News dekho specials
Simdega

सिमडेगा में गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था दुरुस्त, 500 से अधिक खराब नलकूपों की मरम्मत से ग्रामीणों को राहत

#सिमडेगा #पेयजल_व्यवस्था : गर्मी से पहले प्रशासन सक्रिय — जिलेभर में सैकड़ों नलकूपों की मरम्मत पूरी।

सिमडेगा जिले में आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए प्रशासन ने पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उपायुक्त कंचन सिंह के निर्देश पर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में 500 से अधिक नलकूपों की मरम्मत पूरी की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • उपायुक्त कंचन सिंह के निर्देश पर जिले में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने की पहल।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के 500 से अधिक खराब नलकूपों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू किया गया।
  • ठेठईटांगर में 89, बानो में 64 और सिमडेगा में 63 नलकूपों की मरम्मत।
  • कोलेबिरा 61, जलडेगा 54, कुरडेग 41, केरसई 39 में भी कार्य पूरा।
  • सड़े हुए राइजर पाइप (RRP) के कारण बंद पड़े नलकूपों को फिर से चालू किया गया।
  • गर्मी के मौसम में जल संकट से बचाव के लिए प्रशासन ने निगरानी के निर्देश दिए।

सिमडेगा जिले में गर्मी के मौसम से पहले पेयजल संकट की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उपायुक्त कंचन सिंह के दिशा-निर्देशन में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े ड्रिल्ड नलकूपों की मरम्मत का व्यापक अभियान चलाया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत किए गए इस अभियान के तहत सड़े हुए राइजर पाइप के कारण बंद पड़े सैकड़ों नलकूपों को ठीक कर फिर से चालू किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

गर्मी से पहले प्रशासन की तैयारी

सिमडेगा जिला प्रशासन ने इस बार ग्रीष्म ऋतु से पहले ही पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। अक्सर गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों के खराब होने या पानी की कमी की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासन ने पहले से ही खराब पड़े नलकूपों की पहचान कर उनकी मरम्मत कराने का निर्णय लिया।

पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, सिमडेगा द्वारा इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न प्रखंडों में सर्वे कराया गया। सर्वे के दौरान ऐसे नलकूपों की पहचान की गई जो सड़े हुए राइजर पाइप (RRP) के कारण बंद पड़े थे। इसके बाद तकनीकी टीमों ने मरम्मत कार्य शुरू किया और नलकूपों को फिर से चालू किया गया।

यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विभिन्न प्रखंडों में नलकूपों की मरम्मत

जिले के लगभग सभी प्रखंडों में खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत का कार्य किया गया। प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर लंबे समय से बंद पड़े नलकूपों को ठीक कर दिया गया है।

प्रखंडवार मरम्मत किए गए नलकूपों की संख्या इस प्रकार है:

  • बानो प्रखंड – 64 नलकूप
  • बांसजोर प्रखंड – 20 नलकूप
  • बोलबा प्रखंड – 31 नलकूप
  • जलडेगा प्रखंड – 54 नलकूप
  • केरसई प्रखंड – 39 नलकूप
  • कोलेबिरा प्रखंड – 61 नलकूप
  • कुरडेग प्रखंड – 41 नलकूप
  • पाकरटांड़ प्रखंड – 38 नलकूप
  • सिमडेगा प्रखंड – 63 नलकूप
  • ठेठईटांगर प्रखंड – 89 नलकूप

इन सभी नलकूपों को मरम्मत के बाद फिर से चालू कर दिया गया है, जिससे हजारों ग्रामीण परिवारों को पानी की सुविधा मिलने लगी है।

News dekho specials

राइजर पाइप खराब होने से बंद थे नलकूप

पेयजल विभाग के अधिकारियों के अनुसार अधिकांश नलकूप राइजर पाइप (RRP) के सड़ जाने के कारण बंद हो गए थे। समय के साथ पाइप कमजोर हो जाते हैं और पानी खींचने की प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इसी कारण कई गांवों में नलकूप काम नहीं कर रहे थे।

मरम्मत कार्य के दौरान इन पाइपों को बदला गया और आवश्यक तकनीकी सुधार किए गए। इसके बाद नलकूपों को पुनः चालू किया गया ताकि ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिल सके।

उपायुक्त ने दिए नियमित निगरानी के निर्देश

जिला प्रशासन ने केवल मरम्मत कार्य तक ही सीमित नहीं रखा बल्कि भविष्य में पेयजल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा: “गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।”

उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में नलकूप खराब होता है तो उसकी सूचना तुरंत विभाग को दी जाए ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके।

ग्रामीणों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल

नलकूपों की मरम्मत होने से अब ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। कई गांवों में लोग लंबे समय से खराब पड़े नलकूपों के कारण पानी की समस्या का सामना कर रहे थे। अब इन नलकूपों के चालू होने से उन्हें घर के पास ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।

प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से न केवल पेयजल संकट कम होगा बल्कि लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा, क्योंकि स्वच्छ पानी कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है।

न्यूज़ देखो: समय रहते उठाया गया जरूरी कदम

सिमडेगा प्रशासन द्वारा गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की यह पहल सराहनीय है। अक्सर देखा जाता है कि जल संकट सामने आने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू होते हैं, लेकिन इस बार पहले से तैयारी की गई है। हालांकि यह भी जरूरी है कि नलकूपों की नियमित देखभाल और निगरानी लगातार होती रहे। साथ ही ग्रामीणों को भी पानी के स्रोतों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक होना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

पानी बचाएं, भविष्य सुरक्षित बनाएं

पानी केवल एक संसाधन नहीं बल्कि जीवन का आधार है। यदि हम आज से ही पानी के संरक्षण और उसके सही उपयोग की आदत डालें, तो आने वाली पीढ़ियों को भी जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। गांवों में नलकूप और जल स्रोतों की देखभाल करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य भी है।

अपने गांव और आसपास के जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए आगे आएं। यदि कहीं नलकूप खराब हो या पानी की समस्या हो तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग तक पहुंचाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: