोटर ठीक नहीं होता है तो एक-दो दिनों के भीतर इसकी जानकारी पुनः उन्हें दी जाए, ताकि वैकल्पिक कदम उठाए जा सकें।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
एनके एरिया जीएम से मिलने वालों में सुमन चौहान, रेखा देवी, ममता देवी, पार्वती देवी, रेणु देवी, ममता, रिंकी देवी, सूरज चौहान, रमेश चौहान, सत्येंद्र चौहान, गोपाल साव, ओम प्रकाश चौहान, सूरज पासवान, राजा लोहार, उदय शर्मा और उपेंद्र नोनिया शामिल थे। सभी ने एक स्वर में जल्द समाधान की मांग की।
कॉलोनीवासियों को राहत की उम्मीद
जीएम से मुलाकात के बाद कॉलोनीवासियों को राहत की उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि यदि वैकल्पिक जलापूर्ति सही ढंग से शुरू हो जाती है तो संकट काफी हद तक कम हो सकता है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए मोटर की शीघ्र मरम्मत जरूरी है।
न्यूज़ देखो: बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही उजागर
12 दिनों से पेयजल संकट यह दिखाता है कि बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी आम नागरिकों पर कितना भारी पड़ती है। प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेना सकारात्मक संकेत है, लेकिन समयबद्ध समाधान ही असली कसौटी होगा। क्या भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
पानी जीवन है, लापरवाही नहीं चलेगी
पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। नागरिकों की सजगता और सामूहिक आवाज से ही समस्याओं का समाधान संभव है। आप भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को सामने लाएं, खबर साझा करें और जिम्मेदार तंत्र तक आवाज पहुंचाएं। अपनी राय कमेंट करें और जागरूकता फैलाएं।





