
#झारखंड #शिक्षा_निर्देश : अत्यधिक ठंड के कारण राज्यभर में प्री-नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं तीन दिनों के लिए बंद।
झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य में बढ़ती शीतलहर और अत्यधिक ठंड को देखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। 6 जनवरी 2026 से 8 जनवरी 2026 तक झारखंड के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में प्री-नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं स्थगित रहेंगी। यह आदेश विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में समान रूप से लागू किया गया है। हालांकि, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों की उपस्थिति तथा प्री-बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अलग प्रावधान किए गए हैं।
- झारखंड सरकार ने शीतलहर के मद्देनज़र सभी विद्यालयों में कक्षाएं स्थगित कीं।
- 06 जनवरी से 08 जनवरी 2026 तक प्री-नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई बंद।
- आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक एवं निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू।
- सरकारी स्कूलों के शिक्षक व कर्मी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे।
- प्री-बोर्ड परीक्षा को लेकर सक्षम प्राधिकार को निर्णय का अधिकार।
राज्य में लगातार गिरते तापमान और ठंड के प्रकोप को देखते हुए झारखंड सरकार ने विद्यार्थियों के हित में यह एहतियाती कदम उठाया है। बीते कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे छोटे बच्चों, किशोरों और कमजोर स्वास्थ्य वाले छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई थी। इसी पृष्ठभूमि में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी जिलों के लिए एकसमान आदेश जारी किया है।
क्या है सरकार का आधिकारिक आदेश
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार द्वारा जारी कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य में संचालित सभी कोटि के सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक विद्यालय सहित) एवं सभी निजी विद्यालयों में दिनांक 06.01.2026 से 08.01.2026 तक वर्ग-प्रि नर्सरी/नर्सरी से वर्ग-12वीं तक की सभी कक्षाएं बंद रहेंगी। यह आदेश झारखंड के सभी जिलों में समान रूप से लागू होगा।
शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए निर्देश
हालांकि कक्षाएं स्थगित की गई हैं, लेकिन आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी उक्त अवधि में अपनी उपस्थिति दर्ज करते हुए विद्यालय से संबंधित गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करेंगे। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों, रिकॉर्ड संधारण, विभागीय रिपोर्टिंग और अन्य आवश्यक दायित्वों को प्रभावित होने से बचाना है।
प्री-बोर्ड परीक्षा को लेकर क्या होगा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि के दौरान किसी विद्यालय में प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित होनी है, तो संबंधित सक्षम प्राधिकार अपने विवेकानुसार परीक्षा संचालन के संबंध में आवश्यक निर्णय ले सकते हैं। यानी स्थानीय परिस्थितियों और मौसम की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा स्थगित या वैकल्पिक व्यवस्था का निर्णय जिला अथवा विद्यालय स्तर पर लिया जा सकता है।
विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह आदेश पूरी तरह से विद्यार्थियों को शीतलहर से संभावित स्वास्थ्य जोखिम से बचाने के उद्देश्य से जारी किया गया है। अत्यधिक ठंड में सुबह-सुबह स्कूल जाना छोटे बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। सर्द हवा, कोहरा और गिरता तापमान सर्दी-जुकाम, निमोनिया और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है।
जिला प्रशासन और अभिभावकों से अपील
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन एवं आमजन से अपील की है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखें। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं, अनावश्यक रूप से बाहर न भेजें और प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन करें। विद्यालय प्रबंधन को भी निर्देश दिया गया है कि वे आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
पूरे झारखंड में लागू है आदेश
यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह आदेश केवल किसी एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड राज्य में संचालित सभी प्रकार के विद्यालयों पर लागू है। चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी, सरकारी स्कूल हो या निजी संस्थान—सभी को इस निर्देश का पालन करना अनिवार्य होगा।

न्यूज़ देखो: बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी फैसला
झारखंड सरकार का यह निर्णय दर्शाता है कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क है। ठंड के मौसम में समय रहते लिया गया यह कदम कई संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को टाल सकता है। हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे और निर्णय लिए जा सकते हैं। यह भी देखना होगा कि क्या कक्षाएं दोबारा खोलने से पहले मौसम सामान्य होता है या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग रहें, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें
शीतलहर के इस दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। बच्चों को गर्म और सुरक्षित वातावरण देना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है। विद्यालय बंद होने की अवधि का उपयोग स्वास्थ्य, पढ़ाई की हल्की पुनरावृत्ति और पारिवारिक समय के लिए करें। इस अहम जानकारी को अन्य अभिभावकों तक साझा करें, अपनी राय कमेंट में बताएं और खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी परिवार इस जरूरी सूचना से वंचित न रहे।





