
#डुमरी #नशामुक्ति_जागरूकता : विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया।
गुमला जिले के डुमरी प्रखंड परिसर में शुक्रवार को नशामुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला के सचिव राम कुमार लाल गुप्ता के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रशासनिक पदाधिकारियों और विधिक स्वयंसेवकों ने नशे के सामाजिक, पारिवारिक और कानूनी दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
- डुमरी प्रखंड परिसर में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
- जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला के निर्देश पर आयोजन।
- बीडीओ उमेश कुमार स्वासी ने नशे के दुष्प्रभाव बताए।
- नालसा हेल्पलाइन 15100 की जानकारी दी गई।
- विधिक स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी।
डुमरी प्रखंड परिसर में आयोजित नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समाज को नशे के बढ़ते खतरे से अवगत कराना और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला द्वारा लगातार समाज में विधिक जागरूकता और सामाजिक सुधार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, इसी कड़ी में यह कार्यक्रम डुमरी प्रखंड में आयोजित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आयोजन
यह जागरूकता कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला के सचिव राम कुमार लाल गुप्ता के स्पष्ट निर्देशानुसार आयोजित किया गया। प्राधिकार का मानना है कि नशा केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को प्रभावित करने वाली गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुकी है। ऐसे में ग्रामीण स्तर पर जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग समय रहते इसके दुष्परिणामों को समझ सकें।
बीडीओ ने बताया नशे के गंभीर दुष्परिणाम
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी उमेश कुमार स्वासी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को धीरे-धीरे खोखला कर देता है। इसके कारण व्यक्ति न केवल बीमार पड़ता है, बल्कि उसकी सोच, निर्णय क्षमता और व्यवहार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा:
उमेश कुमार स्वासी ने कहा: “नशा सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि ऐसा जहर है जो पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे की वजह से परिवार बिखर रहे हैं और समाज में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं।”
बीडीओ ने यह भी बताया कि नशे के कारण आर्थिक स्थिति बिगड़ती है, घरेलू हिंसा बढ़ती है और बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें।
नालसा हेल्पलाइन 15100 की दी गई जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नालसा (NALSA) हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि यह एक टोल-फ्री हेल्पलाइन है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति विधिक सहायता, परामर्श या मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है।
ग्रामीणों को यह समझाया गया कि यदि नशे से जुड़ी किसी समस्या, घरेलू विवाद, हिंसा या अन्य कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हो, तो वे बिना किसी झिझक के इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। विधिक सेवा प्राधिकार की यह पहल समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।
विधिक स्वयंसेवकों की अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका भी सराहनीय रही। इस मौके पर भूक्साय खेरवार, विष्णु रौतिया, दीपक कुमार, मधुवती देवी, बीरेंदर नायक और आरिफ अंसारी मुख्य रूप से सक्रिय रहे। स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उन्हें नशे से होने वाले नुकसान को सरल भाषा में समझाया।
विधिक स्वयंसेवकों ने बताया कि नशामुक्ति केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे नशे से दूरी बनाकर शिक्षा, खेल और रचनात्मक कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएं।
ग्रामीणों में दिखी जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी अपनी बात रखी और नशे के कारण उत्पन्न समस्याओं को साझा किया। कई लोगों ने माना कि नशे की वजह से गांवों में घरेलू कलह, आर्थिक तंगी और आपसी विवाद बढ़े हैं। जागरूकता कार्यक्रम से ग्रामीणों में यह समझ विकसित हुई कि नशामुक्ति के बिना स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण संभव नहीं है।
न्यूज़ देखो: नशामुक्ति की दिशा में जरूरी पहल
डुमरी प्रखंड में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम बताता है कि प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकार सामाजिक समस्याओं को लेकर गंभीर हैं। नशामुक्ति जैसे विषय पर ग्रामीण स्तर पर संवाद बेहद जरूरी है। अब जरूरत है कि ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता बनी रहे और समाज भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशामुक्त समाज की जिम्मेदारी हम सबकी
नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, पूरे समाज को कमजोर करता है। अगर आज हम जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियां इसकी कीमत चुकाएंगी। नशे के खिलाफ आवाज उठाएं, सही जानकारी साझा करें और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें। अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।





