
#गुमला #सड़क_सुरक्षा : एक्स्ट्रा टॉर्च व सर्च लाइट लगे वाहनों पर DTO टीम की देर रात बड़ी कार्रवाई—जुर्माना व ऑन-स्पॉट लाइट जब्ती
- 4 दिसंबर की देर रात DTO ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में विशेष चेकिंग अभियान।
- टॉर्च लाइट, सर्च लाइट एवं अन्य तेज एक्स्ट्रा लाइट लगे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई।
- मौके पर ₹99,000 (निन्यानवे हजार) का जुर्माना वसूला गया।
- व्यावसायिक वाहनों—हाइवा, पिकअप, कार—पर विशेष निगरानी।
- कई वाहनों से अवैध लाइटें तुरंत निकलवाकर जब्त की गईं।
- DTO ने चेताया—केवल कंपनी फिटेड लाइट ही मान्य, अवैध फिटमेंट पर सख्त कार्रवाई होगी।
गुमला (04 दिसंबर 2025)। सड़क सुरक्षा को लेकर गुमला जिला प्रशासन लगातार सख्त होता जा रहा है। इसी क्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल अपनी टीम के साथ 4 दिसंबर की देर रात फिर सड़कों पर उतरे। उद्देश्य साफ था—सड़कों पर तेज रोशनी बिखेरती टॉर्च लाइट, सर्च लाइट और अन्य अवैध एक्स्ट्रा लाइटों पर लगाम कसना, जो दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनती हैं। चेकिंग के दौरान कई वाहनों को रोका गया, उनकी लाइटें हटवाई गईं और मौके पर जुर्माना भी वसूला गया।
कैसे हुई रात की कार्रवाई
चेकिंग टीम ने गुमला जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर देर रात गश्त की। उन वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो सामने से आने वाले चालकों की आंखों में चुभने वाली तेज अतिरिक्त लाइटें लगाकर सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे थे।
अभियान में मुख्य रूप से निम्न श्रेणी के वाहनों पर कार्रवाई हुई:
- व्यावसायिक हाइवा (Hyva)
- पिकअप वाहन
- चार पहिया निजी व व्यावसायिक कारें
मौके पर ₹99,000 का भारी जुर्माना
कार्रवाई के दौरान कुल ₹99,000 का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने न सिर्फ नियम तोड़ने वाले वाहनों को रोका, बल्कि वहीं पर उनकी अवैध लाइटें निकलवाकर जब्त भी कीं।
जिन वाहनों में तेज गति या नंबर प्लेट छुपाकर चलने की शिकायत मिली, उन्हें भी कार्रवाई की ज़द में लाया गया।
DTO की सख्त चेतावनी—“किसी भी अवैध मॉडिफिकेशन की अनुमति नहीं”
DTओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वाहन चालक किसी भी प्रकार का अवैध फिटमेंट न करें। उन्होंने कहा:
“ केवल कंपनी फिटेड लाइट ही मान्य है।
एक्स्ट्रा टॉर्च लाइट या सर्च लाइट न सिर्फ नियम विरुद्ध है बल्कि बुरा हादसा करा सकती है।
जो भी चालक ऐसे अवैध मॉडिफिकेशन करते पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।”
उन्होंने बताया कि तेज रोशनी सामने आने वाले वाहन चालकों की आंखों पर सीधी पड़ती है, जिससे उनकी दृश्यता कम हो जाती है और दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
अभियान क्यों है महत्वपूर्ण?
गुमला में हाल के महीनों में रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में तेज रोशनी वाले मॉडिफाइड वाहनों की भूमिका सामने आई है। ऐसे में DTO टीम का यह अभियान सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की लगातार सख्ती से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।



न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा पर गुमला मॉडल असरदार?
DTO टीम की लगातार कार्रवाई यह संकेत देती है कि जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं कर रहा। अवैध लाइटें हटाने और भारी जुर्माना लगाने से वाहन चालकों में नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। यदि यह अभियान नियमित रूप से जारी रहा, तो गुमला में रात के हादसों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिल सकती है।
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सुरक्षित सड़कें—हम सबकी जिम्मेदारी
तेज रोशनी लगाना सिर्फ नियम तोड़ना नहीं, बल्कि दूसरों की जान जोखिम में डालना है। सड़क सुरक्षा तभी संभव है जब हम सभी मिलकर यातायात नियमों का सम्मान करें। अपने क्षेत्र में ऐसी समस्याएं दिखें तो प्रशासन को अवश्य सूचित करें।
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